लोक उपक्रमों पर लाभांश का अनुचित दबाव नहीं : गीते

भाषा | नई दिल्‍ली Nov 14, 2017 04:45 PM IST

केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री अनंत गीते ने आज उन रपटों को खारिज किया जिनमें कहा गया है कि सरकार सार्वजनिक उपक्रमों पर भारी लाभांश देने का दबाव डाल रही है ताकि इस वर्ष कर राजस्व की कमी की कुछ भरपाई हो सके। गीते ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी तरह का अनुचित दबाव नहीं है। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, हम लाभांश को लेकर कोई जोर नहीं दे रहे हैं, बल्कि हमारे सभी केंद्रीय उपक्रम संतोषजनक लाभांश दे रहे हैं। हालिया रपटों में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय ने 12 सार्वजनिक उपक्रमों से उनके 2016-17 या 2017-18 के शुद्ध लाभ के 30 से लेकर 100 प्रतिशत तक लाभांश देने, शेयर पुनर्खरीद या बोनस शेयर की मांग की है।

बजट अनुमानों के अनुसार, केंद्र सरकार को चालू वित्त वर्ष में सभी सार्वजनिक उपक्रमों से 21.8 अरब डॉलर के बराबर लाभांश मिल सकता है। यह पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है। हालांकि नोटबंदी और वस्‍तु एवं सेवाकर से कारोबार प्रभावित हुआ है जिससे उनके चालू वित्त वर्ष का भुगतान अगले साल सितंबर में करने की संभावना है। इसके अलावा गीते ने कहा कि उद्योगों के लिए 4.0 नीति (स्मार्ट फैक्ट्री नीति) को अगले छह माह में अंतिम रुप देने का प्रयास किया जा रहा है। डर यह है कि बहुराष्ट्रीय बनने के चक्कर में घरेलू कंपनियों को भारत को नहीं भूलना चाहिए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि घरेलू कंपनियों के बहुराष्ट्रीय बनने के लक्ष्य में सरकार से उन्हें हर संभव मदद मिलेगी।

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