वेनेजुएला से रुपये में कारोबार!

शाइन जैकब | नई दिल्ली May 30, 2018 09:06 PM IST

अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद वेनेजुएला ने भारत के साथ रुपये के माध्यम से कारोबार करने के लिए वित्त मंत्रालय व भारतीय स्टेट बैंक के साथ संपर्क साधा है। इससे ओएनजीसी विदेश (ओवीएल) और डॉ रेड्डीज जैसी दवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। ओएनजीसी विदेश का करीब 40 करोड़ डॉलर और दवा क्षेत्र की कंपनियों जैसे डॉ रेड्डीज, ग्लेनमार्क, क्लैरिस, सन फार्मा और स्ट्राइड का करीब 35 करोड़ डॉलर भुगतान वेनेजुएला में अटका हुआ है। इसकी वजह यह है कि सरकार विदेश में स्थित मूल कंपनियों की सहायक शाखाओं को स्वदेश में धन लाने को मंजूरी नहीं दे रही थी। अगर भारत इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है तो वेनेजुएला तीसरा ऐसा देश होगा, जिसके साथ भारतीय रुपये में कारोबार होने लगेगा। ईरान और भूटान के साथ पहले से रुपये में कारोबार हो रहा है। 

 

वेनेजुएला के एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा, 'हमने स्टेट बैंक से कारोबार के लिए रुपया खाता खोलने के लिए संपर्क किया है। इस सिलसिले में औपचारिक प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के समक्ष भी पेश किया गया है। मंत्रालय ने हमें बताया है कि इस पर अन्य हिस्सेदारों जैसे वाणिज्य मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से बातचीत हो रही है।' चौथी तिमाही के परिणाम में डॉ रेड्डीज ने सूचित किया था कि उसने संकटग्रस्त दक्षिण अमेरिकी देश में दवाओंं की आपूर्ति रोक दी है, ऐसे में कंपनी को उन देशों से 8 करोड़ डॉलर के करीब बकाया है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक ग्लेनमार्क का भी करीब 4.5 करोड़ डॉलर नकदी वेनेजुएला से भारत नहीं आ पा रही है। 

 

सूत्रों ने बताया कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विदेश में सहायक कंपनी ओवीएल या पेट्रोलियम मंत्रालय को अभी इस सिलसिले में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'इस कदम से भारत फायदे में रह सकता है क्योंकि वेनेजुएला भारत को कच्चे तेल के आयात पर छूट की पेशकश कर रहा है। भारत की दवा कंपनियों का मोटा पैसा वहां अटका हुआ है।' 
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