एशियाई विकास बैंक ने भारत की अनुमानित वृद्धि दर घटाकर की 7 प्रतिशत

भाषा | नई दिल्‍ली Sep 26, 2017 12:51 PM IST

चालू वित्त वर्ष के लिए एशियाई विकास बैंक ने भारत की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान जताया है। पहले उसने यह आंकड़ा 7.4 %  दिया था। अगले वित्त वर्ष के लिए भी अनुमानित वृद्धि दर का आंकड़ा घटाया गया है। एशियाई विकास बैंक ने अपनी एशियाई विकास परिदृश्य-2017 की अद्यतन रपट में कहा है, वित्त वर्ष 2017-18 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 7%  रहने का अनुमान है। यह अप्रैल के अनुमान से 0.4% कम है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए यह अनुमानित आंकड़ा 7.6%  से घटाकर 7.4%  किया गया है। हालांकि इस बहुपक्षीय बैंक ने कहा कि यद्यपि नोटबंदी और नई माल एवं सेवाकर व्यवस्था को लागू करने से भारत में उपभोक्ता व्यय एवं कारोबारी निवेश पर असर पड़ा है लेकिन इसके बावजूद भारत की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। रपट में कहा गया है कि ये लघुअवधि के व्यवधान हैं और उम्मीद की जाती है कि मध्यम अवधि में इन पहलों से वृद्धि लाभांश अर्जित होगा।

एशियाई विकास बैंक की नवीनतम रपट में विकासशील एशिया में वृद्धि की आशा को बरकरार रखा गया है जो कि वैश्विक व्यापार में सुधार, बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में तेज विस्तार और चीन की संभावनाओं के बेहतर होने का परिणाम है। रपट में कहा गया है कि यह सभी बातें मिलकर पुराने अनुमानों से आगे जाकर 2017 और 2018 में विकासशील एशिया में वृद्धि को आगे बढ़ाएंगे। बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री यासुयुकी सवाडा के अनुसार विकासशील एशिया के लिए वृद्धि परिदृश्य अच्छा दिख रहा है जिसका मुख्य कारण वैश्विक व्यापार का पटरी पर लौटना एवं चीन में फिर मजबूती दिखना है। उन्होंने कहा, विकासशील एशियाई देशों को उत्पादकता बढ़ाने वाले सुधारों को लागू करने के लिए इन लघु अवधि आर्थिक परिदृश्यों का लाभ उठाना चाहिए। सबसे ज्यादा जरुरत वाले बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश करना चाहिए और अपनी दीर्घावधि वृद्धि क्षमताओं को बढ़ाने में मदद के लिए वृहद आर्थिक प्रबंधन का रखरखाव करना चाहिए।

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