पैराडाइज दस्तावेज : निजी उद्देश्य के लिए नहीं किया गया कोई भी लेनदेन : जयंत सिन्हा

भाषा | नई दिल्‍ली Nov 06, 2017 11:48 AM IST

कर से बचने के लिए कर पनाहगाह वाले देशों से संबंधित लीक हुए पैराडाइज दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का नाम आने पर उन्होंने कहा कि किसी भी निजी उद्देश्य से कोई लेनदेन नहीं किया गया। पैराडाइज दस्तावेजों की जांच पर आधारित रपट के अनुसार, सिन्हा भारत में ओमिदयार नेटवर्क के प्रबंध निदेशक रहे हैं और ओमिदयार नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी डी. लाइट डिजाइन में निवेश किया था। डी. लाइट डिजाइन की केमैन द्वीप में अनुषंगी कंपनी है। सिन्हा ने आज ट्वीटों की एक श्रृंखला में कहा कि लेनदेन वैध और प्रमाणिक हैं।

नागर विमानन राज्य मंत्री सिन्हा ने कहा कि मेरी जिम्मेदार भूमिका में यह लेनदेन दुनिया के प्रतिष्ठित संगठनों की ओर से किए गए और यह कार्य ओमिदयार नेटवर्क में सहयोगी और इसकी ओर से डी. लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल में नामित प्रतिनिधि के तौर पर किए गए। उन्होंने कहा, यह गौर करने की बात है कि यह लेनदेन डी. लाइट डिजाइन के लिए ओमिदयार के प्रतिनिधि के तौर पर किए गए, न कि किसी निजी उद्देश्य के लिए।

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा पहले एक वेंचर कैपटलिस्ट के तौर पर कार्य करते थे। उन्होंने कहा कि इन सभी लेनदेनों को आवश्यक नियामकीय जानकारियों के तहत संबद्ध प्राधिकारियों के समक्ष सार्वजनिक ही रखा गया था। सिन्हा ने कहा, ओमिदयार नेटवर्क को छोड़ने के बाद मुझसे डी लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक बने रहने के लिए कहा गया था।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद मैंने डी लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल से तत्काल इस्तीफा दे दिया था और कंपनी से अपने संबंध तोड़ दिए थे। सिन्हा पहले वित्त राज्य मंत्री थे। पैराडाइज दस्तावेज विदेशों में कर बचाने के लिए किए गए निवेश या बैंकों में जमा संपत्ति की जांच से संबंधित हैं। इसका खुलासा इंडियन एक्सप्रेस समाचार पत्र ने इंटरनैशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेट जर्नलिस्ट्स के साथ मिलकर किया है।

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