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ऑनलाइन वेबसाइट से कर रिटर्न भरना आसान

तिनेश भसीन |  May 21, 2017 09:42 PM IST

आयकर विभाग ने 4 मई को ई-फाइलिंग की सुविधा शुरू की है, जिसकी मदद से आप अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर)को ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं। विभाग ने आईटीआर के फॉर्म भी खासे आसान बना दिए हैं ताकि लोगों के लिए रिटर्न दाखिल करना और भी आसान हो जाए। इतना हो जाने के बाद भी अगर आपको रिटर्न दाखिल करने में मुश्किल महसूस हो रही हो तो घबराइए नहीं क्योंकि ऑनलाइन कर रिटर्न भरवाने वाली वेबसाइट आपकी मदद के लिए मौजूद हैं। ये वेबसाइट रिटर्न की प्रक्रिया को आसान बनाने और आपको गलतियों से बचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।

 
प्रक्रिया हुई छोटी 
 
अगर आप वेतनभोगी व्यक्ति हैं तो आप ज्यादातर वेबसाइटों पर फॉर्म 16 डाउनलोड कर सकते हैं। इन वेबसाइट में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर खुद ब खुद आपसे जुड़ी तमाम जानकारी उठा लेंगे और उसे सही जगहों पर भर देंगे। इससे आपको अपना एक-एक ब्योरा हाथ से टाइप करने का झंझट नहीं झेलना पड़ता और गलतियों की भी कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। अगर वित्त वर्ष के दौरान आपने नौकरियां बदली हैं तो भी चिंता की बात नहीं है। ये वेबसाइट कई फॉर्म 16 तैयार कर देंगे और आपकी कर देनदारी आपको बता देंगे। 
 
एचऐंडआर ब्लॉक इंडिया के कर अनुसंधान प्रमुख चेतन चंडक कहते हैं, 'अगर हर तरह का ब्योरा आपके पास मौजूद है तो नौकरीपेशा शख्स महज 10 मिनट में रिटर्न दाखिल कर सकता है।' अगर आपको घर या शेयरों पर पूंजीगत लाभ हुआ है तो आप केवल खरीद और बिक्री की तारीख डालें और वह कीमत भी डालें, जिस पर आपने संपत्ति खरीदी और बेची थी। ये वेबसाइट अपने आप ही आपको बता देंगी कि उन पर आपको कितना कर देना है।
 
ऑनलाइन कर वेबसाइट के कारण नौकरीपेशा लोगों के लिए ही नहीं बल्कि कारोबारियों और पेशेवरों के लिए भी रिटर्न दाखिल करना आसान हो गया है। क्लियरटैक्स डॉट कॉम के संस्थापक अर्चित गुप्ता कहते हैं, 'कारोबार के मामले में आईटीआर का फॉर्म खासा लंबा है और उसमें कई पृष्ठï दिए गए हैं। इसे आसान बनाने के लिए हम करदाता से करीब पांच सवाल पूछते हैं। उनके जो भी जवाब हमें मिलते हैं, उन्हीं के आधार पर हम जरूरी जानकारी खुद ही दाखिल कर देते हैं।'
 
आयकर से जुड़ी जो भी जरूरतें होती हैं, उन्हें पूरा करने के लिए ये वेबसाइट रामबाण के तौर पर स्थापित होती जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर वेबसाइट ऐसी हैं, जिन पर कोई भी कारोबार मालिक यह पता कर सकता है कि स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस कितनी होगी। आप यह भी देख सकते हैं कि आपका रिफंड बन रहा है या नहीं और उस पर कार्रवाई हुई है या नहीं। अगर आपको आयकर विभाग से नोटिस मिला है तो उस पर कार्रवाई के लिए आप इन वेबसाइट की परामर्श सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि आपको नोटिस पर आगे क्या करना चाहिए। अगर रिटर्न में कोई खामी है तो आप संशोधित रिटर्न भी भर सकते हैं। जब आप ब्योरा भरते हैं तो ये वेबसाइटें 'टैक्स ऑप्टिमाइजर' का इस्तेमाल करती हैं और आपको बताती हैं कि आप कहां-कहां और किस-किस तरह से पैसा बचा सकते हैं। टैक्सस्पैनर डॉट कॉम के सह-संस्थापक सुधीर कौशिक कहते हैं, 'हम एक ई-तिजोरी यानी वॉल्ट भी देते हैं, जिसमें आप कर से जुड़े अपने सभी दस्तावेज रख सकते हैं ताकि भविष्य में जरूरत पडऩे पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।'
 
गलती से छुटकारा
 
ये वेबसाइट हरेक चरण में आपसे जुड़ी जानकारी की जांच के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करती हैं। वे आपके कर कटौती का ब्योरा फॉर्म 26एएस से निकाल सकती हैं और आपके द्वारा बताए गए ब्योरे का मिलान उससे कर सकती हैं। कई लोग जानकारी के अभाव में उस जगह अपना मोबाइल नंबर डाल देते हैं, जहां उन्हें अपनी कुल आय लिखनी चाहिए। इन वेबसाइट के सॉफ्टवेयर इस तरह की चूक को पकड़ लेते हैं और आपको बताते हैं कि उसकी जगह सही ब्योरा भरिए। क्विको डॉट कॉम के संस्थापक विश्वजीत सोनगरा का कहना है, 'कर रिटर्न पूरी तरह ठीक है, यह सुनिश्चित करने के लिए हमारे पास जांच के 250 से अधिक तरीके हैं। इस तरह गलती होने, नोटिस आने और जुर्माना लगने की गुंजाइश बिल्कुल नहीं रह जाती।'
 
हर तरह की मदद
 
अगर आपको कर जमा करने में भी मदद की जरूरत होती है तो आप इन वेबसाइट पर जाएं और ये आपको चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से मिलवा देंगी। क्लियरटैक्स डॉट कॉम जैसी कुछ वेबसाइटें आपका संपर्क स्वतंत्र सीए से करा देती हैं। लेकिन एचऐंडआर ब्लॉक इंडिया जैसी कुछ वेबसाइट कर विशेषज्ञों की एक टीम अपने साथ रखती हैं। लेकिन वेबसाइट से मिले सीए से अगर आप खुश नहीं हैं तो आप वेबसाइट से बात कर सकते हैं और आपको नया सीए मुहैया करा दिया जाएगा। अगर आप इन वेबसाइटों का इस्तेमाल कर खुद ही रिटर्न भर रहे हैं तो कहीं-कहीं आपको मामूली सा शुल्क देना पड़ सकता है, जो 250 से 300 रुपये होगा। कुछ वेबसाइट ऐसी भी होती हैं, जो आपसे इस काम का एक पैसा भी नहीं लेतीं। अगर आपसे रिटर्न भरने में मदद करने का शुल्क लिया जा रहा है तो शुल्क कितना होगा, यह बात आपके रिटर्न की जटिलता पर निर्भर करती है। अगर आपका रिटर्न बेहद आसान है ता आपको 500 से 600 रुपये में ही मदद मुहैया करा दी जाएगी। लेकिन अगर मामला पेचीदा है, जिसमें पूूूंजीगत लाभ और आय के कई स्रोत होने जैसे झमेले हैं तो आपको मदद के एवज में 1,143 से 1,799 रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे। पेशेवरों और कारोबारियों को 799 रुपये से लेकर 6,500 रुपये तक लेकर सहायता प्रदान कर दी जाती है। अगर आप रिटर्न भरने में मदद वाली सेवा का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, लेकिन रिटर्न दाखिल करते समय आप कहीं अटक जाते हैं तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि वेबसाइट आपको मुश्किल से निकाल लेंगी। आप उस सूरत में भी कोई प्लान ले सकते हैं, जिसमें सीए फोन पर आपकी मदद करेगा। इस तरह के प्लान 500 रुपये से शुरू होते हैं।
 
गलती हुई तो क्या...
 
आप अपना रिटर्न बेहद सावधानी के साथ भरते हैं और हर तरह की जांच-पड़ताल करते हैं। वेबसाइट भी अपने स्तर पर पूरी सतर्कता बरतती है। इसके बाद भी रिटर्न भरने में गलती हो जाए तो क्या होगा? असल में ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं, जहां ऑनलाइन कर दाखिल करने वाली वेबसाइट ने करदाता का वेतन भरने में चूक कर दी। आयकर विभाग के आकलन अधिकारी ने उसी के अनुसार कर की मांग कर दी। जब मामला आयकर न्यायाधिकरण में गया तो फैसला हुआ कि वास्तव में चूक ही हुई है और इसके पीछे करदाता की कोई भी गलत मंशा नहीं है। इसलिए करदाता को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन इससे सबक मिलता है कि कर का रिटर्न दाखिल करने से पहले उसकी ठीक से जांच जरूर कर लेनी चाहिए।
कीवर्ड income tax, CBDT, आयकर विभाग कराधान,

  
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