होम » Investments
«वापस

आखिरी पल में होटल बुक कराएं और किराये में मोटी छूट भी पाएं

संजय कुमार सिंह |  May 01, 2017 09:00 PM IST

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में काम कर रहे 46 साल के निर्माल्य बरुआ को पहले जब भी काम के सिलसिले में या छुट्टिïयों के सिलसिले में किसी और शहर में होटल का कमरा बुक कराना होता था तो वह किसी भी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी की वेबसाइट का रुख करते थे। वजह भी साफ थी - ये एजेंसी उन्हें ढेर सारे कमरों का विकल्प देती थीं। अगर उन्हें सस्ता होटल चाहिए होता तो वह होटल के कमरों के एग्रीगेटर (कई होटलों के कमरे अपनी वेबसाइट पर रखने वाले) का सहारा लेते थे क्योंकि उन्हें कम दाम में अच्छा कमरा मिलने की उम्मीद रहती थी, जिनमें तामझाम तो नहीं होता था, लेकिन सेवाओं की गुणवत्ता ठीक रहती थी। बाद में उन्होंने अपनी जरूरतों के हिसाब से विभिन्न प्रकार की मोबाइल फोन ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। उनका इस्तेमाल वह उस समय खास तौर पर करते हैं, जब उन्हें अचानक बुकिंग करानी होती है या मनचाहे किराये पर कमरा चाहिए होता है। पिछले कुछ हफ्तों से ये ऐप छूट हासिल करने के लिए ग्राहकों की ओर से होटल मालिकों से मोलभाव भी करने लगी हैं। इस वजह से सैलानी और मुसाफिर भी इनकी ओर खिंच रहे हैं।

 
ऐन वक्त पर मिलेगा कमरा
 
मान लीजिए कि आपको कारोबारी मुलाकात के लिए किसी शहर में जाना है। आपको यह बात एकदम ऐन मौके पर पता चलती है और आपने होटल का कमरा पहले से बुक नहीं कराया है। ऐसा भी हो सकता है कि आप एक दिन के लिए किसी शहर में गए थे। लेकिन आपका काम एक दिन में नहीं हो पाता है। उस सूरत में आपके लिए चिंता की बात यह होगी कि रात कहां गुजारेंगे क्योंकि पहले से होटल बुक नहीं कराया है। ऐसी किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय आपको अपने मोबाइल फोन पर नाइटस्टे ऐप चालू भर करना होगा। इस प्लेटफॉर्म पर होटलों के ऐसे कमरे मौजूद रहते हैं, जो किराये पर चढ़े नहीं होते हैं। नाइटस्टे आखिरी मौके पर आने वाले ग्राहकों को रियायती दर पर ये कमरे दिला देती है। नाइटस्टे के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नस्र खान का कहना है, 'होटल के कमरों की खपत तुरंत होनी चाहिए। अगर आप उन्हें आज किराये पर नहीं देंगे, तो खाली पड़े कमरे बेकार ही जाएंगे। हम होटलों से कहते हैं कि वे अपने खाली कमरे रियायती किराये के साथ हमारे प्लेटफॉर्म पर रख दें।' खान बताते हैं कि पूरे भारत में इस समय होटलों में औसतन 61 फीसदी कमरे ही भरे होते हैं। ऐसी सूरत में 39 फीसदी कमरे बेकार ही चले जाते हैं।
 
किसी खास दिन पर होटलों के जो भी कमरे खाली बचे होते हैं, उन्हें नाइटस्टे की ऐप और वेबसाइट पर उसी दिन सुबह नौ बजे डाल दिया जाता है। उसके बाद से आप आधी रात तक उन कमरों को देख सकते हैं। नाइटस्टे का 12 शहरों में लगभग 800 होटलों के साथ समझौता है। होटलों की वेबसाइट पर आपको कमरों के जो किराये दिखेंगे, नाइटस्टे के जरिये आप उन्हीं कमरों को 25-30 फीसदी कम किराये में हासिल कर सकते हैं। कभी-कभी ढेर सारे कमरे खाली होते हैं और उस दौरान 40-50 फीसदी या उससे भी ज्यादा छूट आपको मिल सकती है। 
 
नाइटस्टे का प्रबंधन यह सुनिश्चित करता है कि उसके प्लेटफॉर्म कमरों के किराये किसी भी अन्य स्थान पर दिख रहे किायों से कम ही रहें। खान बताते हैं, 'यदि कोई होटल हमारी ऐप या वेबसाइट पर दिखना चाहता है तो उसे हमारे लिए किराये में कुछ और छूट देनी होगी। हम इस बात पर लगातार नजर रखते हैं कि दूसरी वेबसाइट या ट्रैवल एजेंट उसी होटल के कमरे कितने किराये पर बुक करा रहे हैं। यदि हमारा किराया सबसे कम नहीं होता है तो हम यह बात होटल के ध्यान में लाते हैं। अगर होटल उसके बाद भी मामला ठीक नहीं करता है तो हमारा सिस्टम उसके कमरों को हमारे ऐप पर दिखाना बंद कर देता है।' कुछ अरसा पहले तक नाइटस्टे ऐप में आपके हाथ बंधे होते थे और आप किसी भी होटल में कमरा उसी दिन बुक करा सकते थे। इसके अलावा आप किसी भी होटल में तीन रात से अधिक नहीं रुक सकते। खान ने बताया, 'असल में हम ऐसे मुसाफिरों की तलाश में रहते हैं, जो बिना किसी योजना के घर से निकल रहे हों। हमारा अनुभव यही है कि बिना योजना के घर से बाहर निकले लोग आम तौर पर तीन रात से अधिक ठहरते नहीं हैं।' हालांकि बाद में उन्होंने अपने नियमों में थोड़ी ढील दे दी है। अब आप एक दिन पहले भी बुकिंग करा सकते हैं, लेकिन उस सूरत में आपको कम से कम दो रात के लिए कमरा बुक कराना होगा।
 
खुद तय करें किराया
 
आजकल होटल बुक कराने वाली कुछ ऐप आपको एक और सहूलियत देने लगी हैं। आप उन्हें बता सकते हैं कि आप कितने किराये तक का होटल चाहते हैं। फाइंडमाईस्टे ऐसी ही ऐप है, जो आपको 'रिवर्स बिडिंग मॉडल' की तर्ज पर ऐसा करने का मौका देती हैं। इसमें ग्राहक को सबसे पहले ठहरने की तारीख, शहर और शहर के भीतर का मनचाहा इलाका भरना होता है। उसके बाद उसे बताना होता है कि वह होटल के कमरे पर कितना खर्च करना चाहता है।
 
अगर कोई व्यक्ति नौसिखिया सैलानी है या उस जगह से अपरिचित है तो उसे यह पता ही नहीं होगा कि जिस इलाके में उसे रहना है, वहां होटल के कमरे का औसत किराया कितना है। ऐसी सूरत में फाइंडमाईस्टे उसके काम आती है और उसे परेशानी से निजात दिलाती है। इस ऐप पर 'प्राइस स्लाइडर' नाम की सुविधा दी गई है। फाइंडमाईस्टे के सह-संस्थापक सिमरन स्याल कहते हैं, 'इससे आपको किसी खास इलाके में और किसी खास स्टार के दर्जे वाले (मसलन तीन सितारा, चार सितारा, पांच सितारा) होटल के कमरे का औसत किराया पता चल जाता है। उसके बाद आप उससे कम किराये की फरमाइश कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि आप बहुत कम किराया न बताएं।' इसके बाद आपके सामने होटलों की पूरी फेहरिस्त आ जाएगी, जो आपके बताए किराये पर कमरा देने को राजी होंगे। आप उनमें से कोई भी होटल चुन सकते हैं। स्याल का कहना है कि सैलानियों को उनके प्लेटफॉर्म के जरिये औसतन 30 फीसदी तक की छूट मिल जाती है। फाइंडमाईस्टे पर 45 शहरों के करीब 4,000 होटलों के कमरे मिल सकते हैं। अगर आप वाजिब किराया चाहते हैं तो बुकिंग कुछ पहले ही करा देना ठीक रहेगा। स्याल कहते हैं, 'जब बहुत अधिक कमरे खाली होते हैं तो किराये भी कम रहते हैं। जैसे-जैसे कमरे भरते जाते हैं, किराये भी बढ़ते जाते हैं।' उनका तजुर्बा यही है कि सात दिन पहले बुकिंग करा लेने वाले ग्राहकों को आम तौर पर अच्छी छूट मिल जाती है।
 
छोटे कारोबार को छूट बड़ी
 
बड़ी कंपनियों के पास तो यात्रा का इंतजाम करने वाला अलग विभाग होता है। चूंकि ये कपंनियां किसी भी होटल में बड़ी तादाद में कमरे बुक कराती हैं, इसलिए उन्हें आसानी से अच्छी खासी छूट हासिल हो जाती है। लेकिन छोटी कंपनियों का ऐसा रुतबा नहीं होता है। इसीलिए उन्हें मुश्किल से बचाने का काम सैवीमॉब जैसी एग्रीगेटर कंपनियां करती हैं। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम सोहल का कहना है, 'हम ढेर सारी छोटी-छोटी कंपनियों से पूछते हैं कि उन्हें कितने कमरों की जरूरत है और फिर हम होटल से इक_ïे कमरे बुक कराते हैं। अगर हम होटल को 10 कमरे बुक करने के लिए कहते हैं तो वह हमें बेहतर दर पर बुकिंग का मौका देता है।'
 
सोहल बताते हैं कि ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी किसी होटल का जो किराया बताती हैं, उनकी कंपनी उसी होटल में वही कमरा कम से कम 20-30 फीसदी सस्ता दिला देती है। सैवीमॉब अभी तक कम से कम सौ देशों में गठबंधन कर चुकी है और उसके पास किसी भी समय होटलों के करीब 3 लाख कमरे बुकिंग के लिए उपलब्ध रहते हैं। इन ऐप्लिकेशन पर आपको बजट होटल भी मिल सकते हैं, सामान्य होटल भी और लक्जरी होटल भी। आप चाहें तो कारोबारी बैठक के लिए कमरे बुक कराइए और चाहें तो छुट्टिïयां मनाने के लिए।
 
गुणवत्ता पर पूरा जोर
 
जब आप किसी होटल में कमरा बुक कराते हैं तो किराये के साथ-साथ आपको इस बात की फिक्र सबसे ज्यादा रहती है कि होटल में आपको अच्छी गुणवत्ता वाली व्यवस्था मिलेगी या नहीं। इनमें से कई प्लेटफॉर्म इसका खयाल रखने के लिए ट्रिपएडवाइजर के साथ गठबंधन कर चुके हैं। इस गठबंधन के कारण उनकी ऐप और वेबसाइट पर आपको होटलों की रेटिंग भी मिलेगी। कमरा बुक कराने से पहले आप रेटिंग पर नजर दौड़ा सकते हैं। किसी भी होटल को अपनी ऐप या वेबसाइट पर जगह देने से पहले ये कंपनियां उसके मानकों की भी जांच करती हैं। नाइटस्टे के खान कहते हैं, 'हमारे 20-25 पैमाने हैं। कोई होटल इन सभी पैमानों पर खरा उतरता है तब ही हमारी फेहरिस्त में उसे जगह मिलती है। इसके अलावा यदि हमें किसी होटल के बारे में दो या तीन शिकायतें मिलती हैं तो हम उसे अपने प्लेटफॉर्म से हटाने में जरा भी देर नहीं लगाते।' इन कंपनियों के लिए गुणवत्ता सुनिश्चित करना सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है क्योंकि उनका आधा कारोबार उन्हीं ग्राहकों से मिलता है, जो दोबारा उनके जरिये ही कमरे बुक कराते हैं।
कीवर्ड real estate, property, रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक