दिवाला कानून में संशोधन को मंत्रिमंडल की मंजूरी

भाषा | नई दिल्ली May 23, 2018 05:33 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) कानून में संशोधनों को मंजूरी दे दी। सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने कानून में संशोधन के सुझाव दिए थे जिन्हें इसमें शामिल करने को मंजूरी दे दी गई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा,  'मैं इस बारे में ज्यादा नहीं बता सकता हूं क्योंकि यह नया विधेयक है और केवल यही कह सकता हूं कि मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी।'

यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रिमंडल ने मकान खरीदारों को इसमें कुछ राहत का प्रावधान किया है, समिति ने भी इस बारे में सुझाव दिए थे? प्रसाद ने कहा, 'हमें संवैधानिक नवाचार का ध्यान रखना चाहिए। अध्यादेश को जब तक राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिलती है, मैं इसका ब्यौरा नहीं दे सकता।' सरकार द्वारा गठित 14 सदस्यीय दिवाला कानून समिति ने कार्पोरेट कार्य मंत्रालय को सुझाव दिए हैं जिनमें मकान खरीदारों की चिंताओं को दूर करने अैर कर्जदाताओं के लिए बकाए की वसूली को आसान बनाने के बारे में जरूरी सिफारिशें दी गई हैं।

समिति ने सुझाव दिया है कि घर खरीदारों को भी वित्तीय कर्जदाता माना जाना चाहिए। यदि ऐसा प्रावधान किया जाता है तो उन्हें भी दिवाला समाधान प्रक्रिया में भागीदारी का बराबर अवसर प्राप्त होगा। समिति ने आईबीसी के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को राहत दिए जाने का भी सुझाव दिया है।

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