भारत-इंडोनेशिया के बीच बढ़ेगी भागीदारी

एजेंसियां |  May 31, 2018 12:21 PM IST

भारत और इंडोनेशिया अपने द्विपक्षीय रिश्तों को व्यापक सामरिक साझेदारी के नए स्तर पर पर ले जाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन का आह्वान किया और रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेलवे और स्वास्थ्य सहित कुल 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को 2025 तक 50 अरब डॉलर के स्तर पर ले जाने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो के बीच बुधवार को हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक सहयोग, बेहतर आर्थिक संबंधों, सांस्कृतिक रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी ने ट्वीट किया, 'राष्ट्रपति जोको विदोदो के साथ अच्छी बातचीत हुई। इस बात की खुशी है कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध मजबूत हो रहे हैं। हमने रणनीतिक सहयोग, आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने और दोनों राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक संबंध स्थापित करने पर बातचीत की।'

बढ़ा व्यापार

इंडोनेशिया की केंद्रीय सांख्यिकी एजेंसी (बीपीएस) के मुताबिक दोनों देशों के बीच 2016 में व्यापार 12.9 अरब डॉलर था जो 2017 में बढ़कर 18.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इंडोनेशिया का भारत में निर्यात 14.08 अरब डॉलर पर पहुंच गया जबकि भारत से आयात 4.05 अरब डॉलर रहा। बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी बातचीत को जल्द पूरा करने के लिए लगातार काम करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह भागीदारी व्यापक, उचित और संतुलित होनी चाहिए जो सभी देशों के लिए फायदेमंद हो।

मोदी और विदोदो ने इंडोनेशियाई वाणिज्य एवं उद्योग मंडल व भारतीय उद्योग परिसंघ  (सीआईआई)के बीच समझौता ज्ञापन होने का स्वागत किया और जकार्ता में सीआईआई का कार्यालय खुलने पर खुशी जाहिर की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मेक इन इंडिया पहल के तहत इंडोनेशिया की कंपनियों भारतीय अर्थव्यवस्था में भागीदारी निभाने का स्वागत किया। उन्होंने इंडोनेशियाई कारोबारियों को भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने को कहा। दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए समुद्री मार्ग संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।

आतंकवाद पर वार

दोनों नेताओं ने सभी तरह के आतंकवाद की आलोचना करते हुए सभी देशों से आतंकवाद के नेटवर्क और उनके वित्तीय माध्यमों को खत्म करने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने हिंद -प्रशांत क्षेत्र को एक ऐसा मुक्त, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी क्षेत्र बनाने की वकालत की जहां संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता, अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन, नौवहन और उड़ान भरने की स्वतंत्रता, मुक्त-निष्पक्ष और आपस में फायदा देने वाला व्यापार और निवेश की व्यवस्था हो।

दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामुद्रिक सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच साझा विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित बैठक, सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों के बीच मुलाकात को बढ़ावा देने पर भी बातचीत की। दोनों ने अपने अधिकारियों को रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के लिए रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

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