एनपीएस पर नहीं पड़ेगा दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर का असर : पीएफआरडीए

भाषा | कोलकाता Feb 14, 2018 01:52 PM IST

शेयरों से कमाई पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) का राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पेंशन योजना के धन का निवेश जो न्यास करता है, उसे कर से छूट प्राप्त है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अधिकारी ने यह जानकारी दी। एनपीएस विनियामक पीएफआरडीए के चेयरमैन हेंमत कॉन्ट्रैक्टर ने कल यहां कहा, 'एलटीसीजी का असर हम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय पेंशन योजना में निवेश हमारे न्यास (एनपीएस न्यास) द्वारा किया जाता है, जो एक कर छूट प्राप्त संस्था है। जहां तक पेशन निवेश का संबंध है, इस पर एलटीसीजी का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।'

स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन के सहयोग से एनपीएस पर आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर कॉन्ट्रैक्टर ने यह बात कही।    उन्होंने कहा कि एलटीजीसी का प्रभाव टियर-2 खातों (स्वैच्छिक रूप से योजना को चुनने वाले गैर-पेंशन योजना वाले खातों) पर पड़ेगा। टियर-2 खातों को कोई कर लाभ नहीं मिलता है। पर इन टियर-2 का निवेश कोष बहुत छोटा है। एनपीए दो तरह के खातों-टियर-1 और टियर-2- का प्रबंधन करता है। बजट 2018-19 में शेयर बाजार में एक लाख रुपये से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर दस प्रतिशत कर (एलटीजीसी) लगाने की घोषणा की गई है।    वर्तमान में एनपीएस का कुल कोष 2.25 लाख करोड़ रुपये है। इसके 2 करोड़ ग्राहक हैं।

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