मुनाफे की राशि जमा करने को लेकर भ्रम बरकरार

दिलाशा सेठ और अर्णव दत्ता | नई दिल्ली Jun 05, 2018 09:56 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (एनएए) गठित किए जाने के 6 महीने बाद भी कंपनियों को मुनाफे की राशि स्वेच्छा से जमा करने की व्यवस्था को लेकर भ्रम बना हुआ है।  उदाहरण के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर एनएए से बैंक खाते के ब्योरे का इंतजार कर रही है, जिससे कि वह सरकार के खाते में 160 करोड़ रुपये जमा कर सके। हालांकि एनएए ने नेस्ले इंडिया को सलाह दी है कि उसने मुनाफे की जिस राशि की स्वत: गणना की है, उस राशि को उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराए। अभी इस कोष का गठन केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के तहत किया जाना है।
 
एचयूएल ने बिजनेस स्टैंडर्ड की ओर से पूछे गए सवाल के  जवाब में कहा है, 'इस विषय पर स्पष्ट कानूनी प्रावधान न होने के कारण सुरक्षा महानिदेशालय को निवेदन भेज दिया गया और इस पर अभी भी चर्चा जारी है। कंपनी उनकी ओर से बैंक खाते के ब्योरे का इंतजार कर रही है, जिससे हम जल्द से जल्द उस राशि का चेक जमा कर सकें।'   जीएसटी के मुनाफाखोरी रोधी नियमों के मुताबिक, 'इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ को कीमतों में कमी कर उपभोक्ता तक पहुंचाया जाना चाहिए।'   एचयूएल ने कहा कि समय की कमी की वजह से तत्काल यह संभव नहीं था कि 15 नवंबर को जीएसटी दरें घटाए जाने के बाद ग्राहकों को तत्काल फायदा पहुंचाया जा सके क्योंकि कुछ स्टॉक ग्राहकों तक पहुंचने के रास्ते में था। दरअसल कंपनी ने स्वेच्छा से गणना कर 124 करोड़ रुपये सरकार को देने की पेशकश की है। 
 
एचयूएल ने कहा, 'इसके बाद हमारे पुनर्वितरण स्टॉकिस्टों के आधार पर हमने 36 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुनाफे की गणना हुई, जिसका भुगतान उन्हें करना चाहिए।' इस तरह से कुल राशि 160 करोड़ रुपये बनती है। कंपनी को सुरक्षा महानिदेशालय से नोटिस मिला है कि वह मुनाफे की राशि का निर्धारण करे।  मुनाफाखोरी रोधी व्यवस्था तीन चरणोंं की प्रक्रिया है। स्थानीय शिकायतों के लिए राज्य स्तर की जांच समिति होती है और राष्ट्रीय स्तर की शिकायतों के लिए स्थायी समिति बनाई गई है। उसके बाद सुरक्षा महानिदेशालय द्वारा जांच की जाती है। सुरक्षा महानिदेशालय द्वारा 3 महीने की जांच के बाद मामला एनएए के पास जाता है, जो दिल्ली के कनॉट प्लेस में जीवन भारती बिल्डिंग के छठे मंजिल पर है। एनएए इस समय 50 शिकायतों पर विचार कर रहा है और आने वाले सप्ताहों में इन मामलों पर आदेश आ सकता है। 
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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