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बेचें सारे घर, खरीदें एक और बचाएं कर

तिनेश भसीन |  Aug 27, 2017 08:34 PM IST

हाल में दिल्ली के आयकर अपीली न्यायधिकरण ने फैसला सुनाया है कि अगर किसी घर का मालिक अपने कई मकानों को बेच देता है और उस रकम से नया घर खरीद लेता है तो वह कैपिटल गेन टैक्स यानी पूंजी लाभ कर में कटौती पाने का हकदार होगा। टैक्समैन डॉट कॉम के महाप्रबंधक नवीन वाधवा ने कहा, 'लोगों का अपने छोटे घरों को बेचना और एक बड़ा घर खरीदना कोई समान्य बात नहीं है। इस फैसले से करदाताओं को फायदा मिलेगा और अन्य राज्यों में भी इस फैसले को संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।' वाधवा के मुताबिक सरकार ने दो साल पहले कानून में एक संशोधन किया था और यह स्पष्ट किया था कि कोई व्यक्ति कैपिटल गेन टैक्स बचाने के लिए एक घर बेचकर उससे प्राप्त रकम को कई घर खरीदने में निवेश नहीं कर सकता है। इसके अलावा खरीद गई संपत्ति भारत में होनी चाहिए। वह कहते हैं, 'अगर सरकार का यह नजरिया होता कि विभिन्न घरों को बेचने से प्राप्त रकम को एक घर में निवेश नहीं किया जा सकता तो उसके मुताबिक कानून में बदलाव किया जाता।'

 
कर विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि करदाताओं को धारा 54 और 54एफ के तहत दी गई समयावधि का ख्याल रखना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 54 के तहत कोई व्यक्ति अपना घर बेचकर और इस रकम को नया घर खरीदने में निवेश कर कैपिटल गेन टैक्स बचा सकता है। नई संपत्ति पुरानी संपत्ति की बिक्री से एक साल पहले या उसके दो साल बाद खरीदी जानी चाहिए। माना कि आपने 1 जून 2016 को एक संपत्ति बेची है। इस पर आप उस स्थिति में कैपिटल गेन टैक्स बचा सकते हैं, जब आपने या तो 1 जून 2015 से एक जून 2016 के बीच नया घर खरीदा है या आप 31 मई 2018 से पहले दूसरा घर खरीदते हैं। अगर आप नए घर का निर्माण करवा रहे हैं तो आपको निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए तीन साल मिलेंगे। 
 
धारा 54एफ के तहत कोई व्यक्ति सोने जैसी दीर्घकालिक पूंजीगत संपत्ति को बेचकर और आवासीय संपत्ति में निवेश कर कैपिटल गेन टैक्स बचा सकता है। दोनों धाराओं के बीच मुख्य अंतर यह है कि धारा 54 के तहत केवल कर योग्य लाभ को किसी संपत्ति में निवेश करना जरूरी है। वहीं धारा 54एफ के तहत बिक्री से प्राप्त पूरी रकम का निवेश करना पड़ता है। हाल के आयकर अपीली न्यायधिकरण के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि जब तक घर का निर्माण कार्य चलता है और इसके पूरे होने की तीन साल की अवधि खत्म नहीं होती है, तब तक वह व्यक्ति कर योग्य लाभ का कई वित्त वर्षों के दौरान इसमें निवेश जारी रख सकता है।
 
माना कि आपने पहला घर 1 जून 2016 को बेचा। अगर आप 31 मई 2019 तक घर का निर्माण पूरा करा देते हैं तो आप कैपिटल गेन टैक्स बचा सकते हैं। अगर आप दूसरा घर 2017 में बेचते हैं और उस पैसे को उस निर्माणाधीन मकान में लगाते हैं तो भी आप कैपिटल गेन टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा आपके रिटर्न भरते समय रकम के एक हिस्से का उपयोग नहीं हो पाता है तो आपको वह रकम कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम में जमा करानी होगी। माना आपने 2016 में एक घर 1 करोड़ रुपये में बेचा है और आपको 30 लाख रुपये का कैपिटल गेन हुआ है। अब आप एक नया घर खरीदते हैं, जिसमें भुगतान निर्माण से जुड़ा है और आप डेवलपर को 20 लाख रुपये बुकिंग राशि के रूप में देते हैं तो आपको शेष 10 लाख रुपये कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम में जमा कराने होंगे। 
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