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जी एंटरटेनमेंट: जीएसटी के दबाव के बावजूद मजबूत प्रदर्शन

राम प्रसाद साहू |  Oct 29, 2017 09:36 PM IST

जी एंटरटेनमेंट की सितंबर तिमाही का प्रदर्शन काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप रहा है, लेकिन फिर भी कंपनी का शेयर 24 अक्टूबर को 525.50 रुपये पर बंद होने से पहले 9 फीसदी तक उछल गया था। हालांकि उसके स्पोट्ïर्स व्यवसाय को देखते हुए तिमाही परिणाम तुलना योग्य नहीं है, लेकिन परिणाम पर गहराई से विचार करने से बढ़ते विश्वास का पता चलता है। बेहद महत्त्वपूर्ण बात यह है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही अधिक बेहतर रहने की उम्मीद है और इससे शेयर भाव को मजबूती मिल सकती है। सितंबर तिमाही के लिए समेकित राजस्व एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 6.7 फीसदी घटकर 1,582 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वित्तीय परिणाम स्पोट्ïर्स व्यवसाय की मौजूदगी की वजह से पिछले साल के ऊंचे आधार की वजह से प्रभावित हुआ था, जिसे बाद में सोनी को बेच दिया गया। कंपनी के राजस्व का सबसे बड़ा सेगमेंट विज्ञापन का कुल राजस्व में 62 प्रतिशत का योगदान रहा, जो सालाना आधार पर लगभग 3 फीसदी बढ़कर 986 करोड़ रुपये हो गया। स्पोट्ïर्स और अधिग्रहणों के प्रभाव को अलग रखकर, विज्ञापन से वृद्घि 5.8 फीसदी रही जो जीएसटी क्रियान्वयन की वजह से व्यवसाय प्रभावित होने के बावजूद दर्ज की गई।

 
कंपनी को यह आंकड़ा हासिल करने में तिमाही के बाद के हिस्से में विज्ञापन में आई तेजी से बड़ी मददद मिली, क्योंकि इस अवधि में त्योहारों की शुरुआत हुई। विज्ञापनदाताओं ने जीएसटी के क्रियान्वयन और आपूर्ति श्रृंखला में समस्याओं को देखते हुए जुलाई में विज्ञापन देने से परहेज किया। प्रबंधन ने संकेत दिया है कि इस तेजी को एफएमसीजी के साथ साथ ई-कॉमर्स सेगमेंट से अच्छी मदद मिली है। दूसरी छमाही में विज्ञापन में वृद्घि उपभोक्ता कंपनियों द्वारा अधिक खर्च और न्यून आधार को देखते हुए 15 से 17 फीसदी के दायरे में रहेगी। जी को उम्मीद है कि वह इस मोर्चे पर उद्योग की तुलना में बेहतर प्रदर्शन बरकरार रखेगी। 501 करोड़ रुपये पर सदस्यता राजस्व सालाना आधार पर 14 प्रतिशत कम रहा। स्पोट्ïर्स व्यवसाय को समायोजित कर देखें तो यह 7.2 फीसदी बढ़ा। इस सेगमेंट को पिछले साल के ऊंचे आधार की वजह से वितरकों के साथ कंटेंट अनुबंधों को जल्द पूरा करने में मदद मिली, जिनमें भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के टैरिफ आदेश को देखते हुए मौजूदा कानूनी लड़ाई कही वजह से विलंब हुआ था। 
 
स्पोट्ïर्स व्यवसाय की बिक्री के समायोजन के साथ परिचालन लागत में नए चैनलों के लॉन्च और मौजूदा चैनलों पर प्रोग्रामिक घंटों में वृद्घि की वजह से इजाफा हुआ। जहां प्रमोशन-संबंधित और अन्य खर्च में 16 फीसदी का इजाफा हुआ, वहीं कर्मचारी लागत 18 फीसदी तक बढ़ी। ताजा अधिग्रहणों से कर्मचारी संख्या बढऩे की वजह से कर्मचारी लागत में वृद्घि हुई। फिर भी कंपनी ने 31 फीसदी का मजबूत एबिटा मार्जिन दर्ज किया। भविष्य में डिजिटल कंटेंट में निवेश, रीब्रांडिंग पहल, मूवीज में निवेश, कंपनी के हिन्दी जनदल एंटरटेनमेंट के साथ साथ क्षेत्रीय चैनलों दोनों पर अधिक प्रोग्रामिंग घंटों को देखते हुए खर्च अधिक रहने का अनुमान है। कंपनी ने पिछले साल रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क (आरबीएनएल) के दो टीवी चैनल खरीदे हैं और अब अपनी क्षेत्रीय बाजार में उपस्थिति बढ़ाने के लिए 9एक्स मीडिया पर ध्यान दे रही है।  
 
शुद्घ लाभ 591 करोड़ रुपये दर्ज किया गया जो एक साल पहले की अवधि के मुकाबले 148 फीसदी तक अधिक है। हालांकि इस आंकड़े में स्पोट्ïर्स व्यवसाय (134.6 करोड़ रुपये) की बिक्री से प्राप्त रकम और इंडिया वेबपोर्टल और फ्लाई बाई वायर में में इक्विटी दिलचस्पी के पुन: मूल्यांकन से 160 करोड़ रुपये के लाभ भी शामिल हैं।  विज्ञापन में वृद्घि के अलावा, बाजार की नजर जी एंटरटेनमेंट की डिजिटल पहलों की कामयाबी पर भी लगी रहेगी। कंपनी मौजूदा समय में अपने दो डिजिटल प्लेटफॉर्मों डिट्टïोटीवी और ओजी पर कंटेंट की पेशकश करती है और उसके द्वारा जल्द ही जेड-5 नाम से नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किए जाने की संभावना है। उपभोक्ताओं के तेजी से डिजिटल माध्यम और वैकल्पिक प्रतिस्पर्धी उत्पादों की ओर रुख करने से कंपनी ने डिजिटल स्पेस से राजस्व भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसका उसके कुल राजस्व में मौजूदा समय में काफी कम योगदान है। कुल मिलाकर, बाजार जी के आगामी परिदृश्य को लेकर सकारात्मक बना हुआ है। एडलवाइस सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषक अबनीश रॉय कहते हैं, 'जी की दूसरी तिमाही का वित्तीय परिणाम हमारे अनुमान से बेहतर रहा है। उम्मीद है कि यह शेयर अच्छा प्रदर्शन करेगा, क्योंकि आंकड़े शानदार हैं।' रॉय ने 608 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ जी के लिए खरीदारी की रेटिंग दी है। 
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