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आरआईएल: एजीएम में जियो पर जोर

अमृता पिल्लई |  Jul 16, 2017 09:23 PM IST

लगभग एक साल पहले पिछले साल सितंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में रिलायंस जियो की दूरसंचार सेवाओं के लिए अपनी योजनाओं की घोषणा की थी। इस बार शुक्रवार को होने वाली सालाना बैठक में शेयरधारक और निवेशक इन सेवाओं से राजस्व प्राप्ति से संबंधित ब्योरों पर विचार करेंगे।
आरआईएल के अप्रैल-जून 2017 की तिमाही के वित्तीय परिणाम की घोषणा गुरुवार को की जाएगी और उसके बाद शुक्रवार को कंपनी की एजीएम होगी। विश्लेषकों का मानना है कि इसमें जून तिमाही के आंकड़ों और एजीएम दोनों के संदर्भ में मुख्य ध्यान कंपनी के दूरसंचार व्यवसाय पर रहेगा। ये ब्यौरे महत्त्वपूर्ण हैं और निवेशक धारणा पर इनका असर दिखेगा। पिछले शुक्रवार को आरआईएल का शेयर 9 वर्ष के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि जियो ने पिछले साल सितंबर में अपनी सेवाओं की पेशकश शुरू की थी, लेकिन ये सेवाएं मार्च तक नि:शुल्क मुहैया कराई गई थीं और मौजूदा समय में रियायती कीमतों पर इनकी पेशकश बरकरार है। अन्य विवरणों में, विश्लेषक और शेयरधारक इस व्यवसाय के लिए राजस्व प्राप्ति के आंकड़े और मुनाफे की समय-सीमा पर विचार करेंगे। एक घरेलू ब्रोकरेज पुर्म के विश्लेषक ने कहा, 'दूरसंचार ऐसा प्रमुख क्षेत्र होगा जिस पर  नजर रखे जाने की जरूरत होगी, क्योंकि तेल एवं गैस सेगमेंट जैसे अन्य व्यवसायों पर आंकड़े पहले ही सामने आ चुके हैं।'
पिछले सप्ताह कंपनी ने जियो सेवाओं के लिए अपने प्रोमो ऑफर का विस्तार किया। मॉर्गन स्टैनली की 11 जुलाई की रिपोर्ट में कहा गया है, 'हम प्रमोशनल ऑफरों के विस्तार की वजह से जियो के वित्त वर्ष 2017-18 के 2.7 अरब डॉलर के राजस्व अनुमान में कमी का जोखिम देख रहे हैं।'
वित्तीय विवरण के अलावा, विश्लेषकों और निवेशकों को सस्ते 4जी फोन के लिए योजनाओं पर आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रखने की जरूरत होगी। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने 12 जुलाई की अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, 'जहां हरेक एजीएम को लेकर बोनस इश्यू (पिछला बोनस इश्यू वित्त वर्ष 2009-10 में जारी किया गया था) पर सामान्य उम्मीदें जताई जाती थीं, वहीं इस बार दूरंचार, खासकर 4जी फीचर फोन को लेकर बड़ी घोषणा की उम्मीद अधिक है।' अन्य घोषणाओं में 'फाइबर-टु-होम' सेगमेंट में कंपनी के संभावित प्रवेश से संबंधित कोई घोषणा शामिल हो सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि जियो के अलावा, बाजार की नजर संगठित क्षेत्र और ईंधन रिटेल सेगमेंटों में कंपनी की योजनाओं पर भी लगी रहेगी। एक विश्लेषक ने कहा, 'हाल में बीपी-आरआईएल निवेश की घोषणा के साथ, अब निवेशकों को इसे लेकर स्थिति अधिक स्पष्टï होने की उम्मीद रहेगी कि ईंधन रिटेल व्यवसाय की चिंताएं किस तरह से दूर होंगी और संगठित रिटेल व्यवसाय के लिए अगला कदम क्या होगा।'
इस बीच, कुल मिलाकर विश्लेषकों का मानना है कि आरआईएल का समेकित शुद्घ लाभ जून तिमाही के लिए 7,853 करोड़ रुपये रहेगा।
अपने रिफाइनिंग व्यवसाय के लिए कंपनी द्वारा अपने सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) के लगातार दो अंक में बने रहने की उम्मीद है। एक विश्लेषक ने कहा, 'हालांकि दो अंक की उम्मीद के साथ हम तिमाही आधार पर जीआरएम कमजोर रहने का अनुमान जता सकते हैं।'
आरआईएल का अब तक उसके समेकित वित्तीय प्रदर्शन में उसके दूरसंचार व्यवसाय का योगदान शामिल नहीं है और पहली तिमाही के लिए भी इसकी संभावना नहीं है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है, 'आरआईएल ने जून तिमाही में जियो के पूंजी और परिचालन खर्च के लिए 18,000 करोड़ रुपये का अनुमान व्यक्त किया था और वह सितंबर तिमाही के लाभ और नुकसान पर चुप बनी हुई थी।'

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