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4जी नेटवर्क से सस्ता है फिक्स्ड-लाइन इंटरनेट का कनेक्शन

तिनेश भसीन |  Aug 25, 2017 09:25 PM IST

पिछले एक साल के दौरान 4जी इंटरनेट के शुल्क में खासी कमी आई है। हालांकि सस्ता होने के बावजूद ज्यादातर उपभोक्ताओं के लिए घर में यह फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवा की जगह नहीं ले सकता। अगर आप इंटरनेट पर संगीत सुनते हैं और वीडियो देखने के शौकीन हैं तो 4जी इंटरनेट के मुकाबले फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड अधिक सस्ता पड़ेगा। सस्ता होने के साथ ही यह लगातार अच्छी रफ्तार और बेहतर अनुभव देता है। ईऐंडवाई के ग्लोबल टेलीकॉम लीडर प्रशांत सिंघल कहते हैं, '4जी सेवा के  प्रति यूनिट डेटा की कीमतों में और कमी आएगी। इसके बावजूद लोग आने वाले समय में फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सर्विसेज को अधिक वरीयता देंगे।'
सिंघल के अनुसार दूरसंचार कंपनियां प्रति गीगाबाइट (जीबी) अधिक सस्ता डेटा दे सकती हैं, लेकिन वे न्यूनतम रीचार्ज वैल्यू भी बढ़ा सकती हैं। इस समय लगभग सभी दूरसंचार कंपनियां 346 रुपये प्रति महीने में 28 जीबी डेटा की पेशकश कर रही हैं। कंपनियां यह प्लान पूरी तरह समाप्त कर सकती हैं और इसके बदले 500 रुपये में 50 जीबी डेटा की पेशकश कर सकती हैं। सिंघल कहते हैं, 'उनको प्रति उपभोक्ता राजस्व बढ़ाने की जरूरत है।'
दूरसंचार कंपनियां अपने बुनियादी ढांचे में सुधार कर रही हैं और सस्ती दर पर घर में फिक्स्ड लाइन नेटवर्क पर तेज रफ्तार की पेशकश कर ही हैं। ऐसे में आने वाले समय में ज्यादा लोग फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवाओं का विकल्प ले सकते हैं। उदाहरण के तौर पर दूरसंचार कंपनी जियो 'जियो फाइबर' शुरू करने जा रही है। उम्मीद यही है कि इस पर वह अपने 4जी प्लान के मुकाबले कम कीमत पर लगभग 4जी स्पीड देगी। 4जी और फिक्स्डलाइन ब्रॉडबैंड दोनों के लिए ढांचा समान होता है।
विकसित देशों के मुकाबले भारत की दूसंचार कंपनियों ने ऐसा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क ढांचा तैयार करने पर ध्यान नहीं दिया, जो तेज रफ्तार वाली इंटरनेट सेवा मुहैया कराने में सक्षम है। भारतीय कंपनियों ने वॉयस पर अधिक जोर दिया, जिसके लिए अधिक बैंडविड्थ की जरूरत नहीं होती है। जब 4जी सेवा शुरु करने की जरूरत पड़ी तो उन्होंने फाइबर ऑप्टिक ढांचे पर काम शुरू किया। दूरसंचार ब्लॉग टेलीकॉमटॉक डॉट इन्फो के संस्थापक तरुण पी के कहते हैं, 'हालांकि दूरसंचार कंपनियां अब 4जी नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं, लेकिन अब भी यह तेजी से उभरती तकनीक मात्र है और नेटवर्क पूरी तरह दुरुस्त भी नहीं है।'

घटता शुल्क
कई कंपनियां फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड पर असीमित प्लान की पेशकश करती हैं। स्पेक्ट्रानेट 100 एमबीपीएस स्पीड के साथ 1,249 रुपये प्रति महीने में असीमित डेटा प्लान की पेशकश कर रही है। जिन कंपनियों के असीमित प्लान नहीं हैं, वे ग्राहकों को मासिक उपयोग पर डेटा की अधिक सीमा दे रही हैं। वे शुल्क भी कम कर रही हैं क्योंकि मोबाइल कंपनियां 4जी डाटा प्लान सस्ता दे रही हैं। एयरटेल अब प्रति महीने 849 रुपये में 40 एमबीपीएस रफ्तार के साथ डेटा की पेशकश कर रही है। हालांकि डेटा सीमा 50 जीबी है, लेकिन उपभोक्ताओं को बोनस के तौर पर हरेक महीने 750 जीबी अतिरिक्त डेटा मिलता है। बीएसएनएल ने भी अपनी योजनाओं के शुल्क में कमी की है। कंपनी का असीमित 2 एमबीपीएस डीएसएल ब्रॉडबैंड प्लान अब हर महीने 599 रुपये में उपलब्ध है। पहले यह उपभोक्ताओं को 1,199 रुपये में मिलता था।

सबसे बेहतर विकल्प
अगर आप केवल ई-मेल चेक करने, इंटरनेट ब्राउजिंग, चैट और सोशल मीडिया के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो इनके लिए 4जी पर्याप्त है। लेकिन अगर आप इंटरनेट पर संगीत सुनते हैं, वीडियो देखते हैं और ऑनलाइन गेम खेलते हैं तो इन मामलों में ब्रॉडबैंड आपके लिए बेहतर साबित होगा। ज्यादातर शहरी परिवारों में विभिन्न उपकरण इस्तेमाल होते हैं। जैसे, ई-बुक रीडर, टैबलेट, कंप्यूटर और मोबाइल फोन। कुल मिलाकर 4जी प्लान के तहत मिलने वाले डेटा से कहीं अधिक इंटरनेट का इस्तेमाल इन उपकरणों में होता है। स्पेक्ट्रानेट के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक उदित मेहरोत्रा कहते हैं, 'दूरसंचार कंपनियां अपने 4जी प्लान में जितने डेटा की पेशकश करती हैं, उनके मुकाबले हमारे उपभोक्ताओं की औसत खपत करीब 10 गुना है।'
मोबाइल फोन पर 4जी सेवा के इस्तेमाल के अपने फायदे हैं। पर्सनल टेक ब्लॉग टेकपीपी डॉट कॉम चलाने वाले राजू पीपी कहते हैं, 'चूंकि, यह सेवा आपके सिम कार्ड पर उपलब्ध होती है। इसलिए आप कहीं भी इसे ले जा सकते हैं और इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए अतिरिक्त उपकरण की जरूरत नहीं है। जिन इलाकों में कवरेज अच्छा है, वहां आपको अच्छी रफ्तार भी मिल सकती है।' दूसरी तरफ मोबाइल इंटरनेट की कुछ दिक्कतें भी हैं, जो फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड में नहीं आती हैं। 4जी की स्पीड भी घटती-बढ़ती रहती है। राजू कहते हैं, 'मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार टावर से जुड़े उपभोक्ताओं की संख्या पर निर्भर करती है। टावर की बैंडविड्थ निश्चित होती है। अगर कुछ ही उपभोक्ता बैंडविड्थ का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो रफ्तार अधिक होती है। अगर उपभोक्ता ज्यादा हुए तो रफ्तार कम हो सकती है।' फिक्स्ड लाइन इंटरनेट की तीव्रता में उतार-चढ़ाव कम होता है। मान लें आपके पास 4 एमबीपीएस कनेक्शन है तो आपको हमेशा लगभग इतनी ही स्पीड मिलती रहेगी। मेहरोत्रा कहते हैं, '4जी उपभोक्ताओं को वीडियो चैट या वायस कॉल या ऑनलाइन गेम खेलने में हमेशा परेशानी होती है। इसकी वजह यह है कि 4जी नेटवर्क पर डेटा को इधर से उधर जाने में अधिक समय लगता है। ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं को ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना होता है।' भविष्य में ज्यादातर घरों में फिक्स्ड लाइन इंटरनेट सेवाएं होंगी। तरुण कहते हैं, '4जी मोबाइल इंटरनेट पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें वाशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर, एयर कंडीशनर और लाइटों से लेकर दूसरे उपकरण तक सभी इंटरनेट से जुड़े होंगे।'

जानें अपनी डेटा जरूरतें
ज्यादातर लोगों के लिए मोबाइल पर इंटरनेट जरूरी होता है क्योंकि वे ई-मेल और चैट के साथ-साथ इंटरनेट चलाने में भी इसका इस्तेमाल करते हैं। लिहाजा, विशेषज्ञों की उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे 4जी और फिक्स्ड लाइन दोनों ही रखें। ब्रॉडबैंड के लिए उस कंपनी की सेवा लें जिसके पास फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन है। हालांकि आपके लिए न्यूनतम डेटा स्पीड या महीने में खर्च होने वाले डेटा के बारे में सटीक तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। आपके लिए कम लैटेंसी के साथ कम डेटा स्पीड का फिक्स्ड लाइन प्लान भी पर्याप्त हो सकता है। अपने हरेक महीने के डेटा खर्च का अंदाज लगाने के लिए इंटरनेट पर डेटा कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। जानकारों का कहना है कि इंटरनेट ब्राउजिंग पर हरेक महीने 7 से 10 जीबी डेटा खर्च हो जाते हैं। अगर आपने नेटफ्लिक्स की सेवा ले रखी है तो मीडियम रिजॉल्यूशन में हर घंटे 700 एमबी और हाई डिफिनिशन में 3 जीबी प्रति घंटा डेटा की जरूरत हो सकती है। एक गाना सुनने पर 4 से 12 एमबी डेटा खर्च हो जाता है। अगर एक ही समय परिवार में कई उपकरण इंटरनेट से जुड़े हैं तो आप उस हिसाब से डेटा इस्तेमाल का अनुमान लगा सकते हैं।

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