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मझोले आईटी शेयर भागे बड़ों से निकले आगे

राम प्रसाद साहू |  Jan 14, 2018 10:06 PM IST

मझोले सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों का प्रदर्शन दिसंबर तिमाही में निफ्टी आईटी सूचकांक और निफ्टी के मुकाबले बेहतर रहा है। इस अवधि के दौरान मझोले आईटी शेयरों ने 25 प्रतिशत से अधिक प्रतिफल दिए हैं, जिनमें एलऐंडटी इन्फोटेक और केपीआईटी  टेक्नोलॉजिज का अहम योगदान रहा है। इन दोनों में 40 प्रतिशत से अधिक तेजी आई है। इसके मुकाबले निफ्टी और निफ्टी आईटी 7-10 प्रतिशत प्रतिफल ही दे पाए हैं। बड़ी आईटी कंपनियों को राजस्व बढ़ाने में खासी परेशानी हो रही है। मझोली आईटी कंपनियां इनसे लगातार आगे रही हैं। उदाहरण के लिए दिसंबर तिमाही में बड़ी आईटी कंपनियों के राजस्व में 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं मझोली कंपनियों का राजस्व दोगुनी रफ्तार से बढ़ेगा। विश्लेषकों को लगता है कि यह रुझान जारी रहेगा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के कंवलजीत सलूजा और जयकुमार दोषी के अनुसार प्रबंधन स्तर पर प्रतिभावान लोगों को रखने, डिलिवरी क्षमता में सुधार करने और पेचीदा अनुबंधों के साथ तारतम्यता बैठाने आदि खूबियों के कारण इन कंपनियों का प्रदर्शन राजस्व के मोर्चे पर मजबूत रहा है। डिजिटल एवं ऑटोमेशन खंडों में अधिक विस्तार और ज्यादा से ज्यादा सौदे हासिल होने से यह रुझान मजबूत हुआ है। 

 
एक घरेलू ब्रोकरेज कंपनी के विश्लेषक ने कहा, 'छोटी कंपनियां अपने कारोबारी स्वरूप में बदलाव करने में आगे रही हैं। अब डिजिटल, ऑटोमेशन और एनालिटिक्स खंडों से इन कंपनियों को 30-40 प्रतिशत तक राजस्व मिलता है, जबकि बड़ी आईटी कंपनियों के लिए यह आंकड़ा 20-25 प्रतिशत तक ही सिमटा हुआ है।' इन खूबियों से छोटी कंपनियों को बड़ी कंपनियों के मुकाबले तेजी से राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।  अगले दो साल में मझोली कंपनियों की आय वृद्धि दर 13 प्रतिशत के दायरे में है, जबकि बड़ी आईटी कंपनियों की आय में 7.5 से 8 प्रतिशत तक तेजी रहेगी। हाालंकि मझोली आईटी कंपनियों में तेजी जरूर आई है, लेकिन वित्त वर्ष 2020 के आंकड़ों पर विचार करें तो 
 
एक खंड के रूप में ये बड़ी कंपनियों के मुकाबले निचले स्तर पर कारोबार कर रही हैं।  विश्लेषकों का कहना है कि जिन मझोली आईटी कंपनियों में बड़ा सौदा हासिल करने और आपूर्ति क्षमताएं विस्तारित करने की खूबियां हैं, साथ ही जिन्होंने डिजिटल खंड में अधिक निवेश किया है, वे आगे रहेंगी। ज्यादातर विश्लेषक मझोले खंड में एलऐंडटी इन्फोटेक, हेक्सावेयर, माइंडट्री और एम्फैसिस को तवज्जो दे रहे हैं और इनमें कुछ के लिए अपने अनुमान में भी सकारात्मक सुधार किए हैं। ऐंबिट कैपिटल ने हाल में ही वित्त वर्ष 2017-20 के लिए एलऐंडटी इन्फोटेक के लिए अर्निंग प्रति शेयर का अनुमान 5 से 7 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इसने अच्छे सौदों की कतार और ऊंची विदेशी मुद्रा विनिमय आय को देखते हुए यह सुधार किया है। इसके अलावा ब्रोकरेज ने लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 1,240 रुपये कर दिया है, जो कंपनी के एक साल के फॉरवर्ड प्राइस टू अर्निंग अनुमान का 17 गुना है।
 
डिजिटल खंड कर उपस्थिति देखते हुए माइंडट्री की राजस्व वृद्धि दर 14 प्रतिशत के साथ वित्त वर्ष 2019 के लिए आईटी उद्योग के मुकाबले बेहतर रह सकता है। अधिग्रहण में नुकसान कम करने और क्रियान्वयन में सुधार से इसका मुनाफा मार्जिन वित्त वर्ष 2015 के अुनमानित 12 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2020 में 15 प्रतिशत रहना चाहिए। शेयर इस समय वित्त वर्ष 2019 की आय के 18 गुना स्तर पर हो रहा है।  हालांकि इन शेयरों का प्रदर्शन मजबूत जरूर रहा है, लेकिन निवेशकों को इनके राजस्व के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही मार्जिन पर भी ध्यान देना चाहिए। पिछली कुछ तिमाहियों से कुछ कंपनियों के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही है। रुपये में अचानक कोई बड़ी तेजी आई तो इससे राजस्व कम रह सकता है। 
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