होम » Investments
«वापस

गोदरेज प्रॉपर्टीज: मंदी को मात देकर हुई मजबूत

अभिनीत कुमार और राम प्रसाद साहू |  Nov 19, 2017 09:33 PM IST

नोटबंदी, कई कर व्यवस्था और रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डेवलपमेंट) ऐक्ट (रेरा) के क्रियान्वयन से तिहरी मार के बाद आवासीय रियल एस्टेट की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि रियल्टी क्षेत्र में कई कंपनियां इस सुस्ती को मात देने और मजबूत बिक्री एवं आय वृद्घि दर्ज करने में कामयाब रही हैं। इन कंपनियों की जमात में मुंबई की गोदरेज प्रॉपर्टीज अहम स्थान पर है जिसके बाद बेंगलूरु में मुख्यालय वाली शोभा डेवलपर्स और मुंबई की ओबेरॉय रियल्टी शामिल है।

 
प्रमुख आठ शहरों में आवासीय परियोजनाओं के लॉन्च में 2017 के पहले 6 महीनों में 41 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई, जो ब्रोकर नाइट फ्रैंक के अनुसार सात वर्षों में सबसे ज्यादा धीमी रफ्तार है। रेरा ने परियोजनाओं की आईपीआर (इंटरनल रेट ऑफ रिटन्र्स) में गिरावट को बढ़ावा दिया और डेवलपरों को परियोजनाओं में विलंब के संकट से जूझना पड़ा। यह दबाव ऐसे समय दर्ज किया गया है जब राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र में बगैर बिके आवासों की संख्या लगभग 200,000 है जिसे बेचने में लगभग 62 महीने का समय लगेगा। ब्रोकरेज फर्म अनारॉक के अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र में, बगैर बिके आवासों की संख्या लगभग 180,000 है और इसकी बिक्री में 52 महीने लगेंगे। 
 
ऐम्बिट कैपिटल में विश्लेषक रीतिका मंखर मुखर्जी ने इस महीने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'मजबूत बैलेंस शीट और मजबूत ब्रांड वाले डेवलपर लाभान्वित होंगे। गोदरेज प्रॉपर्टीज और शोभा डेवलपर्स दबाव से जूझ रहे इस क्षेत्र में भागीदारी मजबूत बनाने के लिहाज से अच्छी स्थिति में हैं। पूंजी का सही ढंग से प्रबंधन करने वाली लगभग एक दर्जन कंपनियां तेजी के साथ परियोजनाओं को क्रियान्वित कर सकती हैं।'
 
सितंबर तिमाही में, पिरोजशा गोदरेज नियंत्रित कंपनी ने 492 करोड़ रुपये की शुद्घ बिक्री दर्ज की जो सालाना आधार पर 49 प्रतिशत तक की वृद्घि है। कंपनी का शुद्घ लाभ 88 करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 88 प्रतिशत अधिक है। विदेशी ब्रोकरेज सीएलएसए में विश्लेषक अभिनव सिन्हा ने कहा, 'मजबूत परियोजना वृद्घि, शानदार पूर्व-बिक्री और लगातार अच्छे क्रियान्वयन के समावेश ने हमें यह भरोसा करने के लिए प्रेरित किया है कि व्यवसाय में मजबूती आ रही है।' सिन्हा ने वित्तीय परिणाम के बाद अपनी एक रिपोर्ट में कहा, 'हमने पूर्व-बिक्री में तेजी को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2019-20 की आय के अपने अनुमान को 5-10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। हमारा मानना है कि पिछले तीन महीनों में मजबूत बढ़त के बाद भी गोदरेज प्रॉपर्टीज यह मजबूती आगे भी बरकरार रखेगी क्योंकि उसकी पूर्व-बिक्री तेज हुई है।'
 
शोभा और ओबेरॉय रियल्टी ने भी समीक्षाधीन तिमाही में 31 फीसदी और 25 फीसदी सालाना मुनाफा वृद्घि के साथ साथ बिक्री में लगभग 20 फीसदी का इजाफा दर्ज किया है।  इन कंपनियों की आय वृद्घि ऐसे समय में मजबूत बनी हुई जब देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएऊ का शुद्घ लाभ सालाना आधर पर 94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12.6 करोड़ रुपये रह गया और बिक्री 23.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,588 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
 
घरेलू ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनैंशियल में विश्लेषक अभिषेक आनंद ने कहा, 'हालांकि मांग धीमी बनी हुई है, लेकिन हमें विश्वास है कि शोभा इस क्षेत्र में नियामक की स्थापना के साथ संरचनात्मक सुधारों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसके अलावा, किफायती आवास क्षेत्र में प्रवेश से भी कंपनी को पूर्व-बिक्री में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, लैंड पार्सल का क्रियान्वयन मौजूदा स्तरों से बड़ी तेजी की संभावना के लिए जरूरी बना हुआ है।'  ओबेरॉय रियल्टी हाल में ठाणे में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्युटिकल्स के स्वामित्व वाले 60 एकड़ के लैंड पार्सल के लिए सफल बोलीदाता के तौर पर उभरने में सफल रही है। 
कीवर्ड real estate, property, रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक