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सन फार्मा: आय अनुमान घटने से बढ़ रहा दबाव

राम प्रसाद साहू |  Aug 20, 2017 09:33 PM IST

वित्त वर्ष 2018 के लिए कमजोर राजस्व अनुमान, अमेरिका में कीमतों पर दबाव, ऊंचे लागत आधार और एक विशेष दवा बनाने के लिए निवेश से अगली कुछ तिमाहियों के दौरान सन फार्मा के मार्जिन पर दबाव बना रहेगा।
अल्पावधि परिदृश्य, खासकर अमेरिकी व्यवसाय और हाल में घोषित जून तिमाही के कमजोर नतीजों को देखते हुए विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2018 और वित्त वर्ष 2019 के लिए अपने आय अनुमानों में कटौती की है। सेंट्रम ब्रोकिंग के रंजीत कपाडिया का मानना है कि वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए शुद्घ लाभ अनुमान में 10-15 फीसदी तक की कमी की जा सकती है। एमके ग्लोबल के जतिन कोटियन और विशाल आडवाणी ने कंपनी के आय अनुमानों में वित्त वर्ष 2018 के लिए 32 फीसदी और वित्त वर्ष 2019 के लिए 13 फीसदी की भारी कटौती की है। आय अनुमानों में इन कटौती की वजह से इस शेयर पर बिकवाली दबाव है और पिछले हफ्ते यह 450 रुपये से भी नीचे जा चुका है।
राजस्व के नजरिये से देखें तो दबाव का मुख्य क्षेत्र अमेरिकी व्यवसाय है। सन के अमेरिकी मुनाफे में 45 फीसदी का योगदान देने वाली टारो के राजस्व में एक साल पहले की तुलना में 33 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। जून तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा के बाद टारो के प्रबंधन ने संकेत दिया था कि वितरक एकीकरण, अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (एफडीए) के मंजूरियों में तेजी लाने और जेनेरिक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से मूल्य निर्धारण पर दबाव बढ़ा है। विश्लेषकों का मानना है कि तेवा (दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा निर्माता) की ताजा प्रतिक्रिया को देखते हुए लगता है कि मूल्य निर्धारण दबाव कम से कम दो और तिमाहियों तक बना रहेगा। सन फार्मा की बेहद कमाऊ कंपनी टारो का मार्जिन जून तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 750 आधार अंक गिरकर 50.5 फीसदी रह गया। इसके अलावा, ऊंचे आधार का भी सन फार्मा के एकीकृत मार्जिन पर असर दिखा है और यह आधा घटकर 17.6 फीसदी रह गया। मार्जिन में कमी ऐसी स्थिति में दर्ज की गई है जब कंपनी को जून 2016 की तिमाही में कैंसर दवा इमैटिनिब के लिए 6 महीने की एक्सक्लूसिविटी बिक्री से फायदा हुआ था। कीमत में गिरावट के अलावा अमेरिका में राजस्व बढ़ाने की सन की कोशिशों को हलोल संयंत्र से भी झटका लगा है और इस संयंत्र के उत्पादों को मंजूरियां  नहीं मिली हैं। हालांकि कंपनी उत्पाद मंजूरियों को वैकल्पिक जगहों के लिए स्थानांतरित कर इस जोखिम को कम करने की संभावना तलाश रही है, लेकिन इसका जल्द समाधान एक प्रमुख चुनौती बनी रहेगी। कंपनी ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और अब वह संयंत्र में यूएस एफडीए के निरीक्षण का इंतजार कर रही है।
राजस्व में हर तरह से कमजोरी और मूल्य निर्धारण दबाव से उभरने के लिए किसी बड़े उत्पाद का लॉन्च नहीं होने के बावजूद सन के प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2018 के लिए राजस्व में सिर्फ एक अंक की गिरावट के अपने अनुमान को बरकरार रखा है। मौजूदा हालात को देखते हुए एमके के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के अनुमान कुछ ज्यादा ही हैं। कंपनी का कहना है कि वह वित्त वर्ष 2018 की दूसरी छमाही के दौरान 20-22 फीसदी का परिचालन मुनाफा मार्जिन हासिल करेगी। विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष की दूसरी छमाही के लिए मार्जिन अनुमान औसत दर्जे का है और ऊंचे लागत आधार और घटते राजस्व में इसका असर दिखता है। साथ ही स्पेशियलिटी दवा व्यवसाय के निर्माण में लगातार निवेश और मूल्य निर्धारण में कमजोरी से मार्जिन वृद्घि की रफ्तार प्रभावित हो रही है। विश्लेषकों का कहना है कि सन फार्मा उभरते बाजारों और शेष विश्व पर ध्यान दे रही है और उसे एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्ïस से बिक्री के जरिये अमेरिका में दर्ज की जा रही कमजोरी का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। कंपनी का दबाव घरेलू बिक्री से कम हो सकता है। घरेलू राजस्व में एक साल पहले की तुलना में 5 फीसदी की कमी आई है। विश्लेषकों का मानना है कि राजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर कंपनी के भारतीय कारोबार में धीरे-धीरे सुधार आएगा।
कुल मिलाकर फिलहाल विश्लेषक वित्त वर्ष 2018 में कंपनी के परिदृश्य को लेकर बहुत ज्यादा आश्वस्त नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2019 में वृद्घि की रफ्तार मजबूत हो सकती है क्योंकि स्पेशियलिटी व्यवसाय में कंपनी भारी निवेश कर रही है और उसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

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