उज्ज्वला योजना की 60 प्रतिशत लाभार्थी खरीद रहीं औसतन 4 सिलिंडर

भाषा |  Dec 05, 2017 06:19 PM IST

नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन पाने वाली 3.2 करोड़ गरीब महिलाओं में से करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस के चार सिलिंडर लेती हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यह जानकारी दी। प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना की 1 मई, 2016 को शुरुआत के बाद इसके तहत 3.2 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। यह संख्या तीन साल में ऐसे पांच करोड़ कनेक्शन वितरित करने के लक्ष्य के आधे से अधिक है। प्रधान ने कहा कि हमने इन परिवारों के पहले साल के उपभोग के तौर-तरीकों का अध्ययन किया और पाया कि करीब 60 प्रतिशत लाभार्थी औसतन चार सिलिंडर ले रही हैं। यह काफी उत्साहजनक रुख है और हमें भविष्य में इसके बढ़ने की उम्मीद है।

उन्होंने रसोई गैस कनेक्शन पाने वाली गरीब महिलाओं में से अधिकांश द्वारा सिलिंडर नहीं खरीदने की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, आंकड़ों से पता चलता है कि लाभार्थी पहले सिलिंडर को खत्म करने के बाद अन्य सिलिंडर खरीद रही हैं। हालांकि, जनजातीय क्षेत्रों में यह नहीं हो रहा है, क्योंकि उन्होंने वापस लकड़ी जलाना शुरू कर दिया है। प्रधान ने वीमन इन एलपीजी के भारत सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत लकड़ी, कोयला, उपला आदि जलाने वाले करीब 10 करोड़ परिवारों को स्वच्छ रसोई ईंधन मुहैया कराने के लिए हुई थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के ईंधनों के इस्तेमाल से प्रदूषण बढ़ता है और महिलाओं एवं बच्चों को श्वसन संबंधी बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, परंपरागत तौर तरीके वाले ईंधन का धुआं महिलाओं के लिए एक घंटे में 400 सिगरेट पीने के बराबर दुष्प्रभावी है। उन्होंने कहा कि योजना के लिए आठ हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

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