इंटरकनेक्टिविटी पर कंपनियों को 30 दिन में करना होगा समझौता

भाषा | नई दिल्ली Jan 02, 2018 02:46 PM IST

दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के बीच अक्सर विवाद का विषय बनने वाले इंटरनेक्टिविटी के मुद्दे का समाधान करने के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने आज एक व्यवस्था दी। इसके तहत किसी सेवाप्रदाता के नेटवर्क कनेक्टिविटी का आवेदन प्राप्त होने 30 दिन के भीतर कंपनियों को बिना किसी भेदभाव के इंटरनेक्टिविटी समझौता करना होगा। इंटरकनेक्टिविटी से आशय एक कंपनी के नेटवर्क का कॉल दूसरे कंपनी के नेटवर्क से जुडऩे से है। ट्राई ने नए नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्‍येक सेवा क्षेत्र (देश भर में कुल 22 सेवाक्षेत्र हैं) में प्रति दिन एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है।

भारतीय दूरसंचार नियामक एवं विकास प्राधिकरण (ट्राई) ने आज दूरसंचार इंटरकनेक्शन विनियमन-2018 जारी किए। इसमें नेटवर्क कनेक्टिविटी समझौते के विविध नियमों को शामिल किया गया है। इसमें पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट की वृद्धि, प्रारंभिक स्तर पर इस तरह की कनेक्टिविटी के प्रावधान, लागू शुल्क, इंटरकनेक्ट वाले पॉइंट को हटाना और इंटरकनेक्शन मुद्दों पर वित्तीय हतोत्साहन इत्यादि के नियम को शामिल किया गया है। ट्राई ने एक बयान में कहा कि यह नियम 1 फरवरी, 2018 से प्रभावी होंगे और भारत में दूरसंचार सेवा देने वाली सभी कंपिनयों को इन नियमों का पालन करना होगा।

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