क्रिप्टोसरेंसी लेनदेन हो सकता है पोंजी स्कीम, नहीं है कानूनी मान्यता

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Dec 29, 2017 02:14 PM IST

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आभासी मुद्रा (क्रिप्टोकरेंसी) में लेनदेन को लेकर जनता को आगाह किया है। मंत्रालय का कहना है कि बिटकॉइन, इथीरियम जैसी आभासी मुद्रा का कोई भा वास्तविक कीमत एवं आधार नहीं है और इनमें लेनदेन एक पोंजी स्कीम की तरह हो सकता है। मंत्रालय ने आगाह किया कि ऐसी किसी भी करेंसी को ना तो कोई कानूनी मान्यता है और ना ही ये 'मुद्रा या सिक्के' हैं। साथ ही, इनकी कीमतों में भी अनिश्चितता रहती है, जिससे इसमें निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। 

मंत्रालय ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में उछाल एक बुलबुला हो सकता है और इसमें लेनदेन से आप मेहनत करते कमाया गए धन को खो सकते हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आभासी मुद्रा को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है और इसके हैक होने, पासवर्ड खोने या मालवेयर हमले का भी खतरा बना रहता है। 

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार या आरबीआई ने विनिमय (एक्सचेंज) के माध्यम के लिए किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को अधिकृत नहीं किया है। गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक इससे पहले दिसंबर 2013, फरवरी 2017 और दिसंबर 2017 में आभासी मुद्रा को लेकर चेतावनी जारी कर चुकी है। 
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