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रिटेल में दिखता है फ्यूचर अच्छा

अभिनीत कुमार |  Sep 24, 2017 10:12 PM IST

खुदरा के खिलाड़ी किशोर बियाणी की छवि को उस समय झटका लगा था जब उन्होंने कर्ज घटाने के लिए अपनी पैंटालून रिटेल मई 2012 में आदित्य बिड़ला गु्रप को बेच दी थी। मगर बियाणी ने चीजें फिर बदल दी हैं। बीएसई में उनकी प्रमुख कंपनी फ्यूचर रिटेल का शेयर 2017 में अब तक (21 सितंबर) करीब 317 फीसदी चढ़ कर 550 रुपये के पास जा पहुंचा है। रिटेल कंपनियों के शेयरों में यह सबसे अधिक तेजी है जिससे संकेत मिलता है कि ऐसेट-लाइट मॉडल अपनाने में कंपनी को मदद मिली है।

 
दरअसल, फ्यूचर गु्रप की ज्यादातर कंपनियों की शेयर कीमतें 2017 में 200 से 345 फीसदी तक बढ़ी हैं। एवेन्यू सुपरमाट्ïर्स (डी-मार्ट चेन) मार्च में सूचीबद्घ हुई और यह शेयर अपनी 299 रुपये की निर्गम कीमत से बढ़कर 1119 रुपये की ऊंचाई (15 सितंबर 2017) छू चुका है। बिग बाजार, ईजी डे, एफबीबी, फूडहॉल और ईजोन का परिचालन करने वाली फ्यूचर रिटेल अब शॉपर्स स्टॉप समर्थित हाइपरसिटी के अधिग्रहण के लिए बातचीत कर रही है। यह लगभग दो साल में फ्यूचर रिटेल का तीसरा बड़ा अधिग्रहण हो सकता है। कंपनी ने मई 2015 में भारती रिटेल से इजी डे के स्मॉल स्टोरों का अधिग्रहण किया था और नवंबर 2016 में हैदराबाद की हेरिटेज फूड्स के रिटेल व्यवसाय को खरीदा था। कंपनी के पास अब कुल रिटेल स्पेस 1.38 करोड़ वर्ग फुट हो गया है और 26 राज्यों के 240 शहरों में उसके स्टोरों की संख्या 901 है।
 
विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा सिक्योरिटीज के विश्लेषक मनीष जैन ने कहा, 'अपने फूड व्यवसाय में हाइपरसिटी निजी लेबलों पर अधिक ध्यान देता है। फ्यूचर रिटेल भी इसी रणनीति पर अमल करती है। कम परिसंपत्तियों की रणनीति के साथ फ्यूचर रिटेल हाइपरसिटी की दायरा बढ़ाने में सक्षम होगी। हाइपरसिटी का मौजूदा प्रबंधन इसमें काफी हद तक विफल रहा है।'
निवेशक फ्यूचर रिटेल की अधिग्रहण योजनाओं को लेकर उत्साहित हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 11.8 फीसदी की शानदार सेम-स्टोर्स सेल्स ग्रोथ (एसएसएसजी) दर्ज की और साथ ही उसका परिचालन मुनाफा मार्जिन 143 आधार अंक बढ़कर 4.5 फीसदी हो गया। परिचालन दक्षता के कारण रिटेलिंग की लागत में कमी आई है।
 
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से भी परिचालन  दक्षता बढऩे की उम्मीद है। 1,000 रुपये से कम के परिधानों पर 5 फीसदी जीएसटी है। इस कीमत के परिधानों का कंपनी की बिक्री में 43 फीसदी का योगदान है। घरेलू ब्रोकरेज प्रभुदास लीलाधर के विश्लेषक अमनीश अग्रवाल कहते हैं, 'फ्यूचर रिटेल अपने कामकाज का लगातार पुनर्गठन कर रही है। वह कम मार्जिन और अधिक स्ट़क वाले व्यवसायों से परहेज कर रही है।' पुनर्गठन पहल के तहत कंपनी ने 15 बड़े हेरिटेज फ्रेश स्टोरों को बिग बाजार स्टोरों में तब्दील किया है जिनमें परिधान और आम सामन नहीं होंगे। कंपनी ने जून तिमाही में 11 ई-जोन स्टोरों को भी बंद किया। ईजी डे के प्रदर्शन में धीरे धीरे सुधार आ रहा है, हालांकि इसका एबिटा कमजोर (या 1 फीसदी नुकसान) बना हुआ है। 
 
इन सभी पहल का असर वित्तीय नतीजों में दिख रहा है। जून में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्घ बिक्री सालाना आधार पर 18.2 फीसदी बढ़कर करीब 4,705 करोड़ रुपये रही जबकि शुद्घ मुनाफा दोगुना होकर 147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एडलवाइस का मानना है कि प्रतिस्पर्धी कीमतों, डेटा विश्लेषण, बेहतर स्टोर आकार और ग्राहकों को पेशकश की मदद से कंपनी सेम स्टोर सेल में (वित्त वर्ष 2018 और वित्त वर्ष 2019 के दौरान औसत आधार पर लगभग 12 फीसदी सालाना) दो अंकों में बढ़ोतरी दर्ज करने में सफल रहेगी। 
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