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फोर्टिस: निवेशक करें अभी स्थिति साफ होने का इंतजार

उज्ज्वल जौहरी |  Feb 25, 2018 09:54 PM IST

भारत के प्रख्यात निवेशकों में से एक राधाकिशन दमानी की कंपनी द्वारा फोर्टिस हेल्थकेयर में आधा फीसदी हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद इस हेल्थकेयर सेवा प्रदाता ने बाजार का ध्यान तेजी से अपनी ओर आकर्षित किया है। 20 फरवरी को फोर्टिस का शेयर भाव 5 फीसदी बढ़ गया। इसके साथ ही यह फरवरी के शुरू के अपने तीन वर्षीय निचले स्तर से लगभग 40 फीसदी मजबूत हो चुका है।  मुकदमेबाजी और प्रवर्तकों से जुड़े 3500 करोड़ रुपये के मध्यस्थता मामले में अदालत के प्रतिकूल फैसले की वजह से दबाव झेल चुके इस शेयर के लिए दमानी का निवेश बेहद सकारात्मक है। लेकिन आशंकित और भयभीत निवेशक स्थिति पूरी तरह स्पष्टï होते तक इंतजार कर सकते हैं।

 
प्रवर्तकों मालविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के इस्तीफे ने कंपनी के लिए स्थिति थोड़ी अनुकूल की है। बोर्ड में नए सदस्यों को शामिल किए जाने से बाजार को उम्मीद है कि कंपनी संचालन के तौर-तरीकों में सुधार आएगा। सिंगापुर में सूचीबद्घ आरएचटी हेल्थ ट्रस्ट की परिसंपत्तियों के पूरे पोर्टफोलियो के अधिग्रहण के लिए फरवरी 2018 में समझौता हुआ है जो इस शएयर के लिए एक सकारात्मक बदलाव है। विश्लेषकों का कहना है कि यह सकारात्मक बदलाव फोर्टिस के लिए आय वृद्घि वाला साबित होगा और इससे होल्ंिडग कंपनी की साख पर उठ रहे सवाल कम होंगे। फोर्टिस ने कहा था कि सौदे से उसे न केवल 75 करोड़ रुपये की ब्याज बचत होगी बल्कि उसके परिचालन लाभ में भी 270 करोड़ रुपये का इजाफा करेगा।
 
विश्लेषक फोर्टिस के विकास परिदृश्य को लेकर उत्साहित हैं। पिछले महीने एक रिपोर्ट में मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज ने कहा कि उसे उम्मीद है कि डायग्नोस्टिक व्यवसाय के मार्जिन में सुधार से अस्पताल के व्यवसाय का परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2019 तक बढ़कर चार गुना (वित्त वर्ष 2016 से) हो जाएगा। ब्रोकरेज फर्म ने फिर से रेटिंग की दलील देते हुए कहा है कि अस्पताल व्यवसाय में बढ़ोतरी की संभावना है। कंपनी कम परिसंपत्तियों का मॉडल अपना रही है और डायग्नोस्टिक व्यवसाय में उसे परिचालन लाभ का फायदा है। 
 
दूसरी तरफ, 12 फरवरी को रेटिंग एजेंसी इक्रा ने फोर्टिस की रेटिंग को नकारात्मक असर के साथ इसे अपनी निगरानी सूची में रखा है। इक्रा की चिंता यह है कि व्यापार ट्रस्टों (जो सिंगापुर में सूचीबद्घ हैं) को भारी फीस के भुगतान से कंपनी के क्रेडिट जोखिम प्रोफाइल पर असर पड़ सकता है। इसके  अलावा नैशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी के हाल के कदम और प्रवर्तक समूह से जुड़ी ताजा घटनाएं भी चिंता की बात है। केयर रेटिंग्स ने जो कमजोरियां बताई हैं, उनमें भारी मात्रा में लिक्विड/अल्पावधि निवेश हैं जो संबंधित पक्षों यानी कंपनियों में किए गए हैं। इससे फोर्टिस का नकदी प्रोफाइल प्रभावित हुआ है और कर्ज का स्तर बढ़ा है (वित्त वर्ष 2016 से 2017 तक के एक साल में के 2.25 गुना इजाफा)। दिल्ली सरकार ने भी एस्कॉट्ïर्स हार्ट पर 503 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है जिसका मामला अदालत में चल रहा है। 
 
इक्विनोमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम का कहना है कि फोर्टिस को अभी  अपने तिमाही नतीजे घोषित करने हैं। ऐसे में निवेशकों को किसी तरह के नकारात्मक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय ने वित्तीय संस्थानों को अपने पास गिरवी रखे शेयरों को बेचने की अनुमति दे  दी जिससे भी शेयर की कीमत पर दबाव पड़ा। 
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