जीएसटी परिषद करेगी हाइब्रिड मॉडल का चयन!

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली May 03, 2018 09:55 PM IST

कारोबार सुगम बनाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद शुक्रवार को होने वाली बैठक में रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान कर सकती है। इसके लिए परिषद बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी द्वारा सुझाए गए हाइब्रिड मॉडल को अपनाएगी। प्रस्तावित मॉडल इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी द्वारा सुझाए गए मॉडल और सरकारी अधिकारियों की पसंद 'प्रोविजनल क्रेडिट मॉडल' का मेल है। क्रेता को विक्रेता द्वारा अपलोड किए गए चालान जिसमें गुम हुए चालान भी शामिल हैं, के एवज में इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि विक्रेता ने कर भुगतान किया है अथवा नहीं।  
 
एक अधिकारी ने कहा, 'परिषद इस पर विचार करेगी। इसे स्वीकार किए जाने की उम्मीद है।'   अधिकारी ने कहा, 'हाइब्रिड मॉडल में, भुगतान को लेकर विक्रेता से कोई मतलब नहीं होगा। विक्रेता द्वारा चालान अपलोड करते ही क्रेता को क्रेडिट मिल जाएगा। विक्रेता द्वारा कर का भगुतान नहीं किए जाने पर भी क्रेता को किसी प्रकार का के्रडिट देने से इनकार नहीं किया जाएगा।'  एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'यह कारोबार के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम होगा।' सलाहकार फर्म डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस मणि ने कहा, 'यह बहुत ही अनुचित होगा कि विक्रेता द्वारा जीएसटी का भुगतान नहीं किए जाने पर क्रेता को क्रेडिट वापस करना पड़े जो कि उसे पहले ही विक्रेता को कर भुगतान किए जाने के बाद मिला है। नतीजतन, ऐसा कोई मॉडल जिसमें प्रामाणिक क्रेडिट की वापसी की जरूरत नहीं पड़े, स्वागतयोग्य है।'
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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