होम » Investments
«वापस

निवेश के चक्कर में ही न खरीदें हीरा

तिनेश भसीन |  Sep 03, 2017 07:57 PM IST

इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) में पिछले सोमवार से हीरे का डेरिवेटिव कारोबार शुरू हो गया। दुनिया भर में हीरे का यह पहला वायदा अनुबंध कारोबार है और इसकी खासियत यह है कि खुदरा निवेशक भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। वे सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये इसमें हीरे खरीद सकते हैं। आईसीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी (एमडी एवं सीईओ) संजित प्रसाद कहते हैं, 'कई निवेशक हर महीने एसआईपी के जरिये निवेश करने को तैयार हैं और तय लक्ष्य तक पहुंचने के बाद हीरे लेने में उन्हें कोई एतराज नहीं है। वायदा कारोबार शुरू होने के बाद ब्रोकर अब अपने ग्राहकों के सामने यह सेवा पेश कर सकते हैं।'

 
यदि हीरे शामिल कर लिए जाएं तो निवेश का पोर्टफोलियो बढ़ जाता है और निवेश का एक विकल्प भी हासिल होता है। जानकारों के अनुसार पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी 1 से 2 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। डिवाइन सॉलिटेयर्स के प्रबंध निदेशक जिग्नेश मेहता कहते हैं, 'धन संग्रह करने के लिहाज से हीरा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसकी कीमत में बहुत कमी नहीं आती। मगर कारोबार के उद्देश्य से इसकी खरीदारी नहीं होनी चाहिए। हीरा तभी खरीदें, जब आपका इस्तेमाल करना चाहते हैं या धन के रूप में इसका संग्रह करना चाहते हैं।'
मेहता बताते हैं कि हीरे की कीमत मांग और आपूर्ति के हिसाब से बदलती रहती है। छह महीने के भीतर ही आपको अप्रत्याशित प्रतिफल मिल सकता है और यह भी हो सकता है कि मामूली प्रतिफल हासिल करने में भी कई साल का वक्त लग जाए। ऐसे में इसे शुद्ध वित्तीय उत्पाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पिछले तीन सालों में हीरे से प्रतिफल नकारात्मक रहा है। पिछले पांच साल में कीमतें भी सपाट ही रही हैं। हीरे का बाजार संगठित हो रहा था और धीरे-धीरे यह ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी बनता जा रहा था। पहले जब कोई व्यक्ति हीरा बेचने पहुंचता था तो आभूषण बेचने वाला हरेक कारोबारी उसे अपने पास मौजूद मांग के आधार पर ही कीमत बताता था।
 
पोपली ऐंड संस के प्रबंध निदेशक राजीव पोपली कहते हैं, 'अब हमारे पास ऐसे प्लेटफॉर्म हैं, जहां उद्योग ही कीमतें तय करेगा। सर्टिफिकेट पर जो गुणवत्ता बताई जाएगी, उसे पढ़कर आप कीमत का पता लगा सकते हैं। अगर हमें लगता है कि किसी खास गुणवत्ता वाले हीरे की अधिक मांग है तो हम वह हीरा खरीदेंगे।' विभिन्न खूबियों के आधार पर निवेशक इंटरनेट पर भी कीमतें परख सकते हैं। पोपली कहते हैं कि आईसीईएक्स का हीरा वायदा अनुबंध खरीदारों और निवेशकों के लिए अच्छा है, क्योंकि इससे कीमतों में और पारदर्शिता आएगी।
 
आईसीईएक्स पर तीन अनुबंध उपलब्ध हैं। 1 कैरट (यानी 100 सेंट), एचवीएस2 गुणवत्ता का 50 सेंट और 30 सेंट। इन्हीं का सबसे ज्यादा कारोबार किया जाता है। एचवीएस2 में 'एच' का मतलब रंग से है जबकि वीएस2 हीरे की पारदर्शिता से जुड़ा है। प्रत्येक अनुबंध का लॉट साइज 1 सेंट यानी 1 कैरट का 100वां हिस्सा है। अगर मान लें कि 1 कैरट हीरे की कीमत 2.5 लाख रुपये है तो लॉट का मूल्य 2,500 रुपये होगा। चूंकि वायदा कारोबार में 5 प्रतिशत मार्जिन रखना होता है, इसलिए कोई निवेशक मानी गई कीमत के आधार पर केवल 125 रुपये लगा कर कारोबार में भाग ले सकता है। जो लोग चरणबद्ध रूप से बचत कर हीरा खरीदना चाहते हैं, वे 1 सेंट के कई अनुबंध ले सकते हैं और उन्हें एकत्र कर सकते हैं। अगर आप 30 अनुबंध एकत्र करते हैं तो आप 30 सेंट हीरा ले सकते हैं। 50 सेंट के लिए 50 अनुबंध और 1 कैरट के हीरे के लिए 100 अनुबंध एकत्र करने होंगे। पोपली का कहना है कि शुद्ध निवेश के उद्देश्य से लोगों को अक्सर कम मिलने वाले 1 कैरट से अधिक के हीरे पर विचार करना चाहिए, जो 2.5 लाख रुपये से अधिक पर शुरू होते हैं।
कीवर्ड diamond, invest, इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज आईसीईएक्स,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक