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निवेशकों को रास नहीं आया फोर्टिस सौदा

उज्ज्वल जौहरी |  Apr 01, 2018 08:48 PM IST

शेयर में अाई गिरावट

फोर्टिस हेल्थकेयर के विलय की खबर मंगलवार शाम आई और इसके बाद अगले दिन बुधवार को शेयर 13.5 प्रतिशत गिरकर 125.80 रुपये पर बंद हुआ। गुरुवार और शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहे। फोर्टिस हॉस्पिटल्स का कारोबार मूल्यांकन के मोर्चे पर निराशा की प्रमुख वजह रही है, क्योंकि बाजार का मानना है कि यह (मूल्यांकन) शेयरधारकों के हित में नहीं है। इस सौदे के तहत फोर्टिस का हॉस्पिटल कारोबार मणिपाल हॉस्पिटल्स के साथ विलय कर दिया गया है। एक बड़ी इकाई होने के बावजूद कारोबार का मूल्यांकन कम कीमतों पर किया जा रहा है। सौदे की कुल कीमत करीब 150 अरब रुपये है, जबकि फोर्टिस का हॉस्पिटल कारोबार का मूल्यांकन 50 अरब रुपये है। इसी तरह, मणिपाल हॉस्पिटल्स का मूल्यांकन 60 अरब रुपये है। सौदे के बाद अस्तित्व में आने वाली इकाई में प्रवर्तक मणिपाल हॉस्पिटल्स और ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी कंपनी टीपीजी-समर्थित फंड 39 अरब रुपये देंगी।

फोर्टिस 31 अस्पतालों का परिचालन कर रही है, लेकिन इसकी तुलना में केवल 14 अस्पतालों का परिचालन करने वाली मणिपाल को अधिक तवज्जो दी जा रही है। बाजार को यह बात नागवार गुजरी है। उदाहरण के लिए वित्त वर्ष 2018 के पहले नौ महीने में फोर्टिस ने 28.15 अरब रुपये राजस्व अर्जित किया है, जबकि मणिपाल के लिए यह आंकड़ा महज 11.6 अरब रुपये रहा है। हालांकि मणिपाल का कारोबार फोर्टिस के मुकाबले अधिक मुनाफा कमा रहा है। इतना ही नहीं, फोर्टिस की जांच भी चल रही है। प्रबंधन का कहना है कि कुल मिलाकर फोर्टिस के हॉस्पिटल कारोबार का प्रति शेयर मूल्य 96.2 रुपये होता है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बाजार की उम्मीदों से कम है। इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम का कहना है कि मूल्यांकन फोर्टिस के निवेशकों के पक्ष में नहीं लग रहा है। अगर शेयर लुढ़का है तो इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। 

सौदे की शर्त के तहत फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरधारकों को शेयर नई इकाई में रखना होगा। फोर्टिस हेल्थकेयर में प्रत्येक 100 शेयरों के लिए शेयरधारकों को विलय के बाद नई इकाई (जो बाद में सूचीबद्ध होगी) के 10.83 शेयर जारी किए जाएंगे। मणिपाल हॉस्पिटल्स और टीपीजी कैपिटल (इसकी मणिपाल हॉस्पिटल्स में 20.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है) के प्रवर्तकों द्वारा 39 अरब रुपये निवेश का इस्तेमाल एसआरएल में 50.9 प्रतिशत हिस्सेदारी (फोर्टिस हेल्थकेयर से 20 प्रतिशत और अन्य से 30.9 प्रतिशत) और एचआरटी परिसंपत्तियां खरीदने में होगा। लिहाजा फोर्टिस शेयरधारकों को मालिकाना नियंत्रण और इन कारोबारों में वृद्धि से लागतार लाभ मिलता रहेगा। 

फोर्टिस के प्रबंधन का कहना है कि सिंगापुर में सूचीबद्ध आरएचटी हेल्थ ट्रस्ट के अधिग्रहण के बाद कंपनी के करीब 6.5 प्रतिशत परिचालन मुनाफा मार्जिन में और मजबूती आएगी। इन सकारात्मक बातों (यह मानते हुए कि फोर्टिस ने अपने दम पर आरएचटी का अधिग्रहण कर लिया है) से इसका परिचालन मुनाफा मार्जिन बढ़कर 11 से 12 प्रतिशत (मणिपाल के 16 प्रतिशत के करीब) हो गया होता। हालांकि नोमूरा के विश्लेषकों ने जैसा पहले कहा था, मणिपाल आरएचटी का अधिग्रहण इक्विटी पोषण के माध्यम से करवा रही है, जो अच्छी बात होगी। विश्लेषकों के अनुसार फोर्टिस का बही-खाता इस बड़े सौदे के लिए मजबूत नहीं है। 

दूसरे शब्दों में कहें तो इसके लिए कीमत अदा कर रहे हैं। फोर्टिस हेल्थकेयर को इस बात से सुकून मिल सकता है कि वह अब एक मुनाफे में चलने वाली बड़ी हॉस्पिटल शृंखला का हिस्सा हो गई है। फोर्टिस में 4,685 बेड हैं, जबकि मणिपाल हॉस्पिटल्स में 2,973 बेड और 3,413 टीचिंग बेड हैं। नोमुरा का यह भी कहना है कि बड़ी टॢशयरी केयर हॉस्पिटल चलाने में मणिपाल का प्रदर्शन अच्छा रहा है। प्रवर्तकों की साफ-सुथरी छवि से भी बेहतर मूल्यांकन अर्जित होना चाहिए। 
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