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वेदांत, हिंडाल्को ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए तैयार

उज्ज्वल जौहरी |  Sep 10, 2017 09:04 PM IST

शेयर बाजारों पर तेजी दर्ज कर चुकी वेदांत और हिंडाल्को और अधिक बढ़त बनाने के लिए तैयार हैं। इन दोनों कंपनियों को बढ़ती एल्युमीनियम कीमतों का फायदा मिलने का अनुमान है (वेदांत को अन्य प्रमुख धातुओं में तेजी का भी लाभ मिलेगा), जिसका उनकी आय पर भी सकारात्मक असर दिख सकता है।
अप्रैल-जुलाई के दौरान ठहराव के बाद, एल्युमीनियम कीमतों में अगस्त में तेजी दर्ज की गई। लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर प्रति टन एल्युमीनियम कीमतें अगस्त में 2,000 डॉलर के स्तर को पार कर 2,090 डॉलर पर पहुंच गईं। एल्युमीनियम कीमतें लंबी अवधि के लिए मजबूत बने रहने का अनुमान है।
मैक्वेरी की जिंस टीम ने चीन में अवैध एल्युमीनियम क्षमता में उम्मीद से ज्यादा कटौती का अनुमान जताया है, और इसलिए अपने एल्युमीनियम कीमत अनुमानों को 4-9 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह वेदांत और हिंडाल्को जैसी भारतीय एल्युमीनियम कंपनियों के लिए अच्छी खबर है। विश्लेषकों का कहना है कि अल्पावधि में हालांकि वेदांत को अधिक बढ़त हासिल होगी क्योंकि हिंडाल्को ने अपने उत्पादन को वित्त वर्ष 2018 में कम कीमतों पर बनाए रखा है। धातु, लौह अयस्क और तेल दिग्गज वेदांत को भी जिंक उत्पादन और कीमतों में वृद्घि का लाभ मिल रहा है। इसलिए, इसे लेकर आश्चर्य नहीं है कि इसकी शेयर कीमत 5 सितंबर को दिन के कारोबार में चढ़कर 320.20 रुपये पर पहुंच गई थी। इस शेयर के लिए यह ऐसा कीमत स्तर है जिस पर वह अप्रैल 2011 के बाद से नहीं पहुंचा था।
एल्युमीनियम सेगमेंट में वेदांत अपनी क्षमताओं में भी सुधार दर्ज कर रही है। झारसीगुडा-2 (उसकी 312,000 टन क्षमता की तीसरी लाइन) में विस्तार की वजह से वेदांत जून तिमाही के वित्तीय परिणाम के बाद पूरे वर्ष के उत्पादन अनुमान को 14-16 लाख टन पर बरकरार रखने में कामयाब रही है। वेदांत ने सभी सेगमेंटों (जस्ता, तेल, एल्युमीनियम) में बिक्री वृद्घि की वजह से अपनी आय अनुमान में लगातार वृद्घि में सफल रही है और इन जिंसों के लिए कीमत अनुमान में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
हालांकि मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने हाल में वेदांत के लिए अपने कीमत लक्ष्य को बढ़ाकर 360 रुपये किया है, लेकिन मैक्वेरी ने इसके लिए 345 रुपये का कीमत लक्ष्य तय किया है। इन दोनों अनुमानों से इस शेयर में तेजी का संकेत मिलता है।
हिंडाल्को के लिए, ऊंची एल्युमीनियम कीमतों का भी लाभ मिलेगा, लेकिन प्राइस हेजिंग की वजह से कुछ हद तक यह प्रभावित होगा। जेफरीज के विश्लेषकों का कहना है कि हिंडाल्को को एल्युमीनियम कीमतों में ताजा तेजी का पूरा लाभ नहीं मिल सकता है, क्योंकि इसने अपनी वित्त वर्ष 2018 की लगभग 56 प्रतिशत बिक्री की हेजिंग की है, जो हाजिर एल्युमीनियम एलएमई कीमतों से 13 फीसदी कम है।
कंपनी की वित्त वर्ष 2017 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, हिंडाल्को ने 1,796 डॉलर प्रति टन की कीमत पर 979,000 टन एल्युमीनियम बिक्री (वित्त वर्ष 2018 की बिक्री का 78 प्रतिशत) की हेजिंग की। हालांकि सकारात्मक बात यह है कि कंपनी ने विदेशी मुद्रा की हेजिंग पर भी ध्यान दिया है। जेफरीज के विश्लेषकों का मानना है कि इन विदेशी मुद्रा हेजिंग के लाभ से एल्युमीनियम हेजिंग नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2019 की सिर्फ 20 प्रतिशत बिक्री की हेजिंग की संभावना है, इसलिए बढ़ती कीमतों का असर राजस्व और मुनाफे पर दिखना चाहिए। इसलिए जहां हिंडाल्को के वित्त वर्ष 2018 के एबिटा अनुमानों में ज्यादा संशोधन (अपग्रेड) नहीं देखा जा सकता है, लेकिन वित्त वर्ष 2019 में परिचालन प्रदर्शन और आय में सुधार दिखेगा। हिंडाल्को के शेयर में भी तेजी दर्ज की गई है। जेफरीज ने इस शेयर के लिए 261 रुपये का कीमत लक्ष्य रखा है और मैक्वेरी ने 280 रुपये का लक्ष्य तय किया है जिससे इस शेयर में और तेजी का संकेत मिलता है।
दूसरी तरफ, नालको के लिए खबरें उत्साहजनक नहीं हो सकती हैं। नालको निजी खपत के अलावा एल्युमिना (एल्युमीनियम के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला उत्पाद) की बिक्री करती है। एल्युमिना बिक्री का उसके सकल राजस्व में लगभग 40 फीसदी का योगदान है। मैक्वेरी ने वित्त वर्ष 2018-20 के दौरान एल्युमिना कीमतों के लिए अपना अनुमान 3-8 प्रतिशत तक घटा दिया है।

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