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रियल एस्टेट कमजोर मगर शेयरों में आया जोर

अभिनीत कुमार |  Dec 03, 2017 09:57 PM IST

एक परिसंपत्ति श्रेणी के तौर पर रियल एस्टेट भले ही निवेशकों की पसंद न हो लेकिन शेयर बाजार में रियल्टी शेयर अपनी धाक जमाने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस साल अब तक रियल्टी बीएसई में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा है और इसने करीब 90 प्रतिशत के आसपास प्रतिफल दिया है। रियल्टी इंडेक्स के बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब देश के आठ बड़े शहरों में आवासीय जायदाद शुरू होने की दर पिछले सात सालों के निम्नतम स्तर पर आ गई है। वैश्विक रियल एस्टेट ब्रोकर नाइट फ्रैंक के अनुसार साल की पहली छमाही में शीर्ष 8 शहरों में आवासीय परियोजनाओं की संख्या 41 प्रतिशत कम हो गई है। इसके साथ ही इस दौरान बिक्री में भी 11 प्रतिशत की कमी आई है। लेकिन इससे वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी सीएलएसए का उत्साह रियल एस्टेट शेयरों कंपनियों के प्रति कम नहीं हुआ है। 

 
इस ब्रोकरेज कंपनी में चीफ इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड ने एक सप्ताह पहले ग्राहकों को भेजे अपने नोट 'ग्रीड ऐंड फीयर' में कहा, 'एशियाई शेयरों में भारत में सस्ती आवास योजना सर्वाधिक उत्साहित करने वाली चीजों में एक है।' वुड ने तीन ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें भारत सरकार अगले 18 महीनों में रोजगार सृजित करना चाहती है। इनमें सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है 2022 तक सबके लिए आवास मुहैया करने की महत्त्वाकांक्षी योजना को गति देना। वुड के अनुसार सड़क निर्माण और परिधान दो अन्य ऐसे क्षेत्र है, जहां सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बढ़ाने पर जोर दे रही है।
 
उन्होंने कहा, 'सस्ती आवास योजना में तेजी 2018 के आखिर तक नहीं दिख सकती है। इस दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है, इसलिए निवेशकों को सस्ती आवास योजनाओं से संबंधित शेयरों में निवेश करना चाहिए।' वुड ने यह भी कहा कि सस्ते आवासीय क्षेत्र में योजना तैयार करने और निर्माण शुरू करने में प्रॉपर्टी डेवलपरों को 12-18 महीने लग सकते हैं। निवेशकों को इसका पहले से ही भान रहा है। इस साल पूर्वांकर के शेयरों में करीब 236 प्रतिशत तक की तेजी आई है। हालांकि यह शेयर बीएसई रियल्टी इंडेक्स में शामिल नहीं है, लेकिन महत्त्वपूर्ण शेयरों में यह सबसे अधिक उछला है। देश के 10 से अधिक शहरों में पूर्वांकर की सबसे अधिक मौजूदगी है और अगली छह तिमाहियों में यह दूसरी कंपनियों के साथ 1.5 करोड़ वर्गफुट जगह में परियोजना शुरू करना चाहती है। इनमें करीब दो तिहाई जगह सस्ते आवासीय क्षेत्र के लिए होगी। 
 
रियल्टी सूचकांक के शेयरों में इंडियाबुल्स रियल एस्टेट में सबसे अधिक तेजी आई है और इस साल अब तक यह 195 प्रतिशत तक उछला है। इसके बाद गोदरेज प्रॉपर्टीज और शोभा  के शेयर चढ़े हैं, जिनमें क्रमश: 141 और 140 प्रतिशत की तेजी आई है। बेंगलूरु की कंपनी शोभा ने सस्ते घरों के क्षेत्र में कदम रखने के लिए शोभा ड्रीम सीरीज नाम से नया खंड शुरू किया है। 
 
रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम (रेरा) से रियल एस्टेट विकास की प्रवृत्ति बदल गई है। रेरा से परियोजनाओं पर प्रतिफल की आंतरिक दरें कम हो गईं हैं, जिससे डेवलपर परियोनजाओं में देरी कर रहे हैं। ऐंबिट कैपिटल की विश्लेषक ऋतिका मंकार मुखर्जी ने पिछले महीने जारी अपनी रिपोर्ट में कहा, 'करीब एक  दर्जन रियल एस्टेट कंपनियां, जो पूंजी का उपयुक्त प्रबंधन करती हैं, वे तेजी से परियोजनाओं पर अमल कर सकती हैं।' रियल्टी शेयरों में तेजी देखते हुए एचडीएफसी म्युचुअल फंड ने हाउसिंग ऑपच्र्युनिटीज फंड नाम से नई योजना शुरू की है, जो आवासीय और इससे जुड़े क्षेत्रों जैसे पेंट, सीमेंट एवं बिजली उपकरण पर केंद्रित है। इसका सबसे बड़ा दांव सस्ते आवास के क्षेत्र पर होगा। 
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