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बैंक, बीमा और शेयर बाजार, चैटबॉट है आपका मददगार

तिनेश भसीन |  Oct 22, 2017 09:57 PM IST

मान लाजिए कि आपकी एक सावधि जमा कुछ दिनों में परिपक्व होने जा रही है और आप उसका नवीनीकरण कराना चाहते हैं। आप क्या करेंगे? आप तुरंत कॉल सेंटर का नंबर डायल करेंगे और इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर) पर अपनी उंगलियां चलाते रहेंगे। किसी एक्जीक्यूटिव से बातचीत का इंतजार करेंगे, अपना परिचय प्रमाणित कराएंगे और उसके बाद निवेदन करेंगे। लेकिन अगर आप अपना बैंक ऐप खोलें और और लिख दें कि 'मेरी सावधि जमा का नवीनीकरण करें' और यह काम हो जाए तो कैसा हो? ग्राहकों को ऐसे सहज अनुभव मुहैया कराने के लिए चैटबॉट की मदद लेने वाले वित्तीय क्षेत्र के बैंकों और अन्य कंपनियों की तादाद बढ़ती जा रही है।

 
एक बॉट और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म गपशप के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी बीरुद शेठ ने कहा, 'कंपनियां उन आम जन सेवाओं और पूछताछ को स्वचालित बना रही हैं, जिनके लिए ग्राहक उनसे संपर्क करते हैं या उनके कॉल सेंटर पर फोन करते हैं। इससे जहां कंपनियों के लिए मानव श्रम और लागत की बचत होती है वहीं इससे ग्राहकों को सहूलियत मिलती है और उनका समय बचता है।'
 
आप देेख सकते हैं कि अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऐप्स और वेबसाइट को चैटबॉट से जोडऩे वाले बैंकों, बीमा कंपनियों और यहां तक कि स्टॉक ब्रोकरों की तादाद बढ़ती जा रही है। आप चैटबॉट्स का इस्तेमाल ब्याज दर, आईएफएससी कोड जैसी बुनियादी सूचनाएं हासिल करने, आवदेन की स्थिति का पता करने, कार्ड बंद करने, अलर्ट सेट करने, ईमेल पर खाते का स्टेटमेंट या बीमा पॉलिसी की प्रति हासिल करने में कर सकते हैं। 
 
बहुत सी कंपनियां ऐसे प्लेटफॉर्म भी शुरू कर रही हैं, जहां ग्राहक बिल भुगतान, मोबाइल रीचार्ज, सावधि जमा खोलने या नवीनीकरण करने, पैसा भेजने जैसे लेनदेन कर सकता है। स्टॉक ब्रोकरों द्वारा मुहैया कराए जाने वाले चैटबॉट की मदद से आप वांछित कीमत पर शेयरों की खरीद को ऑटोमेट करने का भी निर्देश दे सकते हैं। हर लेनदेन पर सत्यापन से बचने के लिए आप वन टाइम पासवर्ड के जरिये अपना मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट कंपनी के पास पंजीकृत करा सकते हैं।
 
ये सॉफ्टवेयर प्रोग्राम ग्राहकों की बातचीत को समझने के लिए कई तकनीक इस्तेमाल करते हैं। चैटबॉट प्लेटफॉर्म मुहैया कराने वाली एक कंपनी निकीडॉटएआई के सह-संस्थापक नितिन बाबेल ने कहा, 'अलग-अलग लोग एक ही सवाल को अलग-अलग तरीकों से पूछते हैं। चैटबॉट इस चीज को समझने के लिए स्वाभाविक भाषा प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं कि व्यक्ति क्या कह रहा है। ये चैट का संदर्भ याद रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भी इस्तेमाल करते हैं, जो उसे बार-बार वही सवाल  पूछने से बचाते हैं।'
 
ऐसा लगता है कि ग्राहक भी धीरे-धीरे कंपनियों को फोन करने के बजाय बॉट को तरजीह देने लगे हैं। बैंगलुरू की सेंसफोर्थ एआई रिसर्च ने एचडीएफसी बैंक का चैटबॉट इवा बनाया है। इवा अब तक 5,30,000 से अधिक यूजर से संवाद कर चुका है। उसने पिछले छह महीनों में 12 लाख संवाद किए हैं और 27 लाख सवालों का समाधान मुहैया कराया है। लोगों के लिए चैटबॉट के बहुत से फायदे हैं। ऐक्सिस बैंक के सीआईओ अमित सेठी कहते हैं कि चैटबॉट में सुधार के साथ ही सेवा की गुणवत्ता समान या बेहतर होती जा रही है। ये आपको तुरंत उपयुक्त जवाब देने के लिए सूचना के विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि कोई इंसान शायद तत्काल न कर पाए। सेठी ने कहा, 'सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इनके उपयोग में आसानी है। यह मैसेंजर पर किसी से बात करने जैसा है।'
 
चैटबॉट की उपयोगिता सीमित नहीं हैं। आईसीआईसीआई बैंक में मुख्य तकनीक एवं डिजिटल अधिकारी बी माधिवानन ने कहते हैं, 'वे सीखते भी हैं और ज्यादा बुद्धिमान होते जाते हैं।' माधिवानन बताते हैं कि जब चैटबॉट ग्राहक के सवालों का जवाब देने में अक्षम होता है तो यह सवाल अपने आप एक्जिक्यूटिव के पास चला जाता है। एक्जीक्यूटिव इस सवाल का समाधान कर देता है तो आईसीआईसीआई बैंक का चैटबॉट यह सीख जाता है कि भविष्य में आने वाले ऐसेे सवालों का जवाब कैसे देना है। माधिवानन ने कहा, 'आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म ऋण उपलब्ध कराने और अंडरराइटिंग करने में भी सक्षम होगा।' इन दिनों बैंक 10,000 से 20,000 रुपये का छोटा कर्ज नहीं देते हैं क्योंकि आवेदन की प्रक्रिया में उनका काफी पैसा खर्च होता है। स्वचालित प्रक्रिया से लागत में कमी आ सकती है और ग्राहक ऋणदाता से छोटा ऋण तुरंत हासिल कर सकेंगे।
कीवर्ड FD, insurance, बीमा पॉलिसी,

  
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