ई-वाहनों में लगेंगी हरी नंबर प्लेट

भाषा | नई दिल्ली May 10, 2018 11:47 AM IST

निजी ई-वाहन के लिए सफेद और टैक्सी के लिए होंगे पीले रंग के नंबर प्लेट
कैब एग्रीगेटर को अपने बेड़े में एक निश्चित संख्या में रखने हो सकते हैं ई-वाहन
16 से 18 आयु वर्ग के युवाओं को बिना गियर वाले ई-वाहन चलाने की होगी अनुमति
ई-वाहनों को परमिट में भी दी जा सकती है रियायत

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष हरित लाइसेंस नंबर प्लेट को आज मंजूरी दे दी। इन प्लेट में  निजी ई-वाहनों के नंबर सफेद शब्दों व अंकों में लिखे होंगे, वहीं  टैक्सी के लिए इनका रंग पीला होगा। इसके साथ ही सरकार 16 से 18 आयुवर्ग के युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही टैक्सी बुकिंग सेवा (कैब एग्रीगेटर) प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अपने बेड़े में कुछ हिस्सा ई-वाहनों का रखना अनिवार्य किया जा सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। गडकरी ने कहा, 'सरकार ने वाहनों के लिए विशेष हरित लाइसेंस प्लेट को मंजूरी दी है। ऐसे वाहनों की हरित लाइसेंस प्लेट में निजी ई-वाहनों के लिए नंबर सफेद शब्दों व अंकों में लिखे होंगे वहीं टैक्सी के लिए इनका रंग पीला होगा।'

उन्होंने कहा कि इस बारे में अधिसूचना सप्ताह भर में जारी की जाएगी।  गडकरी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की पहचान आसान बनाना है ताकि पार्किंग में वरीयता सहित अन्य कामों के लिए दिक्कत नहीं हो। सरकार इसके जरिये देश भर में ई-वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना चाहती है।

सरकार ऐसे वाहनों को परमिट की अनिवार्यता से छूट देने पर विचार कर रही है और गडकरी के अनुसार ऐसा करना पासा पलटने वाला हो सकता है क्योंकि प्रतिबंधित परमिट प्रणाली बड़ी चिंता है। परमिट से छूट मिलने से ई-रिक्शा का तेजी से विकास हुआ है। ऐसे में ई-बस, ई-टैक्सी, ई-ऑटो और ई-बाइक को भी परमिट से छूट दी जा सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार 16-18 आयु वर्ग के युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। ऐसे वाहन बिना गियर वाले होंगे और इससे ई-स्कूटरों के लिए भारी मांग निकलेगी।  मोटर वाहन कानून 1988 के तहत 16-18 आयु वर्ग के युवाओं को 50 सीसी से कम क्षमता और बिना गियर वाले स्कूटर चलाने की अनुमति है। हालांकि देश में इस श्रेणी में स्कूटर नहीं बनता है।

गडकरी ने कहा कि सरकार टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली कंपनियों से 2020 से अपने बेड़े में एक निश्चित संख्या में ई-वाहन शामिल करने को कह सकती है। यह हर साल के लिए बेड़े का एक प्रतिशत हो सकता है। यह अनिवार्यता सार्वजनिक परिवहन प्रदाताओं के लिए भी की जा सकती है। इसके अलावा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय वित्त मंत्रालय से ई-वाहन के लिए मूल्यह्रïास दर 50 फीसदी करने की अनुमति देने का अनुरोध करेगा। पारंपरिक वाहनों के लिए ह्रïास दर 15 फीसदी है। इसके साथ ही ई-वाहन की बैटरियों पर जीएसटी दर घटकर 12 फीसदी करने का भी प्रस्ताव है।

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