वित्त वर्ष 2018-19 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी : आईएमएफ

भाषा | वॉशिंगटन May 09, 2018 05:57 PM IST

भारत की अर्थव्यवस्था नोटबंदी तथा जीएसटी के क्रियान्वयन से उबर गई है और इसकी वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत तथा आगे और बढ़ कर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की रपट आईएमएफ क्षेत्रीय आर्थिक परिदृश्य : एशिया एवं प्रशांत के अनुसार एशिया इस समय दुनिया की अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन बना हुआ है और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में इस क्षेत्र का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है। इसमें तीन-चौथाई हिस्सा चीन और भारत का है। इसमें यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में जोखिम और चुनौतियां हैं। इसमें वैश्विक वित्तीय स्थिति का कड़ा होना, संरक्षणवाद की ओर बढऩा, उम्रदराज आबादी, उत्पादकता में धीमी वृद्धि तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढऩा शामिल हैं।

एशिया में इस साल और अगले वर्ष आर्थिक वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका आधार मजबूत वैश्विक मांग के साथ-साथ उदार नीतियां तथा वित्तीय स्थिति हैं। इसमें कहा गया है, भारत में वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका कारण अर्थव्यवस्था का नोटबंदी तथा वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं से उबरना है। वहीं, चीन में आर्थिक वृद्धि दर चालू वर्ष में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो अगले साल थोड़ा नरम होकर 6.4 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार एशिया में मुद्रास्फीति की दर अभी कम है और यह कई दशकों का न्यूनतम स्तर है। लेकिन कच्चे तेल के दाम में वृद्धि के कारण सितंबर 2017 से इसमें वृद्धि हो रही है।

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