होम » Investments
«वापस

मजबूत बिक्री से अंबुजा सीमेंट्स को ताकत

उज्ज्वल जौहरी |  Feb 25, 2018 09:54 PM IST

दिसंबर तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स के शानदार प्रदर्शन ने बाजार को आश्चर्यचकित कर दिया है। मजबूत प्रदर्शन खासकर उम्मीद से बेहतर सीमेंट बिक्री और बेहतर लागत नियंत्रण उपायों की वजह से दर्ज किया गया है। अंबुजा जनवरी से दिसंबर के वित्त वर्ष पर अमल करती है। सीमेंट बिक्री में 17.4 फीसदी की वृद्घि से राजस्व को मजबूती मिली। कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 19.4 प्रतिशत बढ़कर 26.12 अरब रुपये हो गया जो तिमाही आधार पर 14.5 प्रतिशत तक ज्यादा है।  हालांकि प्राप्तियां उम्मीद के अनुसार धीमी बने रहने की आशंका है। ये सालाना आधार पर 3 प्रतिशत तक बढ़कर 4,427 रुपये प्रति टन पर रहीं, लेकिन तिमाही आधार पर कम होकर 2.2 फीसदी रहीं। 

 
विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत बिक्री में पूर्वी और उत्तरी बाजार तथा गुजरात में बेहतर मांग परिदृश्य का अहम योगदान है। एक क्षेत्रीय कंपनी होने के नाते अंबुजा सीमेंट्स ने गुजरात में अपना कारोबार बढ़ाया जिससे उसे सालाना आधार पर प्राप्तियां सुधारने में मदद मिली है।  कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अजय कपूर ने कहा, 'प्रमुख उत्पादों, मुख्य बाजारों और लागत प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने की हमारी रणनीति की बदौलत मजबूत बिक्री और एबिटा वृद्घि हासिल करने में मदद मिली।' जहां अंबुजा का राजस्व 2584 करोड़ रुपये रहा जो अनुमान से अधिक है। इसी तरह 440 करोड़ रुपये पर एबिटा भी 389 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक रहा है। परिचालन लाभ के अलावा लागत में किफायत से भी मुनाफा वृद्घि में मदद मिली। जहां पेट्रोलियम कोक और मालभाड़ा खर्च की बढ़ती लागत के कारण बिजली और ईंधन लागत में तेज इजाफा हुआ है, वहीं कंपनी ने लागत नियंत्रण पहलों से इन बढ़ते खर्च के प्रभाव को दूर करने में काफी हद तक मदद मिली। इसलिए, प्रति टन परिचालन लागत सालाना आधार पर 1 प्रतिशत तक और तिमाही आधार पर 6 प्रतिशत घटकर 3,681 रुपये रह गई।   
 
इससे अंबुजा को 746 रुपये प्रति टन का परिचालन मुनाफा दर्ज करने में मदद मिली, जो एक साल पहले के 586 रुपये और सितंबर तिमाही के 628 रुपये की तुलना में बेहतर है। यह आंकड़ा अंबुजा की सहायक इकाई एसीसी द्वारा दर्ज 505 रुपये प्रति टन से भी बेहतर है। पूरे भारत में उपस्थिति वाली एसीसी की दक्षिण में कमाई कमजोर रही है। हालांकि उसकी बिक्री पूर्वी भारत में विस्तार की वजह से 27 प्रतिशत बढ़कर 69.2 लाख टन रही। प्रतिस्पर्धियों में अल्ट्राटेक ने 717 रुपये प्रति टन का एबिटा दर्ज किया जबकि श्री सीमेंट ने दिसंबर तिमाही में करीब 1,057 रुपये प्रति टन का एबिटा दर्ज किया।
 
इस पृष्ठïभूमि में अंबुजा का शुद्घ लाभ 338 करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 89 प्रतिशत अधिक) रहा जो आश्चर्यजनक नहीं है। यह विश्लेषकों के 252 करोड़ रुपये के अनुमान से भी बेहतर है। वित्तीय प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया के तौर पर शेयर 20 फरवरी को 2 फीसदी चढ़कर 263.10 रुपये पर बंद हुआ था। चूंकि उद्योग अब अपेक्षाकृत बेहतर तिमाहियों में प्रवेश कर रहा है, इसलिए अंबुजा के लिए बेहतर प्रदर्शन और शेयर कीमत वृद्घि की उम्मीद की जा सकती है। एसीसी और अंबुजा का प्रस्तावित विलय आपसी तालमेल संबंधी लाभ मुहैया कराएगा। रिलायंस सिक्योरिटीज के बिनोद मोदी जैसे विश्लेषकों का मानना है कि अंबुजा को मांग में संभावित तेजी के साथ साथ मजबूत ब्रांड इक्विटी की मदद से अच्छी बढ़त मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हए वह इस शेयर पर सकारात्मक बने हुए हैं। 
कीवर्ड cement, ambuja,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक