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ईपीसी की सड़क है शेयरों की तेजी का पथ!

उज्ज्वल जौहरी |  Dec 10, 2017 10:07 PM IST

बुनियादी ढांचा क्षेत्र इस समय सबसे बेहतर स्थिति में

मजबूत बही-खाते, परियोजना पर अमल की रफ्तार और मजबूत परिसंपत्ति
पोर्टफोलियो वाली कंपनियों को होगा लाभ

नई परियोजनाएं आवंटित करने और मौजूदा परियोजनाओं को पूरा कराने पर सरकार के जोर के कारण बुनियादी ढांचा क्षेत्र इस समय सबसे बेहतर स्थिति में है। खासकर सड़क क्षेत्र के त्वरित विकास पर सरकार का ज्यादा जोर है। अक्टूबर के अंत में 'भारतमाला' योजना की घोषणा से इस क्षेत्र में उम्मीदें और परवान चढ़ गई हैं।

मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज (एमओएसएल) के विश्लेषकों का कहना है कि पिछले तीन सालों से सरकार उन मसलों को हल कर रही हैं जो सड़क क्षेत्र की रफ्तार रोक रहे थे। नीति में माकूल बदलाव के जरिए उसने अनेक बाधाएं दूर कर दी हैं। कुछ समय से सड़क क्षेत्र में सुधार के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। जिन कंपनियों का बही-खाता मजबूत है और काम का पुराना रिकॉर्ड अच्छा रहा है, उन्हें इसका फायदा होगा। विश्लेषकों का मानना है कि अनुबंधों के क्रियान्वयन पर अधिक जोर देने से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) परियोजनाओं को सबसे अधिक लाभ होगा।

कोटक सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र के लिए उनका सकारात्मक नजरिया बरकरार है और वे सिंप्लेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर्स, एनसीसी, केएनआर कंस्ट्रक्शंस और पीएनसी इन्फ्राटेक जैसी ईपीसी कंपनियों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज की शीर्ष पसंदीदा कंपनियों में सद्भाव इंजीनियरिंग, अशोक बिल्डकॉन, और केएनआर कंस्ट्रक्शंस शामिल हैं, जबकि आईआईएफएल सद्भाव इंजीनियरिंग, दिलीप बिल्डकॉन, पीएनसी इन्फ्राटेक और केएनआर कंस्ट्रक्शन को वरीयता दे रही है। नीचे कुछ शीर्ष कंपनियों का जिक्र किया जा रहा है:

केएनआर कंस्ट्रक्शंस

यह ऊपर बताए सभी ब्रोकरेज कंपनियों की पहली पसंद है। सड़क और राजमार्ग के निर्माण में लगी केअएनआर का वित्तीय हिसाब-किताब काफी मजबूत है। कंपनी के पास फिलहाल 3,590 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। इससे अगले दो से तीन साल में राजस्व वृद्धि शानदार दिख रही है। कंपनी का ईपीसी पर मुख्य जोर है। इसलिए विश्लेषकों के अनुसार इसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों के अनुसार परिचालन बढऩे और अधिक मुनाफा देने वाली परियोजनाओं के होने से केएनआर की आय वृद्धि दर मजबूत रह सकती है। 

सद्भाव इंजीनियरिंग

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 7,710 करोड़ रुपये की है। इनमें ज्यादातर सड़क परियोजनाएं हैं, जिनसे बढिय़ा राजस्व की संभावनाएं हैं। वित्त वर्ष 2018 के शेष महीनों में इसे 6,000 करोड़ रुपये के और सौदे मिलने की उम्मीद है। कंपनी को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) परियोजनाओं से भी निरंतर नकदी मिल रही है और विश्लेषकों का मानना है कि इससे परियोजनाओं पर अमल की कंपनी की क्षमता बढ़ेगी। इसे देखते हुए आईआईएफएल का मानना है कि वित्त वर्ष 2017 से 20 के बीच कंपनी के राजस्व और इसकी आय में सालाना क्रमश: 19 प्रतिशत और 22 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मजबूत बही-खाता और क्रियान्वयन के बेहतर रिकॉर्ड से कंपनी अच्छी स्थिति में है। कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि विभिन्न खंडों का अनुभव मिलने से कंपनी सड़क, मेट्रो, सस्ते आवास और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं में मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पीएनसी इन्‍फ्राटेक

कंपनी भी सूची में पीछे नहीं है। उसके पास 11,000 करोड़ रुपये के बड़े सौदे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, खासकर सड़क खंड में अच्छी परियोजनाएं हाथ लगने से अगले पांच सालों तक कंपनी को राजस्व की कोई कमी नहीं दिख रही है। हालांकि वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में कंपनी क्रियान्वयन में जरूर कमजोर रही है। आईआईएफएल के विश्लेषकों के अनुसार मार्च 2018 तक कंपनी को लगभग सभी परियोजनाओं से लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए। आईआईएफएल के अनुसार वित्त वर्ष 2019 और 2020 में कंपनी के राजस्व में मजबूत इजाफा हो सकता है। 

दूसरी कंपनियों की बात करें तो अशोक बिल्डकॉन का बही-खाता भी मजबूत है। इससे कंपनी को सड़क क्षेत्र में आगामी परियोजनाओं से लाभ मिल सकता है। दूसरी प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों की तरह ही अशोक बिल्डकॉन के पास कई सौदे हैं। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज का कहना है कि इससे ईपीसी खंड में राजस्व के आंकड़े मजबूत रह सकते हैं। वित्त वर्ष 2017 से 19 के दौरान कंपनी के ईपीसी राजस्व में सालाना 19 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। 

दूसरी कंपनियां नहीं पीछे

देश की सबसे बड़ी सड़क निर्माता कंपनी आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर को इसकी परिपक्व सड़क परियोजनाएं निकट से मध्यम अवधि में आय एवं नकदी प्रवाह के मोर्चे पर सहजता प्रदान करती हैं। विश्लेषकों के अनुसार हाल में पूरी और निर्माणाधीन परियोजनाओं से आय एवं नकदी प्रवाह और मजबूत होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा पोर्टफोलियो और नई परियोजनाओं के तेजी पकडऩे से कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2017-19 के दौरान सालाना 26 प्रतिशत दर से बढ़ेगा, जबकि आय 8 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकती है।

जहां तक एनसीसी की बात है तो कोटक सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर मार्जिन से कंपनी को वित्त वर्ष 2017-19 के दौरान 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि दर से राजस्व अर्जित करने और दर्ज मुनाफे में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी हासिल करने में मदद मिल सकती है। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी अधिक नहीं है, जिससे यह अवसरों का आसानी से लाभ उठा सकती है।  

एक अन्य कंपनी दिलीप बिल्डकॉन को वित्त वर्ष 2018 के दौरान 10,000 करोड़ रुपये मूल्य के नए सौदे मिलने की उम्मीद है। ये सौदे मुख्यत: सड़क खंड से आएंगे। हाल में कंपनी ने बीओटी पोर्टफोलियो बेचा है, इससे 700 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे कंपनी पर कर्ज बोझ में कमी आएगी। विश्लेषकों का कहना है कि इन सभी कारणों और कार्यशील पूंजी में सुधार से कंपनी का रिटर्न रेशियो ऊंचे स्तर पर रहना चाहिए। 
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