विनियंत्रण का फैसला वापस नहीं लेंगे: प्रधान

ज्योति मुकुल | नई दिल्ली Jun 06, 2018 09:45 PM IST

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विनियमन के फैसले को वापस लेने की अटकलों को खारिज कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार आम आदमी के हितों की रक्षा करेगी और पेट्रोलियम कीमतों को बहुत अधिक बढऩे नहीं देगी। अपनी सरकार की 4 साल की उपलब्धियों पर संवाददाताओं से बात करते हुए प्रधान ने कहा, 'हम इस क्षेत्र में सुधार पर आगे नहीं बढ़ सकते हैं। विनियमन के फैसले को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं है।' सरकार खुदरा ईंधन कीमत पर समग्रता से विचार करेगी। ईंधन कीमत के निर्धारण में वैश्विक तेल कीमतों के अलावा कर और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने भूमिका निभाई।   
 
प्रधान ने कहा कि सरकार सभी पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के पक्ष में थी लेकिन इस पर फैसला जीएसटी परिषद को करना है। फिलहाल पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस जीएसटी के दायरे से बाहर है जिससे तेल कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट से वंचित रह जाती हैं। पिछले हफ्ते मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के साथ कीमत वृद्घि के मुद्ïदे पर बैठक की थी। जब मंत्री से इस संदर्भ में पूछा गया कि क्या तेल और प्राकृतिक गैस निगम  और ऑयल इंडिया को छूट का बोझ वहन के लिए कहा जाएगा, इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रधान ने कहा पहली बार सऊदी अरब के तेल मंत्री ने भारत सरकार के किसी मंत्री को यह कहने के लिए फोन किया कि वे तेल उत्पादन में कमी के  निर्णय की फिर से समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेल उत्पादक देश भी यह समझते हैं कि अगले 25 वर्ष में कारोबार के मौके एशिया, विशेषकर भारत में होंगे।   
 
प्रधान ने कहा, 'हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता हैं। प्रतिव्यक्ति खपत के मामले में हम सबसे कम उपभोग वाले देशों में से एक हैं और वृद्घि बहुत अधिक है।' उन्होंने कहा कि ईरान से भारत के तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। डीजल और पेट्रोल दोनों की खुदरा कीमतों में पिछले एक सप्ताह से गिरावट हो रही है। इस दौरान डीजल की कीमत में 51 पैसे और पेट्रोल की कीमत में 71 पैसे की कमी हुई है। पिछले महीने दोनों ईंधनों की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई को छू गई थी जिसके चलते इन दो उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की मांग उठने लगी थी। 
कीवर्ड cruid oil, price, dharmendra pradhan, petrol,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक