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एएमसी मूल्यांकन से एचडीएफसी शेयर को दम

श्रीपाद एस ऑटे |  Mar 25, 2018 10:02 PM IST

सरकारी और कुछ निजी निगमित ऋणदाताओं पर निवेशकों के घटते भरोसे के बीच ऐसी इकाइयां भी हैं, जिन्होंने अपने शेयरधारकों को निराश नहीं किया है। हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनैंस कॉर्पोरेशन (एचडीएफसी) ऐसा ही एक उदाहरण है। निफ्टी में शामिल सरकारी बैंकों के मुकाबले एचडीएफसी शेयर में पिछले एक साल के दौरान 30 प्रतिशत तेजी आई है। इसके मुकाबले सरकारी बैंकों के शेयर 13.5 प्रतिशत तेजी आई फिसले हैं। निजी निगमित ऋणदाताओं के शेयरों में करीब 15.3 प्रतिशत तेजी आई है। दिसंबर 2017 की तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करने के बाद कंपनी का सम-ऑफ-द-पाट्र्स (एसओटीपी) मूल्यांकन (अलग-अलग मूल्यांकन का योग) आकर्षक दिखता है।

 
एसओटीपी मूल्यांकन विधि में किसी मातृ कंपनी की सभी अनुषंगी या संबद्ध इकाइयों पर उनकी हिस्सेदारी के अनुसार विचार किया जाता है। सकारात्मक कारोबारी संभावनाओं के अलावा हाल के घटनाक्रम समेकित इकाई के ऊंचे मूल्यांकन के पक्ष में दिख रहे हैं। सबसे पहले कंपनी ने क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) और तरजीही आवंटन  के जरिये करीब 130 अरब रुपये की पूंजी जुटाई, जिससे इसकी बुक वैल्यू बढ़ गई। हालांकि इससे इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) मामूली रूप से कम जरूर होगा, लेकिन इससे मूल्यांकन में इजाफा होगा। बैंक और वित्तीय निगम का मूल्यांकन अक्सर उनके बुक वैल्यू के आधार पर होता है और इसमें बढ़ोतरी शेयर कीमत में अधिक क्षमता को दर्शाता है।
 
रिलायंस सिक्योरिटीज में विश्लेषक आशुतोष मिश्रा ने हाल में पूंजी जुटाने के बाद एचडीएफसी की बुक वैल्यू में 29 प्रतिशत तेजी आने की बात कही थी। पूंजी जुटाने से एचडीएफसी बैंक को भी लाभ होगा क्योंकि एचडीएफसी अपनी  बैंकिंग इकाई के तरजीही आवंटन निर्गम में भाग लेना चाहती है। एचडीएफसी बैंक में निवेश बढऩे से एचडीएफसी का मूल्यांकन बढ़ जाएगा। एचडीएफसी के एसओटीपी मूल्यांकन में एचडीएफसी बैंक का हिस्सा करीब 28 प्रतिशत है। एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एचडीएफसी एएमसी) के शेयर के सार्वजनिक आरंभिक निर्गम (आईपीओ) से भी मूल्यांकन बढ़ सकता है। एचडीएफसी एएमसी सहायक इकाई है, लेकिन एसओटीपी में मूल्यांकन अपेक्षाकृत कम है। एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होने के बाद एचडीएफसी एएमसी का मूल्यांकन (एंटरप्राइज वैल्यू) बढऩे की उम्मीद है, साथ ही इससे एचडीएफसी का मूल्यांकन भी बढ़ जाएगा। मिश्रा कहते हैं, 'एचडीएफसी एएमएसी की सूचीबद्धता से निश्चित तौर पर एचडीएफसी का मूल्यांकन बढ़ेगा। आम तौर पर खुलासे का स्तर बढऩे और बाजार आधारित मूल्य प्रभाव में आने से  सहायक इकाई या संबद्ध इकाइयों (यहां एचडीएफसी एएमएसी) का मूल्यांकन सूचीबद्धता के बाद बढ़ता है।' एचडीएफसी का मूल्यांकन करीब 300 अरब रुपये होने की उम्मीद है। एचडीएफसी की सामान्य बीमा इकाई का भी आईपीओ आने की उम्मीद है, जिससे मातृ कंपनी का मूल्यांकन और मजबूत होगा। 
 
इसके साथ ही साख और आय वृद्धि के लिहाज से दीर्घ अवधि की संभावनाएं मजबूत दिख रही हैं। ऋण उधारी खंड में अधिक अवसर, शहरीकरण में तेजी और सस्ती आवास योजना कंपनी के लिए अच्छी संभावनाएं सृजित कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2019 में ऋण आवंटन में 17.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं शुद्ध ब्याज आय और शुद्ध मुनाफे दोनों में कम से कम 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है। मूल्यांकन और पूरे कारोबार को लेकर सकारात्मक परिदृश्य और शेयर के प्रति ब्रोकरेज कंपनियों के उत्साह को देखते हुए निवेशक दीर्घ अवधि के लिए एचडीएफसी पर विचार कर सकते हैं। 
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