प्राकृतिक गैस को जीएसटी में लाना मुश्किल

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Jun 10, 2018 09:38 PM IST

प्राकृतिक गैस और जेट ईंधन को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने का मसला गरमा सका है क्योंकि कुछ राज्य इस कदम का तीखा विरोध करेंगे। शुक्रवार को जीएसटी परिषद के अधिकारियों ने कहा कि परिषद की आगामी बैठक में प्राकृतिक गैस को प्रायोगिक तौर पर जीएसटी के दायरे में लाने पर प्रस्ताव लाया जा सकता है। साथ ही पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के पहले विमान ईंधन (एटीएफ) को इसमें शामिल किया जा सकता है।  वैश्विक तेल के दाम में तेज बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं पर बोझ पडऩे के बावजूद राज्य पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। बहरहाल ज्यादातर राज्य प्राकृतिक गैस और एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में हैं क्योंकि इससे राजस्व का कम नुकसान होगा। 
 
जीएसटी परिषद के संयुक्त सचिव धीरज रस्तोगी ने शुक्रवार को पीएचडी चैंबर के एक कार्यक्रम में कहा था कि प्राकृतिक गैस को जीएसटी में शामिल करने को लेकर कुछ सहमति बनी है और इसे पेट्रोलियम के पहले उत्पाद के रूप में जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। उसके बाद एटीएफ को शामिल किया जा सकता है।  आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यानामाला रामकृष्णुडू ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जीएसटी के चेयरमैन को पत्र लिखकर प्राकृतिक गैस को जीएसटी में शामिल किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है, 'आंध्र प्रदेश को प्राकृतिक गैस की बिक्री से 2017-18 में 523 करोड़ रुपये राजस्व मिला है। इसे जीएसटी में शामिल किए जाने पर प्राकृतिक गैस के उत्पादक होने के कारण हमारे राज्य को राजस्व का भारी नुकसान होगा क्योंकि खपत की तुलना में हमारा उत्पादन ज्यादा है।' उन्होंंने कहा कि जीएसटी पेश किए जाने के बाद राज्य पहले ही धन जुटाने को लेकर स्वायत्तता खो चुका है। उन्होंने शनिवार को लिखे पत्र में कहा, 'इस वजह से आंध्र प्रदेश अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में शामिल किए जाने का विरोध कर रहा है। अगर पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इससे राज्य को भारी नुकसान होगा।' 
 
हालांकि कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्हें प्राकृतिक गैस और एटीएफ को जीएसटी में शामिल किए जाने से कोई नुकसान नहीं है, लेकिन पेट्रोल व डीजल को को लेकर वे विरोध कर रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र ने कहा है कि वह पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में शामिल किए जाने के पक्ष में है।  असम के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि उनका राज्य प्राकृतिक गैस और एटीएफ को जीएसटी में शामिल किए जाने के पक्ष में है। उन्होंने कहा, 'प्राकृतिक गैस और एटीएफ को जीएसटी में शामिल किए जाने की संभावना है, क्योंकि इसके  हर्जाने का बोझ बहुत ज्यादा नहीं होगा। असम एटीएफ और प्राकृतिक गैस को जीएसटी में शामिल किए जाने के पक्ष में है।' 
कीवर्ड natural gas, GST,

  
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