दिसंबर के दौरान सेवा क्षेत्र में नजर आया सुधार

भाषा | नई दिल्ली Jan 04, 2018 03:12 PM IST

भारत का सेवा क्षेत्र दिसंबर में मामूली वृद्धि करते हुए फिर से वृद्धि की राह पर लौट आया है। यह बात एक प्रतिष्टित मासिक सर्वेक्षण से सामने आई है। इसमें कहा गया है कि दिसंबर में कंपनियों के नए ऑर्डर में कुल मिला कर टिकाऊपन दिखा। दिसंबर में कारोबार में रफ्तार जरूर दिखी पर रफ्तार अभी इस रपट की शुरुआत से अब तक वर्षों के औसत से कम है। सेवा कंपनियों के परचेजिंग मैनजरों के बीच कराए जाने वाले इस सर्वेक्षण (पीएमआई) में दिसंबर माह का बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स यानी कारोबार गतिविध सूचकांक सुधर कर 50.9 रहा है जो नवंबर में 48.5 था। पीएमआई का 50 से ऊपर रहना कारोबार में विस्तार और इससे नीचे रहने पर संकुचन दर्शाता है।

सर्वेक्षण करने वाली फर्म आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री और इस रपट की लेखिका आशना डोढिया ने कहा कि भारत के सेवा क्षेत्र में सुधार के संकेत दिखे हैं क्योंकि दिसंबर में इसमें मामूली बढ़त देखी गई है। हालांकि यह अभी भी कमजोर वृद्धि की राह पर बना हुआ है क्योंकि रपट बताती हैं कि वस्‍तु एवं सेवाकर (जीएसटी) नए ग्राहकों को बांधने के प्रयासों में अभी भी बाधा बन रहा है। इसी हफ्ते आई विनिर्माण पीएमआई की रपट के अनुसार दिसंबर में देश के विनिर्माण क्षेत्र ने काफी प्रगति की है।

विनिर्माण पीएमआई इंडेक्स दिसंबर में बढ़कर 54.7 रहा जो नवंबर में 52.6 था। इस प्रकार देश के दोनों क्षेत्र का संयुक्‍त निक्की इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स दिसंबर में सुधरकर 53.0 रहा है जो नवंबर में 50.3 था। यह अक्‍टूबर 2016 के बाद का उच्चतम स्तर है। आशना ने कहा कि अक्‍टूबर 2016 के बाद देश की संपूर्ण अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। यह दिखाता है कि जीएसटी और नोटबंदी जैसे दो झटके झेलने के बाद देश की अर्थव्यवस्था प्रगति कर रही है। रोजगार सृजन की दृष्टि से दोनों क्षेत्रों के श्रम बाजार में सुधार दिखाई देता है।

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