गोल्डमैन सैक्‍स ने चालू खाते का घाटा अनुमान बढ़ाकर किया 2.4 प्रतिशत

भाषा | नई दिल्ली May 18, 2018 03:21 PM IST

आने वाले महीनों में कच्चे तेल के दाम में और वृद्धि हो सकती है तथा इससे भारत का चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है। वित्त वर्ष 2018-19 में इसके करीब 2.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी गोल्डमैन सैक्‍स की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में वृद्धि से भारत के चालू खाते का घाटा बढ़ने का जोखिम है।

गोल्डमैन सैक्‍स ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, जिंसों पर नजर रखने वाली हमारी टीम को उम्मीद है कि गर्मियों में तेल के दाम में आगे वृद्धि जारी रहेगी। हालांकि साल के अंत तक इसमें नरमी की उम्मीद है। हमने हाल ही में 2018-19 के लिए चालू खाते का घाटा अनुमान बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद का 2.4 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह 2.1 प्रतिशत था। उल्लेखनीय है कि चालू खाते का घाटा वर्ष 2017 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर दो प्रतिशत (13.7 अरब डॉलर ) हो गया जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1.4 प्रतिशत (आठ अरब डॉलर) था।

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड का भाव कल 80 डॉलर पर पहुंच गया। नवंबर 2014 के बाद यह पहला मौका है जब तेल के भाव इतने उच्च स्तर पर पहुंचा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका के ईरान के साथ परमाणु समझौते से खुद को अलग करने के बाद तेल के दाम में हाल में तेजी आई है। इससे सकल मुद्रास्फीति का अनुमान को बढ़ाया गया है। हमारा अनुमान है कि कच्चे तेल के दाम में 10 प्रतिशत की वृद्धि से सकल महंगाई दर 0.1 प्रतिशत बढ़ेगी।  गोल्डमैन सैक्‍स ने 2018-19 में सकल महंगाई दर औसतन 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा को लेकर रुख के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक थोड़ा आक्रामक रुख अपना सकता है। इसका कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे एवं राजकोषीय घाटे को लेकर चिंता है। रिजर्व बैंक 6 जून को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, हमारा अनुमान है कि आरबीआई नीतिगत दर को यथावत रखेगा लेकिन उसका रुख आक्रमक हो सकता है।

कीवर्ड गोल्डमैन सैक्‍स, चालू खाते का घाटा, कच्‍चा तेल, शोध, रिपोर्ट, जिंस, ब्रेंट क्रूड,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक