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खुदरा कंपनियों के मुनाफे में औसतन रह सकती हैं 15.4 प्रतिशत तेजी

अभिनीत कुमार |  Jan 14, 2018 10:06 PM IST

दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में चार बड़ी खुदरा कंपनियों के सालाना शुद्ध मुनाफे में औसतन 15.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है। इसके अलावा कर एवं ब्याज पूर्व आय (एबिटा) में 41.6 प्रतिशत तेजी आने का अनुमान है। इन कंपनियों को दिसंबर तिमाही में अनुकूल आधार प्रभाव का लाभ मिलेगा, क्योंकि एक साल पहले की तिमाही में नोटबंदी का नकारात्मक असर हुआ था।  हालांकि तिमाही में त्योहारों (सितंबर तिमाही में) के जल्दी आने से थोड़ा असर जरूर हुआ, लेकिन विवाह आदि के कारण नवंबर में बिक्री में तेजी आई। शुरुआती दिसंबर में मांग में कमी की भरपाई 22 दिसंबर से अर्ली एंड ऑफ सीजन सेल (ईओएसएस) से हो गई। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी एमके ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कहा, 'जीएसटी के बाद औपचारिक अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव खुदरा क्षेत्र के लिए बेहतर रहेगा। इस क्षेत्र के प्रति हमारा सकारात्मक रवैया बरकरार है। शहरों में खपत बढऩे और उपभोक्ताओं का मिजाज सुधरने का इसमें अहम योगदान रहेगा।'

 
सबसे अधिक तवज्जो एवेन्यू सुपरपाट्र्स (डी-मार्ट) को दी जा रही है। माना जा रहा है कि कंपनी के लिए तिमाही आंकड़े मजबूत रह सकते हैं। राजस्व में क्रमागत आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ोतरी और खाद्य एवं जरनल मर्चेंडाइज प्रोडक्ट्स की मांग त्योहारी सत्र में मजबूत रहने से ऐसा हो सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने कंपनी के आय के अपने अनुमान में कहा है,'जीएसटी के बाद सकल मार्जिन 16 प्रतिशत पर और राजस्व ऊंचे स्तर पर रह सकता है, जिससे एबिटा मार्जिन में 40 आधार अंक तेजी आ सकती है।'
 
सालाना आधार पर कंपनी की शुद्ध बिक्री में करीब 28 प्रतिशत तेजी आ सकती है, जबकि सालाना एबिटा 80 आधार अंक अधिक रक सकती है। दिसंबर तिमाही में फ्यूचर रिटेल की सालाना सेम-स्टोर-सेल्स-ग्रोथ (एसएसएसजी) 10 प्रतिशत रह सकती है। इसमें बिग बाजार (राजस्व का 75-78 प्रतिशत) और ईजी डे (राजस्व का 10-14 प्रतिशत) का योगदान भी रहेगा। हेरिटेज स्टोर भी राजस्व के आंकड़े बढ़ाएंगे। हालांकि होम रिटेल से बाहर निकलने से हेरिटेज से मिलने वाले राजस्व की वृद्धि पर असर जरूर होगा। एडलवाइस सिक्योरिटीज में विश्लेषक अवनीश रॉय कहते हैं,'ईजी डे दूसरी तिमाही में नफा न नुकसान वाली स्थिति में पहुंच सकती है, ऐसे में हमारा मानना है कि तीसरी तिमाही में एबिटा मार्जिन में 130 आधार अंक इजाफा हो सकता है।'
 
मुंबई की एक दूसरी खुदरा कंपनी शॉपर्स स्टॉप की एसएसएसजी 6 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर रह सकती है, जबकि राजस्व 10.7 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत होगा। ब्रोकरेज कंपनी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि निजी और विशिष्टï ब्रांडों की हिस्सेदारी बढऩे से एबिटा मार्जिन 10 आधार अंक बढ़कर 6.9 प्रतिशत तक हो सकता है। इस तरह, अगले एक साल में एबिटा 8 प्रतिशत तेजी के साथ 74.1 करोड़ रुपये रह सकता है।  जहां तक आदित्य बिड़ला फैशन ऐंड रिटेल (एबीएफआरएल) की बात है तो एमके के अनुसार सालाना आधार पर कुल राजस्व 17 प्रतिशत बढ़ सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार मदुरा में 16 प्रतिशत और पैंटालूंस में 18 प्रतिशत तेजी (8 प्रतिशत एसएसएसजी) का इसमें अहम योगदान होगा। एमके ने अपने पूर्वानुमान में कहा, 'परिचालन स्तर पर बढ़त से हमें एबिटा मार्जिन 210 आधार अंक बढ़कर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।' एबिटा 64 प्रतिशत बढ़कर 1.4 अरब डॉलर रह सकता है। 
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