धोखाधड़ी : अदालत ने दिया चोकसी के खिलाफ आरोपों की जांच का आदेश

भाषा | नई दिल्ली Feb 20, 2018 03:15 PM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) कर्ज घोटाले में फंसी गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक मेहुल चोकसी के खिलाफ 2016 में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के आदेश दिए हैं। चोकसी के खिलाफ यह रपट कंपनी की एक फ्रैंचाइजी ने दायर कराई है। न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता की पीठ ने दक्षिणी दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना पुलिस को इस मामले में अपनी रपट दाखिल करने को कहा है। अदालत ने गौर किया कि शिकायती और आरोपी के बीच सुलह के प्रयासों के चलते मामले की जांच रोक दी गई थी। अदालत ने साथ में यह भी कहा कि चोकसी पर किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती की कार्रवाई ने करने के बारे में पिछले साल अप्रैल में जो निर्देश दिया गया था, वह बना रहेगा।

चोकसी ने अपने खिलाफ पुलिस में दायर शिकायत को खारिज कराने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप है कि उन्होंने इंजीनियरों की एक फर्म के साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने यह रपट मजिस्ट्रेट के आदेश पर दर्ज की थी। इंजीनियर वैभव खुरानिया ने मजिस्ट्रेट के सामने अर्जी लगाई थी कि उनकी कंपनी आरएम ग्रीन सोल्यूशंस ने चोकसी से गीतांजलि जूलर्स की एक फ्रैंचाइजी (कारोबार के लिए उसके नाम का उपयोग करने का लाइसेंस) ले रखा था। चोकसी ने उसे इस काम में ऊंचे मुनाफे का भरोसा दिया था। एफआईआर के मुताबिक, खुरानिया और उनके साथी दीपक बंसल की फर्म ने गीतांजलि जूलर्स और चोकसी के साथ समझौता किया था कि वे 1.5 करोड़ रुपये की जमानत राशि के आधार पर उनकी फर्म को तीन करोड़ रुपये का माल देंगे जिसमें हीरे के आभूषण और उपहार के अन्य सामान होंगे।

शिकायत है कि उन्होंने इस समझौते के बाद जब अक्‍टूबर 2013 में राजौरी गार्डन इलाके में अपने आभूषण की दुकान खोली तो उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा किया गया है। उनका आरोप है कि उनको घटिया किस्म के हीरे के आभूषण और दूसरे उपहार के सामान भेजे गए थे जिनकी कीमत 50-70 लाख रुपये के बीच रही होगी। उनकी शिकायत पर जिला अदालत ने 2 जून, 2016 को चोकसी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया। इसके आधार पर 12 जुलाई, 2016 को थाने में रपट दायर
की गई थी।
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