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फोन और बिजली के बिल भी दिला सकते हैं कर्ज

प्रिया नायर |  Apr 09, 2017 08:41 PM IST

अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आपको किसी भी बैंक से कर्ज मिलना काफी आसान हो जाता है। लेकिन अगर आपका क्रेडिट स्कोर ही न हो तो आप क्या करेंगे? कर्ज कैसे हासिल करेंगे? ऐसे मामले में बैंकों के पास दूसरे रास्ते होते हैं, जिनकी जानकारी आपको भी होनी चाहिए। आइए देखते हैं कि बैंक उस सूरत में क्या करेंगे।
ऐसी स्थिति में बैंक आपके मोबाइल फोन कनेक्शन की जानकारी हासिल कर सकता है कि वह प्रीपेड है या पोस्ट पेड। बैंक यह भी देख सकता है कि आप अपने यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, गैस आदि के बिल) का भुगतान नियमित रूप से करते हैं या नहीं। वह शायद यह भी देख ले कि कहीं आप कुछ खास लोगों को ही बार-बार फोन नहीं करते हैं। यदि किसी के पास पारंपरिक क्रेडिट स्कोर नहीं है तो उसके बारे में मालूमात हासिल करने के लिए आजकल ऋणदाता यानी बैंक आदि इस तरह के मानदंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
एक वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनी इंडिया लेंड्स के सह-संस्थापक मयंक कछवाहा के मुताबिक पहली बार ऋण लेने जा रहे ज्यादातर लोगों की अर्जियां खारिज कर दी जाती हैं। वह कहते हैं, 'जिन लोगों ने कभी कोई ऋण ही नहीं लिया है, उनके ऋण चुकाने या नहीं चुकाने का ब्योरा भी कहीं नहीं होता। इसी वजह से बैंक उन्हें ऋण देने से साफ मना कर देते हैं।'
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया के जरिये उपलब्ध जानकारी भी परंपरागत जानकारी की जगह ले सकती है। उदाहरण के लिए आपके कार्यस्थल के बारे में पता करने के लिए आपके लिंक्डइन प्रोफाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा आपके मोबाइल फोन की सूचनाओं जैसे आपके वित्तीय लेनदेन से संबंधित एसएमएस का बैंक के स्टेटमेंट से मिलान किया जा सकता है।
आईडीएफसी बैंक ने पहली बार कर्ज लेने वाले लोगों के पर्सनल लोन के आवेदन को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए इंडियालेंड्स के साथ समझौता किया है। आईडीएफसी बैंक के एक अधिकारी ने बताया, 'पहली बार ऋण का आवेदन करने वाले ग्राहक के बारे में बहुत कम जानकारी होती है। हमें उसकी पहचान, ऋण चुकाने की क्षमता और इच्छा का पता लगाना होता है।'
ग्राहक से किसी भी सोशल मीडिया खाते के जरिये फिनटेक प्लेटफॉर्म पर लॉगइन करने के लिए कहा जा सकता है। इसके बाद प्लेटफॉर्म से सूचनाएं मिल जाएंगी। इसके अलावा व्यक्ति से उसके बैंक खाते के जरिये लॉगइन करने के लिए भी कहा जा सकता है। इस तरह जो भी सूचनाएं मिलती हैं, वे केवल बैंक या फिनटेक प्लेटफॉर्म के पास ही रहती हैं।
आईडीएफसी बैंक के अधिकारी का कहना है, 'यह सूचना इंडियालेंड्स और आईडीएफसी बैंक की संयुक्त निगरानी में रहेंगी। दोनों के बीच इस बात को लेकर भी सहमति बनी है कि इन सूचनाओं का इस्तेमाल अन्य किसी कार्य के लिए नहीं किया जाएगा।'
अगर आपके बैंक स्टेटमेंंट से यह पता चल रहा है कि आप नियमित रूप से बिजली के बिल का भुगतान कर रहे हैं तो यह कर्ज लौटाने का मन होने का संकेत है। पोस्टपेड कनेक्शन भी यह दर्शाता है कि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जो कोई अनुबंध करने और उसका सम्मान करने को तैयार हैं। यह ऋणदाता की नजर में यह सकारात्मक बात है। कछवाहा कहते हैं, 'कई बार लोग ऋण के लिए आवेदन करते समय अपनी आमदनी ज्यादा बताते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति की मासिक सैलरी स्लिप में कुछ कर गणना की वजह से ज्यादा राशि दिख रही है तो इसे भ्रामक माना जा सकता है। ऐसे मामलों में पिछले महीनों के बैंक स्टेटमेंट से वास्तविक मासिक वेतन का पता चल जाएगा।'
लेंडडू एक अन्य ऐसी कंपनी है, जिसे गैर-परंपरागत सूचनाओं का इस्तेमाल कर ग्राहकों के व्यवहार के बारे में अनुमान जाहिर में महारत हासिल है। लेंडडू के कंट्री डायरेक्टर (भारत) अभिनव हल्दिया का कहना है, 'बैंक तीन तरह- पहली बार ऋण लेने वाले, बेहतर ग्राहक चुनने और आंतरिक ग्राहकों के लिए अपने परंपरागत और गैर-परंपरागत तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। आंतरिक ग्राहकों में ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका बैंक में खाता हो सकता है, लेकिन उनका बैंक के साथ कर्ज का कोई रिश्ता नहीं रहा है।' कर्ज लेने वाले व्यक्ति की स्थिरता के क्या संकेत हैं? इसका संकेत है-कुछ निश्चित व्यक्तियों से नियमित रूप से बातचीत करना। उसके बाद विजुअल साइकोमेट्रिक टेस्ट होता है, जो व्यक्ति के संभावित व्यवहार को बताता है। जो लोग पहली बार ऋण दे रहे हैं या बेहतर दरों पर ज्यादा ऋण लेना चाहते हैं, उनके लिए ये आंकड़े मुहैया कराना या इस जांच से गुजरना अपने स्कोर सुधारने का अगला कदम हो सकता है।

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