होम » Investments
«वापस

नई सूचीबद्धता में निराशा, फिर भी आईपीओ की कतार

समी मोडक | मुंबई Mar 09, 2018 10:35 PM IST

पूंजीगत लाभ कर के नए नियम लागू होने से पहले के तीन हफ्ते में कई कंपनियां आरंभिक सार्वजनिक निर्गम उतारने में जुटी हुई है। हालाङ्क्षक इस साल बैंकिंग घोटाले के बाद बाजार में आई कमजोरी के बीच नई सूचीबद्धता पर सुस्त प्रदर्शन निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है।

 

साल 2018 में पेश आधा दर्ज कंपनियों के आईपीओ की कीमत इश्यू प्राइस के मुकाबले औसतन 1.6 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा इन कंपनियों के शेयर अपने सर्वोच्च स्तर से औसतन 18 फीसदी नीचे आए हैं। शुक्रवार को भी कमजोर सूचीबद्धता का मामला जारी रहा और एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग का शेयर आज अपने इश्यू प्राइस से नीचे आ गया। एनएसई पर 1.6 फीसदी नीचे बंद होने से पहले यह शेयर सात फीसदी तक टूट गया था।

विशेषज्ञों ने कहा, इस साल आईपीओ का सुस्त प्रदर्शन आगामी आईपीओ में निवेशकों की भागीदारी को प्रभावित कर सकता है। कम से कम छह कंपनियां संयुक्त रूप से आगामी हफ्तों में आईपीओ के जरिए 100 अरब रुपये जुटा सकती हैं। इनमें बंधन बैंक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, बार्बीक्यू नेशन शामिल हैं। इसके अलावा दो सरकारी कंपनियां भारत डायनेमिक्स व हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स अगले हफ्ते आईपीओ पेश करेगी।

एक देसी ब्रोकरेज फर्म के अधिकारी ने कहा, कई कंपनियां इस महीने आईपीओ उतारना चाहती हैं जबकि यह समय अच्छा नहीं है। बाजार सर्वोच्च स्तर से काफी नीचे आया है। साथ ही इस साल नई सूचीबद्धता का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है।

इस महीने आईपीओ की कतार की आंशिक वजह 1 अप्रैल से लागू होने वाला 10 फीसदी दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर है। एलटीसीजी कर कई मामले में काफी ज्यादा होगा क्योंकि लाभ का आकलन अधिग्रहण लागत पर किया जाएगा, जो मोटे तौर पर प्रवर्तकों के लिए काफी कम होगा। यह मानना है विशेषज्ञों का।

एक निवेश बैंकर ने कहा, आईपीओ लाना लंबी प्रक्रिया है। इसमें नियामकीय जानकारी व मंजूरियां शामिल होती हैं। ऐसे में यह नहीं हो सकता कि कर बचाने के लिए कोई भी इस महीने आईपीओ पेश कर सकता है। हालांकि जिन कंपनियों को मंजूरी मिल गई है वह इस महीने आईपीओ पेश करना चाहती है।

जनवरी में सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा बेंचमार्क निफ्टी 10 फीसदी टूट चुका है। साथ ही एचजी इन्फ्रा से पहले इस साल सूचीबद्ध पांच कंपनियों के शेयर अपने सर्वोच्च स्तर से औसतन 20 फीसदी नीचे है। इस कमजोरी का असर आईपीओ में निवेशकों की भागीदारी पर पड़ेगा। साथ ही इस साल ज्यादातर आईपीओ के सबस्क्रिप्शन के आंकड़े कम उत्साहजनक रहे हैं। निवेश बैंकरों को हालांकि भरोसा है कि वे जो भी आईपीओ उतारेंगे वह कामयाब रहेगा।
कीवर्ड आरंभिक सार्वजनिक निर्गम, IPO, भारत डायनेमिक्स, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक