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रियल एस्टेट में दिखने लगा सुधार.. तो कैसे आगे बढ़ें मकान खरीदार

संजय कुमार सिंह |  Sep 03, 2017 07:58 PM IST

पिछले दो-तीन साल से ठहरे हुए रियल एस्टेट क्षेत्र में अब रफ्तार दिखने लगी है और देश के कुछ हिस्सों में रियल्टी कीमतें सुधर रही हैं। हालांकि सभी शहरों में कीमतें एक जैसा जोर नहीं पकड़ेंगी, लेकिन जिन्हें खुद रहने के लिए मकान खरीदना है, उनके लिए कीमतें बढऩे और छूट खत्म होने से पहले ही चाबी हासिल करने का अभी एकदम सही मौका है।

 
बदलाव शुरू
 
अप्रैल-जून 2017 की मैजिकब्रिक्स प्रॉपइंडेक्स रिपोर्ट बताती है कि उसके सर्वेक्षण में शामिल 750 स्थानों में से 55 प्रतिशत में रियल्टी की कीमतें उससे पिछली तिमाही के मुकाबले औसतन 2.8 फीसदी बढ़ गईं। दक्षिण भारत में अधिक तेजी दिखी, पश्चिम के बाजार मामूली ऊपर-नीचे दिखे और उत्तर के बाजार गिरते ही रहे। रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों के बजाय उपयोगकर्ताओं के जोर वाले ऐसे बाजार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्होंने तेजी के दौर में कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ाईं और जिनकी परियोजनाओं में ज्यादा देर नहीं हुई। लायसेस फोरास की पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट बताती है कि आठ शीर्ष शहरों में जून तिमाही के दौरान पिछली तिमाही के मुकाबले 6 फीसदी अधिक बिक्री दर्ज की गई। मुंबई ने तो पिछले 7 साल में सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री की।
 
कोलियर्स रिसर्च ने भी बताया कि शीर्ष शहरों में 2017 की पहली छमाही के दौरान 2016 की अंतिम छमाही के मुकाबले 17 फीसदी कम नई परियोजनाएं आईं। लेकिन वर्तमान छमाही में नई परियोजनाओं में और भी कमी आने का खटका उसने जताया है। कोलियर्स इंटरनैशनल में नॉलेज सिस्टम्स के राष्टï्रीय निदेशक अमित ओबेरॉय ने कहा, 'नई परियोजनाओं में कमी अच्छी है क्योंकि इससे पहले से बने मकानों का जमावड़ा कम होगा।'
 
खरीदने का सही समय
 
अपने रहने के लिए मकान खरीदने की तमन्ना रखने वाले जो खरीदार कीमतों में और कमी आने की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें निराशा हाथ लग सकती है। त्योहार करीब हैं, छूट के ऑफर आ रहे हैं और खरीदार भी रियल एस्टेट नियामकीय प्राधिकरण (रेरा) पर भरोसा कर रहे हैं। इसीलिए कीमतें अब बढ़ सकती हैं। ओबेरॉय कहते हैं, 'अपने लिए मकान खरीदना है तो वक्त जाया मत करें क्योंकि पता नहीं कीमतें कब ऊपर चली जाएं। खरीदना है तो जल्दी हरकत में आएं।'
 
डेवलपर कुछ हफ्तों में त्योहारी ऑफर शुरू कर सकते हैं। प्रॉपटाइगर डॉटकॉम के मुख्य निवेश अधिकारी अंकुर कपूर कहते हैं, 'हो सकता है कि तैयार संपत्तियों में आपको छूट नहीं मिले, लेकिन निर्माणाधीन परियोजनाओं में अच्छे ऑफर जरूर मिलेंगे।' मैजिकब्रिक्स डॉटकॉम की कंटेंट प्रमुख एवं सलाहकार जयश्री कुरुप का कहना है, 'अभी तलाश शुरू करेंगे तभी कुछ हफ्तों में सही संपत्ति चुन पाएंगे और ऑफरों का फायदा भी उठा पाएंगे।'
 
तैयार या निर्माणाधीन?
 
कुरुप के हिसाब से परियोजनाओं में विलंब का सिलसिला देखते हुए खरीदारों को खासकर उत्तर भारत में तैयार संपत्ति चुननी चाहिए। वह कहती हैं, 'रेडी टु मूव संपत्तियों के लिए फोरन पैसा देना पड़ता है। यदि आप पैसा जुटा सकते हैं तो उसे ही खरीदिए।' ओबेरॉय के अनुसार ग्राहक को जोखिम सहने की अपनी क्षमता के हिसाब से ही संपत्ति चुनने चाहिए। उनके मुताबिक निर्माणाधीन संपत्ति खरीदनी है तो रेरा से पंजीकृत और अच्छे रिकॉर्ड वाले डेवलपर को ही चुनें। निर्माणाधीन संपत्तियों की कीमत तैयार संपतितयों के मुकाबले ज्यादा बढ़ती है। लेकिन यह जरूर देख लें कि निर्माणाधीन परियोजना का काम रुका हुआ तो नहीं है।
 
मकान खरीदने के लिए ऐसी जगह चुनने की कोशिश करें, जहां सामाजिक और पारंपरिक बुनियादी ढांचा विकसित हो चुका हो। लक्जरी परियोजना में खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए भी आकर्षक अवसर मौजूद हैं। चूंकि इस श्रेणी में आपूर्ति बहुत अधिक है, इसलिए अच्छी छूट मिल सकती है। कई लक्जरी परियोजनाएं पिछले साल ही पूरी हुई हैं, इसलिए आपको रेडी टु मूव मकानों के भी ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं। कुरुप कहती हैं, 'लक्जरी संपत्ति खरीदने के लिए अक्सर लोग अपना मौजूदा मकान बेचना चाहते हैं। अगर आप कम कीमत पर नया मकान खरीद रहे हैं तो पुराना भी कम कीमत पर ही बिकेगा। अगर आपके भीतर क्षमता हो तो पुराने मकान में दो-तीन साल रहते हुए नया मकान खरीदें और कीमत चढऩे पर पुराना मकान बेच दें।'
 
पांच साल के लिए करें निवेश
 
निवेशकों के लिए यह अच्छा मौका है, लेकिन उन्हें पांच साल या उससे ज्यादा वक्त के लिए निवेश करने की जरूरत होगी। विभिन्न शहरों में रियल्टी बाजारों की अलग-अलग सूरत देखते हुए यदि अपने शहर में बाजार सुस्त दिख रहा है तो ऐसे शहरों में निवेश करें, जहां इस वक्त अच्छी संभावनाएं हैं। कुरुप कहती हैं, 'मजबूत आर्थिक कारकों और रोजगार के अधिक अवसरों वाले शहरों में बाजार अच्छा करते हैं। यदि दूसरे शहरों के लोग रोजगार के लिए आते हैं तो ऐसे शहरों का रियल एस्टेट बाजार तेजी से आगे बढ़ेगा।' इसी तरह यदि किसी शहर में दफ्तरों की जगह ज्यादा बिक रही है तो वहां आर्थिक गतिविधियां अच्छी होने का संकेत मिलता है।
 
ऐसी जगह पर संपत्ति में निवेश करें, जहां उसे किराये पर आसानी से दिया जा सके। कुरुप का कहना है, 'अगर कीमत में बढ़ोतरी आने का इंतजार कर रहे हैं तो बीच में संपत्ति को किराये पर दिया जा सकता है। इसलिए ऐसी संपत्ति में निवेश करें जो किसी आर्थिक केंद्र के नजदीक हो। इससे आपको किरायेदार बेहद आसानी से मिल जाएंगे।' निम्न-मध्य मूल्य वर्ग की संपत्ति में निवेश करना अच्छा हो सकता है। मैजिकब्रिक्स-प्रॉपइंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार महंगी संपत्तियों की तुलना में इस तरह की संपत्तियों का प्रदर्शन अच्छा है। शहरों के अंदर भी किसी परियोजना की कीमत ज्यादा बढ़ती है तथा किसी और परियोजना की कुछ कम। ओबेरॉय कहते हैं, 'लोग मानते हैं कि कुछ खास डेवलपर परियोजना को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करते हैं। इसीलिए उनकी परियोजनाओं की मांग ज्यादा है। ये परियोजनाएं कीमत में बढ़ोतरी का बेहतर फायदा दिला देती हैं।' ध्यान रहे कि जरूरत से ज्यादा मकानों वाले छोटे बाजार में रकम बिल्कुल भी नहीं लगाएं। उनमें न तो किराया मिलेगा और न ही कीमत जल्दी बढ़ेगी।
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