पवन ऊर्जा की न्यूनतम बोली बढ़कर हुई 2.44 रुपये प्रति यूनिट

भाषा | नई दिल्ली Feb 14, 2018 03:52 PM IST

पवन ऊर्जा परियोजनाओं की ताजा नीलामी में शुल्क दरें ऊपर आने के संकेत हैं। कुल 2000 मेगावाट क्षमता की ताजा नीलामी में न्यूनतम बोली 2.44 रुपये प्रति यूनिट की रही, जबकि दिसंबर में न्यूनतम पेशकश गिरकर 2.43 रुपये प्रति यूनिट तक चली गई थी। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन (एसईसीआई) ने कल यह नीलामी की। सूत्रों ने कहा कि 2000 मेगावाट क्षमता की नीलामी के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनियों में टोरेन्ट पावर, इनोक्स विंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसज, ग्रीन इन्‍फा विंड एनर्जी और रीन्यू पावर समेत छह कंपनियां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इन चार कंपनियों ने 2.44 रुपये प्रति यूनिट, जबकि अदणी ग्रीन एनर्जी तथा अलफानार कंपनी ने 2.45 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली की आपूर्ति करने की बोली लगाई। उल्लेखनीय है कि दिसंबर में गुजरात ऊर्जा विकास निगम लि. (जीयूवीएनएल) की नीलामी में पवन ऊर्जा की दर 2.43 रुपये प्रति यूनिट तक आ गई थी।

पिछले साल दरों में कमी आनी शुरू हुई और एसईसीआई की 1,000 मेगावाट क्षमता की नीलामी में 3.46 रुपये यूनिट तक आ गई। बाद में अक्‍टूबर 2017 में हुई एसईसीआई की 1,000 मेगावाट की नीलामी में यह 2.64 रुपये प्रति यूनिट तक आ गई। भारत ने 2022 तक पवन ऊर्जा से 60,000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा है। फिलहाल देश में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 32,700 मेगावाट है। सरकार ने 2018-19 और 2019-20 में 10,000-10,000 मेगावाट क्षमता की नीलामी का लक्ष्य रखा है।

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