तेल की पतली धार देख उछला बाजार

बीएस संवाददाता | मुंबई May 28, 2018 09:59 PM IST

वैश्विक स्तर पर तेल कीमतें फिसलने से बाजार ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 241 अंक चढ़कर 35,165.5 पर बंद हुआ। इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 83.5 अंक चढ़कर 10,688.7 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में दोनों सूचकांकों में कुल मिलाकर 2.5 प्रतिशत तेजी आई है। इससे पिछले सप्ताह तेल कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से दोनों सूचकांकों में 3.4 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई थी। 

सऊ दी अरब और रूस के उत्पादन बढ़ाने पर सहमत होने के बाद तेल कीमतों में गिरावट देखी गई। दोनों देशों ने वेनेजुएला और ईरान से आपूर्ति में कटौती की भरपाई्र करने का भी आश्वासन दिया। सोमवार को कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था, जो 23 मई को कई सालों के ऊंचे स्तर 80 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले 6 प्रतिशत कम था।  

लगातार तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से भी निवेशकों का उत्साह बढ़ा। रुपया अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 1.5 प्रतिशत मजबूती के साथ 67.42 पर बंद हुआ। 23 मई को रुपया पिछले 16 महीनों के निचले स्तर 68.42 तक फिसल गया था। दुनिया के दूसरे तेजी से उभरते बाजारों में भी तेजी देखी गई।

फिडेलिटी इंटरनैशनल के पोर्टफोलियो मैनेजर पॉल ग्रीर ने कहा,'दुनिया के तेजी से उभरते बाजारों के लिए बाहरी कारक खासकर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड का प्रदर्शन खासा मायने रखा। पिछले कुछ हफ्तों में इन दोनों ने निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया है।' डॉलर और बॉन्ड पर प्राप्तियां बढऩे से पिछले हफ्ते तक निवेशक जोखिम भरी परिसंपत्तियों में जमकर बिकवाली कर रहे थे। इस महीने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 84 अरब रुपये मूल्य के शेयर बेचे हैं। हालांकि बाजार में रंगत लौटने के बाद भी एफपीआई बिकवाली जारी रखे हुए हैं। सोमवार को उन्होंने 8 अरब रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 10 अरब रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की।

सोमवार को तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के शेयरों में 4 से 6 प्रतिशत तक तेजी देखी गई। विमानन कंपनियों इंटरग्लोब एविऐशन, जेटएयरवेज और स्वाइसजेट के शेयरों में क्रमश: 3 प्रतिशत, 8 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। डॉलर फिसलने से तकनीकी कंपनियों के शेयर जरूर फिसले। कुल मिलाकर बीएसई में 1,843 शेयर चढ़े, जबकि 848 में गिरावट देखी गई। निकट अवधि में तेल की कीमतों में बदलाव निवेशकों का उत्साह प्रभावित कर सकते हैं। ज्यादातर विश्लेषकों के  अनुसार तेल 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकता है। 
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