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क्रिप्टो करेंसी में निवेश-निकासी के विकल्प

संजय कुमार सिंह |  Apr 08, 2018 09:46 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियमन के दायरे में आने वाली उन वित्तीय कंपनियों पर यह रोक लगा दी है जिनके उन निजी कंपनियों से वित्तीय लेनदेन वाले संबंध हैं जो क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन करती हैं। इससे इन डिजिटल करेंसी के निवेशक असमंजस में हैं। इस रोक का मतलब है कि अगर निवेशक इन एक्सचेंजों पर अपनी क्रिप्टो करेंसी बेचते हैं तो इस लेनदेन से प्राप्त होने वाला पैसा उनके बैंक खाते में नहीं आ सकता। यहां कुछ ऐसे विकल्प बताए जा रहे हैं, जिनके बारे में ऐसे निवेशक विचार कर सकते हैं।

 
पहला, वे अपनी क्रिप्टो करेंसी विदेश में रहने वाले अपने परिवार के किसी सदस्य या दोस्त को वर्तमान कीमतों पर बेच सकते हैं। यह व्यक्ति आपके एक्सचेंज पर जाकर आपकी क्रिप्टो करेंसी खरीद सकता है और आप उसे 'प्राइवेट की' हस्तांतरित कर सकते हैं। इसके बाद वह व्यक्ति अपने खाते से आपके खाते में धन का हस्तांतरित कर देगा।  दूसरा विकल्प अपनी क्रिप्टो करेंसी को एक्सचेंज पर किसी अन्य निवेशक को बेचना है, लेकिन एक्सचेंज इस लेनदेन के लिए आपसे कमीशन वसूल करेगा। दूसरे शब्दों में वह निवेशक आपसे वर्तमान कीमतों से 5 से 10 फीसदी कम पर खरीद करेगा। जिन लोगों के पास बड़ी मात्रा में क्रिप्टो करेंसी हैं, उन्हें इस तरीके को अपनाना चाहिए। आपको वेब पर जाकर क्रेग्सलिस्ट जैसी साइटों पर खरीदार तलाशने होंगे। अन्य शब्दों में आपको एक अनौचपारिक कारोबारी नेटवर्क पर निर्भर रहना होगा। ऐसे निराशाजनक माहौल में थोड़ा सुकून देने वाली बात यह है कि क्रिप्टो करेंसी या इनका कारोबार करने वाले एक्सचेंजों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। अगर आपकी क्रिप्टो करेंसी आपके एक्सचेंज के वॉलेट में है तो आप अब भी उन तक पहुंच सकते हैं। अगर ये एक्सचेंज रातोरात बंद हो जाएं या भाग जाएं तो आप इससे पहले ही अपनी 'प्राइवेट की' तत्काल अपने पास ले लें। 
 
बहुत से भारतीय निवेशकों के खाते अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजों में हैं। वे भारत में जारी अंतरराष्ट्रीय डेबिट और क्रेडिट कार्डों से क्रिप्टो करेंसी खरीदते हैं। ऐसे आसार हैं कि ये एक्सचेंज भी भारतीय क्रेडिट और डेबिट कार्डों को स्वीकार न करें। बहुत से अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों ने उन देशों के लोगों के साथ लेनदेन बंद कर दिया है, जहां क्रिप्टो करेेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर वे लेनदेन जारी रखते हैं तो आप अपने क्रेडिट कार्ड से क्रिप्टो करेंसी खरीद पाएंगे, लेकिन उन्हें बेच नहीं पाएंगे। अगर आप बेचते हैं तो पैसा आपके भारतीय बैंक में खाते में आना चाहिए, लेकिन इस स्तर पर जोखिम है। अगर भारत के बैंक को यह पता चलता है कि यह पैसा विदेश के क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के खाते से आया है तो वह इसे स्वीकार करने से इनकार कर सकता है और आपका पैसा विदेश में अटक सकता है। भारतीय क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजों के लिए केवल नकद में लेनदेन से अपना वजूद बनाए रखना मुश्किल होगा क्योंकि इसमें बड़ी धनराशि का लेनदेन होता है और इन करेंसी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना रहता है। इस बात के आसार हैं कि ये एक्सचेंज आरबीआई और सरकार से बातचीत करेंगे और इस कारोबार से खुद के साफ-सुथरे निकलने की मंजूरी मांगेंगे। इसका मतलब है कि वे अपने निवेशकों की क्रिप्टो करेंसी बेचने और उन्हें धन लौटाने के लिए समय देने का आग्रह करेंगे, जिसके बाद वे अपना परिचालन बंद कर देंगे या संभवतया विदेश में अपना अड्डा बनाएंगे।
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