अप्रैल में 48 प्रतिशत बढ़ा पूंजीगत व्यय

अरूप रायचौधरी | नई दिल्ली May 23, 2018 10:12 PM IST

अप्रैल 2018 में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पिछले साल की समान अवधि की तुलना मेंं 48 प्रतिशत बढ़ा है। लगातार दो साल समय से पहले बजट पेश किए जाने से ऐसा हुआ है। पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी के बड़े लाभार्थी रक्षा मंत्रालय, रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय रहे हैं।  वरिष्ठ सरकारी सूत्रों से बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक 2018-19 के पहले महीने में पूंजीगत व्यय करीब 430 अरब रुपये रहा है, जो अप्रैल 2017 में करीब 290 अरब रुपये था। बहरहाल कुल व्यय 2.42 लाख करोड़ रुपये से घटकर 2.31 लाख करोड़ रुपये रह गया है। 
 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'पिछले साल अप्रैल में 2016-17 का पुराना बकाया था, जो आगे बढ़ाया गया। अप्रैल 2018 की तुलना मेंं ज्यादा उर्वरक और खाद्यान्न सब्सिडी के  बकाये का भुगतान किया गया।' उन्होंने कहा कि इसके अलावा हमारा जोर व्यय आवंटन की फ्रंट लोडिंग पर रहा।  कम पुराने बकाये से राजस्व खर्च आवंटन में कमी आई। अप्रैल मेंं यह करीब 1.87 लाख करोड़ रुपये था, जो अप्रैल 2017 के 2.13 लाख करोड़ रुपये की तुलना मेंं 14 प्रतिशत कम है। अप्रैल 2018 के लिए आधिकारिक व्यय, राजस्व और राजकोषीय घाटे के आंकड़े 31 मई को जारी किए जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्रालय के लिए पूंजीगत व्यय का आवंटन 127 प्रतिशत बढ़कर 148 अरब रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 65 अरब रुपये था। पिछले साल अप्रैल की तुलना में इस साल अप्रैल में रेलवे मेंं पूंगीगत वव्यय मेंं 20 अरब रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को 70 अरब रुपये अतिरिक्त आवंटन हुआ। 
 
केंद्रीय बजट 2017-18 पहला बजट था, जिसे 28 फरवरी की जगह 1 फरवरी को समय से पहले पेश किया गया और केंद्र सरकार ने अन्य वर्षों के विपरीत ज्यादा अदायगी की। लेखानुदान का इस्तेमाल अप्रैल जून तिमाही के लिए हुआ वहीं वित्त विधेयक मई में पारित होने को है। 2017-18 के बजट में दो अहम बदलाव किए गए। रेल  और आम बजट का विलय कर दिया गया व योजनागत और गैर योजनागत व्यय का वर्गीकरण खत्म कर दिया गया। यह बदलाव 2018-19 में भी जारी रहा।
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