दिल्ली: जीएसटी से भरा खजाना

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली May 03, 2018 09:43 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दम पर दिल्ली सरकार का खजाना भरने लगा है। दिल्ली सरकार के वैट व जीएसटी विभाग ने वित्त वर्ष 2017-18 में पहली बार तय लक्ष्य से ज्यादा राजस्व हासिल किया है। इससे पहले विभाग लक्ष्य तो दूर संशोधित लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाता था। चालू वित्त वर्ष के पहले माह के दौरान भी राजस्व में वृद्घि जारी है और इस माह भी जीएसटी संग्रह लक्ष्य से अधिक रहा है।

दिल्ली सरकार में जीएसटी व वैट विभाग आयुक्त एच राजेश प्रसाद ने बताया कि शुरुआत में जीएसटी अनुपालन में दिक्क्तें जरूर आ रही थी, लेकिन अब ऐसी समस्या नहीं है। इससे विभाग वर्ष 2017-18 के निर्धारित लक्ष्य से भी ज्यादा राजस्व वसूली करने में सफल रहा। सरकार ने वर्ष 2017-18 में जीएसटी व वैट से 26,000 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा था जबकि विभाग ने लक्ष्य से अधिक 26,338 करोड़ रुपये राजस्व हासिल किया।

प्रसाद ने कहा कि इस वित्त वर्ष में भी राजस्व वसूली में वृद्घि की रफ्तार जारी है। अप्रैल में एसजीएसटी व आईजीएसटी से 2,074 करोड़ के साथ वैट से प्राप्त 392 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 2,466 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले अप्रैल से करीब 42 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा इस बात की पूरी संभावना है कि विभाग इस वित्त वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में कामयाब होगा।

ई-वे बिल लागू होने और जीएसटी में कारोबारियों को आ रही दिक्कतें दूर होने के बाद अनुपालन बढ़ेगा जिसका राजस्व संग्रह वृद्घि पर भी सकारात्मक असर होगा। इस वित्त वर्ष के लिए महीने में जीएसटी संग्रह का लक्ष्य 2,072 करोड़ रुपये है, जिसके आधार पर जीएसटी हर्जाने का भुगतान मिलना है। इस लक्ष्य से कम हासिल होने पर केंद्र सरकार हर्जाने का भुगतान करेगी। इस वित्त वर्ष के पहले महीने में सरकार को इस लक्ष्य से 2 करोड़ रुपये अधिक मिले।

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