उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन: पहले ही दिन 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

बीएस संवाददाता | लखनऊ Feb 21, 2018 11:19 AM IST

 

उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी निवेशक सम्मेलन का आगाज जोर शोर से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी समेत अदाणी समूह और कुमार मंगलम बिड़ला उपस्थित हैं। सबसे पहले मुकेश अंबानी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश में अगले 3 वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। साथ ही उन्होंने 3 वर्ष में राज्य में एक लाख नई नौकरियों का भी वादा किया। उन्होंने आगे कहा, 'रिलायंस नमामि गंगा परियोजना को सहायता प्रदान करेगा और अगले 2 माह में उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए 2 करोड़ जियो स्मार्ट फोन लेकर आएंगे।' 

 

अदाणी समूह के मुखिया ने कहा समूह अगले 5 वर्ष में राज्य में &5,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। समूह उत्तर प्रदेश में फूड एंड एग्री कांप्लेक्स, मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी भी बनाएगा। उन्होंने राज्य की मेट्रो परियोजनाओं में भी निवेश करने पर अपनी सहमति जताई।

बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने अपने संबोधन में कहा कि समूह उत्तर प्रदेश में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। आदित्य विक्रम बिड़ला समूह अगले 5 वर्ष में अल्ट्रा टेक सीमेंट, टेलीकॉम और वित्तीय सेवा क्षेत्र में निवेश करेगा। 

महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कारखाना स्थापित करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में राज्य सरकार के साथ मिलकर क्लब महिंद्रा 200 करोड़ रुपये का निवेश कर रिसॉर्ट बनाएगा। 

जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्रा ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में 18,500 करोड़ रुपये का निवेश करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले 30,000 करोड़ रुपये के समझौतों पर हस्ताक्षर होते थे और वास्तविक निवेश केवल 3,000 करोड़ रुपये का ही होता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। 

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टीसीएस वाराणसी में आईटी केंद्र स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि टीसीएस लखनऊ से अपना कारोबार नहीं समेटेगी बल्कि अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेगी। साथ ही, राज्य में 30,000 कर्मचारियों वाला टीसीएस कैंपस भी बनाया जाएगा।

सीआईआई चेयरमैन शोभना कामिनेनी ने कहा कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में 4 कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे। सीसीआई उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर जल प्रबंधन पर काम करेगा। 

मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरूद्ध जगन्नाथ और फिक्की के अध्यक्ष रसेश शाह ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि निवेशक सम्मेलन में 1,045 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और इनसे 4.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। उन्होंने कहा कि यह रकम राज्य के इस बार के कुल बजट के आकार के बराबर है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योगपतियों और निवेशकों की यहां वैश्विक निवेश सम्मेलन में व्यापक उपस्थित को बड़ा परिवर्तन करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य को हताशा से निकालकर उम्मीद की एक किरण जगाई है। मोदी ने यहां यूपी निवेशक सम्मेलन 2018 का शुभारंभ करते हुए कहा, 'जब परिवर्तन होता है तो सामने दिखने लगता है। उत्तर प्रदेश में इतने व्यापक स्तर पर इन्वेस्टर्स समिट का होना, इतने निवेशकों और उद्यमियों का एकजुट होना अपने आप में एक बहुत बड़ा परिवर्तन है।'

उन्होंने कहा कि राज्य के पिछड़े क्षेत्र बुंदेलखंड के विकास को विशेष तौर पर ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विकास आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, झांसी और चित्रकूट तक होगा। इस कॉरिडोर में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और यह ढाई लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर का सृजन करेगा।

 

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