होम » Investments
«वापस

कीमतें बढऩे से ओनएजीसी की बढ़ेगी कमाई

उज्ज्वल जौहरी |  Apr 22, 2018 09:57 PM IST

तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का शेयर पिछले एक साल में बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स के मुकाबले खासा कमजोर रहा है। दीगर बात है कि इस अवधि के दौरान कच्चे तेल की की कीमतों में तेजी दर्ज हुई थी। हालांकि पिछले सप्ताह हालात जरूर बदले हैं, जिनसे तेल एवं गैस कारोबार की संभावनाएं सुधरी हैं। अगर ऐसा रुझान आगे भी बरकरार रहा तो ओएनजीसी के निवेशकों को बेहतर प्रतिफल मिल सकता है।  हालांकि फिलहाल यह मालूम नहीं है कि तेल कीमतें तेजी से बढऩे की स्थिति में क्या सरकार कंपनी को सब्सिडी का बोझ वहन करने के लिए कहेगी या नहीं। यह उन कारणों में एक है, जिसे लेकर बाजार सरकारी तेल उत्पादकों- ओएनजीसी और तीन तेल विपणन कंपनियों हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और इंडियन ऑयल (आईओसी) को लेकर सतर्क है। फिलहाल विश्लेषक यह मान कर चल रहे हैं कि ऐसा नहीं होगा। उनका मानना है कि ओएनजीसी को कच्चे तेल की की बढ़ती कीमतों और उत्पादन में इजाफे का लाभ मिल सकता है।

 
घरेलू गैस उत्पादन क्षेत्रों में गैस कीमतें वित्त वर्ष 2018 की दूसरी छमाही के 2.89 डॉलर प्रति एमबीटीयू के मुकाबले वित्त वर्ष 2019 की पहली छमाही में संशोधित कर 3.06 डॉलर प्रति एमबीटीयू किए जाने से गैस कंपनियां फायदे में रह सकती हैं। विभिन्न क्षेत्रों से उत्पादित गैस की कीमतों की सीमा 7.6 प्रतिशत बढ़ाकर 6.78 डॉलर प्रति एमबीटीयू कर दी गई है। इससे तेल उत्पादक कंपनियों जैसे ओएनजीसी, ऑयल इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज को और फायदा मिलना चाहिए। इससे उनकी कमाई में अतिरिक्त इजाफा होगा। 
 
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा है कि गैस कीमतों में वृद्धि से ये कंपनियां गैस उत्पादन की दिशा में अधिक सक्रिया हो जाएंगी। अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनियों में ओएनजीसी को सबसे अधिक लाभ होगा। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि वित्त वर्ष 2018 में देश में हुए कुल गैस उत्पादन में कंपनी की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2019 में गैस कीमतें सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 3.6 डॉलर प्रति एमबीटीयू रहने की उम्मीद है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि वित्त वर्ष 2019 में कंपनी की कमाई प्रति शेयर 1.3 रुपये या 5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। शेयरखान के अभिजित बोरा को भी ऐसा ही लग रहा है। उन्होंने कहा कि गैस कीमतों में मौजूदा वृद्धि से वित्त वर्ष 2019 में ओएनजीसी की आय सालाना आधार पर 5.49 अरब रुपये रह सकती हैं। 
 
ओएनजीसी का गैस उत्पादन भी बढ़ रहा है और इसे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का फायदा मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि पहले उत्पादन कम रहा था, लेकिन अब अगले तीन से चार सालों के दौरान इसमें सालाना 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। उन्हें वित्त वर्ष 2017 से 2020 के बीच कमाई में सालाना 17 प्रतिशत इजाफे की उम्मीद है। ओएनजीसी के लिए मार्च तिमाही भी बेहतर रहने की उम्मीद है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का अनुमान है कि कंपनी की शुद्ध आय क्रमागत आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 63.4 अरब रुपये हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतें बढऩे के साथ ही बाजार को सब्सिडी साझा करने का बोझ बढऩे का भी डर लग रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह जोखिम तभी रहेगा जब कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल स्तर के ऊपर बरकरार रहता है। मौजदूा स्तरों के मद्देनजर बोरा का कहना है कि सब्सिडी साझा करने वाली मौजूदा व्यवस्था के तहत (सरकार केरोसिन पर 12 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस पर 15 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी देती है) ओएनजीसी के लिए शुद्ध तेल प्राप्ति 60-63 डॉलर प्रति बैरल रहेगी। 
 
मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों का कहना है कि ऑयल इंडिया से इतर ओएनजीसी के तेल एवं गैस उत्पादन में तेजी आ रही है। इस ब्रोकरेज कंपनी का कहना है कि कंपनी का उत्पादन कौशल बढऩे से परिचालन व्यय में कमी आ सकती है, क्योंकि अगले तीन से चार साल के दौरान गैस उत्पादन में सालाना 10 से 15 प्रतिशत वृद्धि होने की उम्मीद है। उनके अनुसार ओएनजीसी का तेल उत्पादन भी बढ़ सकता है।  कच्चा तेल और इसके 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने रहने पर सबकी नजर होगी, क्योंकि ऐसा हुआ तो सब्सिडी साझा करने का जोखिम बना रहेगा, जिससे शेयर के लिए तेजी दर्ज करना मुमकिन नहीं होगा। अगर सरकार तेल कंपनियों को सब्सिडी साझा करने के लिए दबाव डालती है तो शेयर में गिरावट आ सकती है। 
कीवर्ड ONGC, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक