सौर लैंप के वितरण की योजना पर काम

निर्माल्य बेहड़ा | भुवनेश्वर Jun 01, 2018 11:12 PM IST

सरकारी क्षेत्र की एनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की 70 लाख सौर अध्ययन लैंप योजना को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (आईआईटी-बी) के साथ मिलकर लागू कर रही है। अब वह देश भर में सौर लैंप के वितरण के लिए इसे कारोबार मॉडल के तौर पर अपनाने की योजना बना रही है।  

ईईएसएल के मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) एस पी गरनाइक ने कहा, 'हमारी योजना इस कार्यक्रम को एक कारोबारी मॉडल के रूप में लेने की है लेकिन इस पर विचार और निर्णय दिसंबर 2018 के बाद किया जाएगा।'

एमएनआरई ने असम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में लागू किए जाने वाले 70 लाख सौर अध्ययन लैंप योजना को मंजूरी दे दी है और ऐसे क्षेत्रों के लोग इसके लाभार्थी होंगे जहां ग्रिड आपूर्ति की व्यवस्था नहीं अब तक नहीं हो पाई है।    

केंद्र द्वारा प्रायोजित इस परियोजना का कुल बजट 4.94 अरब रुपये है। इसमें सौर अध्ययन लैंप के कुल कीमत का एक प्रतिशत ईईएसएल को बतौर सेवा शुल्क दिया जाना भी शामिल है। इसमें लाभान्वित होने वाले छात्र का योगदान 100 रुपये प्रति सौर अध्ययन लैंप होगा। 

उन्होंने कहा, 'यदि ईईएसएल इस योजना में समूचे देश को शामिल करने की योजना बनाती है तो उसे 1.5 करोड़ सौर अध्ययन लैंपों के लिए करीब 6 से 8 अरब रुपये की जरूरत होगी।' एक लैंप की कीमत 550 रुपये है जिसमें से सरकार योजना के तहत छूट के तौर पर करीब 450 रुपये का योगदान कर रही है और शेष 100 रुपये का वहन लाभार्थी को करना होता है।
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